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उत्तराखंड पुलिस में आत्मबल बढ़ाना बड़ी चुनौती

Wed, 25 May 2016 11:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर Updated Wed, 25 May 2016 11:38 AM IST
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Uttarakhand police to increase self-challenge
डीजीपी - फोटो : अमर उजाला

किसी भी इंसान को उसकी मंजिल तक पहुंचाने में स्पीरिचुअल स्ट्रैंथ (आत्मबल) का सबसे बड़ा योगदान होता है। सीमा पर तैनात जवान हो या फिर जनता की सुरक्षा में लगा पुलिस का सिपाही, अगर उसकी स्पीरिचुअल स्ट्रैंथ कम होगी तो वह हमेशा ही दुविधा की स्थिति में फंसा रहता है। 

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कुछ ऐसी ही हालत उत्तराखंड मित्र पुलिस की भी हो गई है। खुद पुलिस महकमे के मुखिया ने इस बात को स्वीकार किया है कि पुलिस का आत्मबल जगाना आज सबसे बड़ी चुनौती है। हालांकि वह यह कहने से भी नहीं चूके कि पुलिस बेहतर ढंग से काम कर रहे हैं। रुद्रपुर पहुंचे डीजीपी एमए गणपति ने बातचीत में कहा कि पुलिस में आत्मबल की कमी है।
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 उत्तराखंड मित्र पुलिस में आत्मबल की कमी उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बनकर उभर रही है। इसी कारण से पुलिस का मोरल भी डाउन कर रहा है। सवाल उठता है कि पुलिस के आत्मबल में कमी आने की वजह क्या है। नए डीजीपी मनिपंडा ए. गणपति पुलिस की मनोदशा को भलीभांति समझ चुके हैं। उन्होंने अपने रुद्रपुर दौरे के दौरान इसका खुलासा भी कर दिया। 
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पिछली घटनाएं तो नहीं वजहें
पुलिस कर्मियों में आत्मबल में कमी आने की कई वजहें हो सकती हैं। देहरादून के बहुचर्चित रणवीर एनकाउंटर में पुलिस कर्मियों को सजा होने के बाद तो कहीं पुलिस कर्मियों का आत्मबल नहीं टूट गया। गदरपुर में सिपाही बसंत बोरा हत्याकांड के अलावा काशीपुर में बदमाशों से मुठभेड़ में दो सिपाहियों का घायल होना भी इसका एक कारण हो सकता है। इसके अलावा अधिकारियों का अनावश्यक दबाव और कार्रवाई का डर आत्मबल में कमी का सबसे बड़ा कारण हो सकता है।

बदला-बदला नजर आया एसएसपी दफ्तर
पुलिस महकमे के मुखिया के स्वागत में एसएसपी दफ्तर का नजारा मंगलवार को काफी बदला-बदला नजर आया। सभी अधिकारी और कर्मचारी अप टू डेट नजर आए। इतना ही नहीं एसएसपी कार्यालय का मुख्य गेट भी चमका-चमका दिखाई दिया। दफ्तर के साथ ही पूरे परिसर की चाक चौबंद सफाई की गई थी। कहीं पर भी एक पत्ता नजर नहीं आया। दफ्तर के बाहर बिछी हरे रंग की पट्टी एसएसपी कार्यालय की शोभा में चार चांद लगा रही थी। 

डीजीपी की सादगी के सभी हुए कायल
पुलिस महानिदेशक मनिपंडा ए. गणपति की सादगी के सभी कायल नजर आए। जनपद भ्रमण के दौरान डीजीपी काशीपुर स्थित आईजीएल फैक्ट्री के गेस्ट हाउस में ठहरे तो उनके लिए होटल से खाना मंगवाया गया लेकिन उन्होंने होटल का खाना खाने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने सरकारी खाने की ही इच्छा जाहिर की और रुद्रपुर पहुंचकर पीएसी गेस्टहाउस में कुछ क्षण विश्राम करने के बाद खाना खाया।


एएसपी दस्तावेजों और कार्यों की लेते रहे जानकारी
डीजीपी एमए गणपति के जिला मुख्यालय पहुंचने पर अपर पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट और कमलेश उपाध्याय के अलावा सीओ राजेश भट्ट दस्तावेजों और कार्यों की पल-पल की जानकारी लेते दिखाई दिए। इसके अलावा कर्मचारियों को समय-समय पर अप टू डेट रहने की नसीहत भी देते नजर आए। तीनों अधिकारी मंगलवार को खासे चौकस दिखाई दिए।

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