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दो साल बाद निगम ने प्रोसेसिंग प्लांट की जमीन पर लिया कब्जा
Fri, 05 Jul 2019 12:08 AM IST
yashwant yashwant
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: yashwant yashwant
Updated Fri, 05 Jul 2019 12:08 AM IST
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रुद्रपुर में प्रोसेसिंग प्लांट के लिए प्रस्तावित भूमि पर कब्जा लेते मेयर व नगर आयुक्त।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आखिर पांच साल की लंबी जद्दोजहद के बाद रुद्रपुर नगर निगम ने बृहस्पतिवार को फाजलपुर महरौला में प्रोसेसिंग प्लांट के लिए प्रस्तावित जमीन पर कड़ी सुरक्षा के बीच कब्जा ले लिया। निगम और राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की नापजोख कर पिलरों से घेराबंदी कर दी। यह प्रोसेसिंग प्लांट के लिए नगर निगम को यह भूमि 30 वर्ष के लिए लीज पर मिली है।
अमर उजाला ने रुद्रपुर के किच्छा मार्ग स्थित ट्रचिंग ग्राउंड से जनता को हो रही समस्या को देेखते हुए 18 जून से जनहित में इस समाचार की श्रृंखला प्रकाशित की। इसके बाद नगर निगम व स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने कूड़ा निस्तारण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट के लिए प्रस्तावित जमीन पर कब्जा प्राप्त करने के प्रयास शुरू कर दिए थे। प्रस्तावित भूमि पर कूड़ा निस्तारण प्लांट के विरुद्ध कोर्ट में दायर दोनों याचिकाओं के खारिज होने के करीब एक साल बाद बृहस्पतिवार को नगर निगम ने पुुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में फाजलपुर महरौला स्थित वर्ग चार करीब 11 एकड़ भूमि को कब्जे में लिया। यह प्रकिया करीब चार घंटे तक चली। मेयर रामपाल सिंह ने कहा कि इसके खिलाफ कोलंबस शिक्षा समिति व साहिब सिंह नामक व्यक्ति ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिसे करीब एक वर्ष पूर्व कोर्ट ने खारिज कर दिया था। मेयर ने कहा कि मार्च 2017 में इस जमीन के लिए नगर निगम ने राजकीय कोष में तीन करोड़, 68 लाख, 15 हजार रुपये जमा किये थे। जबकि इस स्थान पर प्रोसेसिंग प्लांट बनाने के लिए पिछले करीब पांच सालों से प्रयास किये जा रहे थे। उन्होंने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2016 के तहत निर्माण कराया जाएगा। जल्द ही डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जाएगी। एक साल के भीतर प्रोसेसिंग प्लांट तैयार होने की उम्मीद है। वहां पर नगर आयुक्त जयभारत सिंह, एसडीएम मुक्ता मिश्रा, यूएनए रिंकू बिष्ट, सफाई निरीक्षक संजय शर्मा, कर निरीक्षक बीसी रेखाड़ी, कोतवाल केसी भट्ट आदि थे।
मेयर का शहर वासियों को संदेश
हम शहर को स्वच्छ रखने का प्रयास कर रहे हैं। प्रोसेसिंग प्लांट बनने से आसपास के लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। प्रोसेसिंग प्लांट में कूड़े के ढेर को जमा नहीं होने दिया जाएगा। यहां दो से तीन करोड़ रुपये की लागत से कंपोस्टिंग, प्रोसेसिंग मशीन, कॉम्पेक्टर लगाये जाएंगे। प्लांट के चारों तरफ ग्रीन बेल्ट में करीब 45 फीट ऊंचे बांस के पेड़ लगाये जाएंगे। प्रोसेसिंग प्लांट के भीतर का हिस्सा नजर तक नहीं आएगा। जनहित के इस कार्य में शहरवासी नगर निगम का सहयोग करें।
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किच्छा मार्ग स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड की जमीन बनेगा पार्क
रुद्रपुर। किच्छा स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड को साफ कर वहां जनहित में पार्क बनाने के साथ ही पौधरोपण भी किया जाएगा। नगर आयुक्त जयभारत ने कहा सार्वजनिक पार्क बनने से शहर की खूबसूरती में चार चांद लग जाएंगे।
सफाई इंस्पेक्टर ने निभाई चाणक्य की भूमिका
रुद्रपुर। जमीन को कब्जे को लेकर सफाई निरीक्षक संजय शर्मा चाणक्य की भूमिका में नजर आये। उन्होंने सुबह तड़के ही करीब 150 पर्यावरण मित्रों को नगर निगम बुलाकर मौके पर पहुंचने के निर्देश दिये। उन्होंने आखिर समय पर्यावरण मित्रों को भी कार्रवाई के बारे में नहीं बताया। चप्पे-चप्पे पर पर्यावरण मित्र तैनात रहे। भूमि की नापजोख से लेकर कब्जे तक उन्होंने महती भूमिका निभाई।
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अमर उजाला ने रुद्रपुर के किच्छा मार्ग स्थित ट्रचिंग ग्राउंड से जनता को हो रही समस्या को देेखते हुए 18 जून से जनहित में इस समाचार की श्रृंखला प्रकाशित की। इसके बाद नगर निगम व स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने कूड़ा निस्तारण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट के लिए प्रस्तावित जमीन पर कब्जा प्राप्त करने के प्रयास शुरू कर दिए थे। प्रस्तावित भूमि पर कूड़ा निस्तारण प्लांट के विरुद्ध कोर्ट में दायर दोनों याचिकाओं के खारिज होने के करीब एक साल बाद बृहस्पतिवार को नगर निगम ने पुुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में फाजलपुर महरौला स्थित वर्ग चार करीब 11 एकड़ भूमि को कब्जे में लिया। यह प्रकिया करीब चार घंटे तक चली। मेयर रामपाल सिंह ने कहा कि इसके खिलाफ कोलंबस शिक्षा समिति व साहिब सिंह नामक व्यक्ति ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिसे करीब एक वर्ष पूर्व कोर्ट ने खारिज कर दिया था। मेयर ने कहा कि मार्च 2017 में इस जमीन के लिए नगर निगम ने राजकीय कोष में तीन करोड़, 68 लाख, 15 हजार रुपये जमा किये थे। जबकि इस स्थान पर प्रोसेसिंग प्लांट बनाने के लिए पिछले करीब पांच सालों से प्रयास किये जा रहे थे। उन्होंने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2016 के तहत निर्माण कराया जाएगा। जल्द ही डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जाएगी। एक साल के भीतर प्रोसेसिंग प्लांट तैयार होने की उम्मीद है। वहां पर नगर आयुक्त जयभारत सिंह, एसडीएम मुक्ता मिश्रा, यूएनए रिंकू बिष्ट, सफाई निरीक्षक संजय शर्मा, कर निरीक्षक बीसी रेखाड़ी, कोतवाल केसी भट्ट आदि थे।
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मेयर का शहर वासियों को संदेश
हम शहर को स्वच्छ रखने का प्रयास कर रहे हैं। प्रोसेसिंग प्लांट बनने से आसपास के लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। प्रोसेसिंग प्लांट में कूड़े के ढेर को जमा नहीं होने दिया जाएगा। यहां दो से तीन करोड़ रुपये की लागत से कंपोस्टिंग, प्रोसेसिंग मशीन, कॉम्पेक्टर लगाये जाएंगे। प्लांट के चारों तरफ ग्रीन बेल्ट में करीब 45 फीट ऊंचे बांस के पेड़ लगाये जाएंगे। प्रोसेसिंग प्लांट के भीतर का हिस्सा नजर तक नहीं आएगा। जनहित के इस कार्य में शहरवासी नगर निगम का सहयोग करें।
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किच्छा मार्ग स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड की जमीन बनेगा पार्क
रुद्रपुर। किच्छा स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड को साफ कर वहां जनहित में पार्क बनाने के साथ ही पौधरोपण भी किया जाएगा। नगर आयुक्त जयभारत ने कहा सार्वजनिक पार्क बनने से शहर की खूबसूरती में चार चांद लग जाएंगे।
सफाई इंस्पेक्टर ने निभाई चाणक्य की भूमिका
रुद्रपुर। जमीन को कब्जे को लेकर सफाई निरीक्षक संजय शर्मा चाणक्य की भूमिका में नजर आये। उन्होंने सुबह तड़के ही करीब 150 पर्यावरण मित्रों को नगर निगम बुलाकर मौके पर पहुंचने के निर्देश दिये। उन्होंने आखिर समय पर्यावरण मित्रों को भी कार्रवाई के बारे में नहीं बताया। चप्पे-चप्पे पर पर्यावरण मित्र तैनात रहे। भूमि की नापजोख से लेकर कब्जे तक उन्होंने महती भूमिका निभाई।