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नवजात शिशु की मौत पर हंगामा
अमर उजाला ब्ययसितारगंज
Updated Tue, 09 Aug 2016 01:01 AM IST
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सितारगंज में अस्पताल में प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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नवजात शिशु (बेटी) की मौत से आक्रोशित परिजनों ने सरकारी अस्पताल में जमकर हंगामा काटा। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज न करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करते प्रदर्शन किया और चिकित्साधिकारी को घेर आरोपी लेडी डाक्टर को हटाने की मांग की। इसके बाद परिजन एसडीएम से मिले और आरोपी डॉक्टर को हटाने और मुआवजा दिए जाने की मांग की।
सोमवार सुबह करीब चार बजे वार्ड संख्या चार निवासी तहसीम अहमद पुत्र बाबू मंसूरी की पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। जिससे बच्चे की डिलीवरी घर पर ही हो गई। सुबह करीब 10 बजे नवजात का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। इस पर परिजन नवजात को लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां महिला डॉक्टर ने नवजात को देखने से मना कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि लाख मिन्नतों पर भी महिला डॉक्टर ने नवजात को नहीं देखा और उन्हें अस्पताल के नौ नंबर कमरे में चिकित्साधिकारी को दिखाने की बात कहते हुए दरवाजा बंद कर लिया। परिजन नवजात को लेकर नौ नंबर कमरे में पहुंचे। यहां डा. हर्ष सिंह ऐरी ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।
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इस पर परिजनों का पारा चढ़ गया और उन्होंने महिला डॉक्टर के खिलाफ जमकर हंगामा काटा। साथ ही अस्पताल गेट पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने चिकित्साधिकारी डॉ. हर्ष सिंह ऐरी का घेराव किया। जिस पर डॉ. ऐरी ने जांच कर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके बाद परिजन एसडीएम अनिल शुक्ला से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने आरोपी डॉक्टर को हटाने और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की। चेतावनी दी अगर, जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। वहां प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष जिलानी अंसारी, तस्लीम मंसूरी, नसीम अहमद, जाकिर अंसारी, मनदीप सिंह, आरिफ अंसारी, सोनू मंसूरी आदि थे।
सीएचसी की आरोपी डाक्टर पूर्व में भी विवादों के घेरे में रही है। डॉक्टर पर डिलीवरी के दौरान गर्भवती से अभद्रता या फिर इलाज में लापरवाही के आए दिन आरोप लगते रहते हैं। जिसको लेकर कई बार अस्पताल में हंगामा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें अस्पताल से हटा भी दिया था। लेकिन, अब फिर उनका सीएचसी में ही तैनाती दी गई है।
सीएचसी में लेडी डाक्टर की एक पोस्ट है। लेकिन, वर्तमान में तीन डॉक्टर नियुक्त हैं। जबकि, राजकीय महिला चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शक्तिफार्म और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नानकमत्ता में महिला डॉक्टर के पद खाली हैं। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. हर्ष सिंह ऐरी से इस संबंध में पूछने पर उन्होंने बताया कि सीएचसी में एक महिला डॉक्टर स्थायी रूप से तैनात हैं। स्वास्थ्य निदेशालय से संविदा पर दो लेडी डाक्टर और नियुक्त की गई हैं।
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सोमवार सुबह करीब चार बजे वार्ड संख्या चार निवासी तहसीम अहमद पुत्र बाबू मंसूरी की पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। जिससे बच्चे की डिलीवरी घर पर ही हो गई। सुबह करीब 10 बजे नवजात का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। इस पर परिजन नवजात को लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां महिला डॉक्टर ने नवजात को देखने से मना कर दिया।
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परिजनों का आरोप है कि लाख मिन्नतों पर भी महिला डॉक्टर ने नवजात को नहीं देखा और उन्हें अस्पताल के नौ नंबर कमरे में चिकित्साधिकारी को दिखाने की बात कहते हुए दरवाजा बंद कर लिया। परिजन नवजात को लेकर नौ नंबर कमरे में पहुंचे। यहां डा. हर्ष सिंह ऐरी ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।
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इस पर परिजनों का पारा चढ़ गया और उन्होंने महिला डॉक्टर के खिलाफ जमकर हंगामा काटा। साथ ही अस्पताल गेट पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने चिकित्साधिकारी डॉ. हर्ष सिंह ऐरी का घेराव किया। जिस पर डॉ. ऐरी ने जांच कर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके बाद परिजन एसडीएम अनिल शुक्ला से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने आरोपी डॉक्टर को हटाने और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की। चेतावनी दी अगर, जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। वहां प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष जिलानी अंसारी, तस्लीम मंसूरी, नसीम अहमद, जाकिर अंसारी, मनदीप सिंह, आरिफ अंसारी, सोनू मंसूरी आदि थे।
सीएचसी की आरोपी डाक्टर पूर्व में भी विवादों के घेरे में रही है। डॉक्टर पर डिलीवरी के दौरान गर्भवती से अभद्रता या फिर इलाज में लापरवाही के आए दिन आरोप लगते रहते हैं। जिसको लेकर कई बार अस्पताल में हंगामा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें अस्पताल से हटा भी दिया था। लेकिन, अब फिर उनका सीएचसी में ही तैनाती दी गई है।
सीएचसी में लेडी डाक्टर की एक पोस्ट है। लेकिन, वर्तमान में तीन डॉक्टर नियुक्त हैं। जबकि, राजकीय महिला चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शक्तिफार्म और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नानकमत्ता में महिला डॉक्टर के पद खाली हैं। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. हर्ष सिंह ऐरी से इस संबंध में पूछने पर उन्होंने बताया कि सीएचसी में एक महिला डॉक्टर स्थायी रूप से तैनात हैं। स्वास्थ्य निदेशालय से संविदा पर दो लेडी डाक्टर और नियुक्त की गई हैं।