रुद्रपुर। यूपी से फर्जी अभिलेखों के आधार पर ईंटों को लाकर किए जा रहे कारोबार में बड़े पैमाने पर हो रही जीएसटी चोरी पकड़ी गई है। टीम ने रुद्रपुर, पुलभट्टा, खटीमा और काशीपुर में यूपी के भट्ठो से लाई जा रही ईंटों की 35 गाड़ियां पकड़ी तो खेल उजागर हुआ। टीम ने वाहन चालकों से मिले दस्तावेजों का सत्यापन किया तो फर्जी पाए गए। इसके बाद टीम ने वाहन जब्त कर प्रति वाहन 20 हजार रुपये जुर्माना लगाने की कार्यवाही के साथ ही ईंटों की सैम्पलिंग की है। इन सैम्पलों को जांच के लिए केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की भिजवाया जाएगा।
राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर/एसटीएफ प्रभारी रजनीश यशवस्थी ने बताया कि यूपी के भट्ठों से बड़े पैमाने पर जिले में ईंटें लाकर बेचा जाता है। लेकिन इसकी एवज में जीएसटी नहीं चुकाई जाती है। सोमवार की रात रुद्रपुर बॉर्डर पर यूपी से लाई जा रही ईंटें लदी 12 गाड़ियां पकड़ी गई थी। चालकों ने बताया कि ग्राहकों ने भवन निर्माण के लिए ईंटें मंगवाई हैं। लेकिन जब चालकों के दिये आधार नम्बर का धरातल में सत्यापन किया गया तो वहां कोई निर्माण होता नहीं मिला। जीएसटी नम्बर होने के बावजूद वे आधार कार्ड में ईंट ला रहे थे। ये ईंटें कारोबारी मंगवाकर बेच रहे थे।इसके बाद किच्छा, खटीमा, काशीपुर में कुल 35 गाड़ियां पकड़ी गई हैं। सभी गाड़ियों पर 20 हजार प्रति वाहन जुर्माना वसूला जाएगा। बताया कि बिलों में ईंटों की गुणवत्ता निम्न दर्शायी गयी है। अगर सैम्पल रिपोर्ट में गुणवत्ता उच्च कोटि मिलती है तो यूपी के भट्ठा संचालकों पर कार्यवाही की जाएगी। बताया कि जीएसटी चोरी कर कारोबार करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। ये कार्यवाही अभी चल रही है।