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93 केंद्रों पर 28 दिन में गेहूं खरीद सिफर
अमर उजाला ब्यूरो, सितारगंज।
Updated Sat, 29 Apr 2017 12:59 AM IST
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सितारगंज मंडी में खाली पड़ा सहकारिता विभाग का गेहूं खरीद सेंटर।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में गेहूं खरीदने के लिए 95 केंद्र बनाए गए हैं। मात्र दो केंद्रों को छोड़कर 93 केंद्रों पर 28 दिन में गेहूं का एक दाना भी नहीं तोला जा सका है, जबकि पिछले सीजन में सात हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई थी। केंद्रों पर गेहूं न आने के कारण श्रमिक दिन भर खाली बैठे हैं।
इसकी वजह किसानों को बाजार में सरकारी मूल्य से अधिक और नगद भुगतान मिल रहा है। इस बार सरकारी मूल्य 1600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जिले में गेहूं खरीद के लिए सहकारिता विभाग ने 78 और यूसीएफ ने 17 सेंटर स्थापित किए हैं।
गेहूं की उपज बाजार में आने के साथ ही एक अप्रैल से सरकारी केंद्रों पर भी खरीद आरंभ कर दी गई। सभी केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए पर्याप्त बारदाना, कांटा-बाट और लेवर मौजूद है। इसके अलावा एक-एक केंद्र प्रभारी व एक-एक सहायक केंद्र प्रभारी भी तैनात किया गया है।
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काशीपुर के लोहियापुर स्थित दक्षिणी किसान सेवा समिति के केंद्र पर 22.50 क्विंटल और जसपुर के बालकपुर में लगे केंद्र पर 122 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। इसके अलावा 93 खरीद केंद्रों पर गेहूं का एक भी दाना नहीं तुला है।
माना जा रहा है कि बीज फर्मों और व्यापारियों द्वारा सरकारी मूल्य (1625 रुपये) से अधिक 1900 से लेकर 2000 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। इस वजह से किसान बाजार या फिर बीज फर्मों को गेहूं बेच रहे हैं। इस बार राज्य सरकार को गेहूं की किल्लत से जूझना पड़ सकता है।
475 मजदूर खाली बैठे
सितारगंज। सहकारिता विभाग व यूसीएफ द्वारा जिले के 95 गेहूं खरीद केंद्रों पर करीब 475 मजदूरों को गेहूं तौलने में लगाया गया है। लेकिन, केंद्रों पर गेहूं न आने के कारण ये मजदूर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। उनके समक्ष भी रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। ब्यूरो
जिले में खोले गए गेहूं खरीद केंद्र
तहसील केंद्रों की संख्या
सितारगंज 09
रुद्रपुर/किच्छा 09
खटीमा 20
गदरपुर 11
बाजपुर 10
काशीपुर 10
जसपुर 09
--------------------------
कुल 78
(सहकारिता विभाग के उक्त सेंटरों के अलावा यूसीएफ ने भी जिले में 17 सेंटर खोले हैं।)
गेहूं का सरकारी मूल्य बाजार मूल्य से कम होने के कारण इस बार किसान सेंटरों पर गेहूं बेचने नहीं पहुंचे। इस कारण सेंटरों पर गेहूं की खरीद नहीं हो सकी।
मान सिंह सैनी, जिला सहायक निबंधक, सहकारिता विभाग, ऊधम सिंह नगर
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इसकी वजह किसानों को बाजार में सरकारी मूल्य से अधिक और नगद भुगतान मिल रहा है। इस बार सरकारी मूल्य 1600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जिले में गेहूं खरीद के लिए सहकारिता विभाग ने 78 और यूसीएफ ने 17 सेंटर स्थापित किए हैं।
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गेहूं की उपज बाजार में आने के साथ ही एक अप्रैल से सरकारी केंद्रों पर भी खरीद आरंभ कर दी गई। सभी केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए पर्याप्त बारदाना, कांटा-बाट और लेवर मौजूद है। इसके अलावा एक-एक केंद्र प्रभारी व एक-एक सहायक केंद्र प्रभारी भी तैनात किया गया है।
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काशीपुर के लोहियापुर स्थित दक्षिणी किसान सेवा समिति के केंद्र पर 22.50 क्विंटल और जसपुर के बालकपुर में लगे केंद्र पर 122 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। इसके अलावा 93 खरीद केंद्रों पर गेहूं का एक भी दाना नहीं तुला है।
माना जा रहा है कि बीज फर्मों और व्यापारियों द्वारा सरकारी मूल्य (1625 रुपये) से अधिक 1900 से लेकर 2000 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। इस वजह से किसान बाजार या फिर बीज फर्मों को गेहूं बेच रहे हैं। इस बार राज्य सरकार को गेहूं की किल्लत से जूझना पड़ सकता है।
475 मजदूर खाली बैठे
सितारगंज। सहकारिता विभाग व यूसीएफ द्वारा जिले के 95 गेहूं खरीद केंद्रों पर करीब 475 मजदूरों को गेहूं तौलने में लगाया गया है। लेकिन, केंद्रों पर गेहूं न आने के कारण ये मजदूर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। उनके समक्ष भी रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। ब्यूरो
जिले में खोले गए गेहूं खरीद केंद्र
तहसील केंद्रों की संख्या
सितारगंज 09
रुद्रपुर/किच्छा 09
खटीमा 20
गदरपुर 11
बाजपुर 10
काशीपुर 10
जसपुर 09
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कुल 78
(सहकारिता विभाग के उक्त सेंटरों के अलावा यूसीएफ ने भी जिले में 17 सेंटर खोले हैं।)
गेहूं का सरकारी मूल्य बाजार मूल्य से कम होने के कारण इस बार किसान सेंटरों पर गेहूं बेचने नहीं पहुंचे। इस कारण सेंटरों पर गेहूं की खरीद नहीं हो सकी।
मान सिंह सैनी, जिला सहायक निबंधक, सहकारिता विभाग, ऊधम सिंह नगर