फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Two conspirators arrested for firing, demanding extortion of one crore

फायरिंग, एक करोड़ की रंगदारी मांगते के मामले में दो साजिशकर्ता धरे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 12:50 AM IST
विज्ञापन
Two conspirators arrested for firing, demanding extortion of one crore
रुद्रपुर पुलिस की गिरफ्त में आरोपी साजिशकर्ता। - फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। टायर कारोबारी के प्रतिष्ठान में 10 दिन पहले फायरिंग और कुख्यात बदमाश लॉरेंस विश्नोई के नाम से एक करोड़ रुपये रंगदारी मांगने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया है जबकि चार अज्ञात शूटर सहित छह आरोपी फरार है। ब्याज के रुपये को लेकर उपजी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया था। अमर उजाला ने घटना के पीछे ब्याज के रुपये को लेकर लेनदेन का विवाद होने का अंदेशा 30 दिसंबर के अंक में ही जता दिया था।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को कोतवाली में पत्रकार वार्ता में एएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि 29 दिसंबर की शाम को गल्ला मंडी स्थित गुरुनानक टायर्स की दुकान में फायरिंग की घटना हुई थी। दुकान स्वामी निरमनजीत सिंह निवासी बरार कॉलोनी ने फायरिंग के बाद अज्ञात बदमाशों पर एक करोड़ की रंगदारी मांगने और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। सीओ सिटी की अगुवाई में टीमों का गठन कर खुलासे में लगाया गया था। छह जनवरी को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर काशीपुर रोड पर फ्लाईओवर से सोढी कॉलोनी की तरफ जाने वाले रास्ते पर खड़े जसवीर सिंह उर्फ जस्सी निवासी अर्जुनपुर और गौरव उर्फ गोलू निवासी घासमंडी रुद्रपुर को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन

पूछताछ में उन्होंने साथी सहजदीप उर्फ गुल्लू निवासी प्रीत विहार रुद्रपुर और मनप्रीत उर्फ गोपी निवासी बहेड़ी (बरेली) के साथ मिलकर निरमनजीत सिंह और उसके मामा जगजीवन पर फायरिंग करने की साजिश रचने की बात स्वीकारी। उनका कहना था कि निरमनजीत और जगजीवन ब्याज पर रुपये देने का काम करते हैं। ब्याज पर रुपये लेने की वजह से गुल्लू का मकान बिक गया था। दोगुना कर्जा चुकाने के बावजूद उस पर अभी भी लाखों रुपये के मूल कर्ज की रकम बकाया है। मनप्रीत और सहजदीप ने चार शूटरों का इंतजाम किया था। योजना के मुताबिक शूटरों को जसवीर ने घटनास्थल दिखाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

वारदात के बाद जसप्रीत चार शूटरों और मनप्रीत को लेकर रामपुर बस अड्डे के पास पहुंचा। चारों शूटरों को बस अड्डे से थोड़ा पहले छोड़ने के बाद वह मनप्रीत को उसके घर बहेड़ी छोड़ने गया। इसके बाद वह बरा होते हुए खुद घर लौटा। उन्होंने दोनों व्यापारियों को डराने और रुपये वसूलने करने के लिए वारदात की थी। वारदात में लिप्त शूटरों के बारे में फरार गुल्लू और मनप्रीत को ही जानकारी है। एएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने के साथ ही फरार आरोपियों की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं। वहां सीओ सिटी अमित कुमार और कोतवाल एनएन पंत मौजूद रहे।
जेल में बदमाशों के संपर्क में आया था गुल्लू
रुद्रपुर। एएसपी पींचा ने बताया कि घटना में शामिल गोलू, गुल्लू और मनप्रीत उर्फ गोपी का आपराधिक रिकॉर्ड है। पिछले साल कीरतपुर में हुई फायरिंग की घटना में गुल्लू जेल गया था। जेल में ही वह अन्य बदमाशों के संपर्क में आया था। इन बदमाशों की मदद से ही शूटरों की व्यवस्था की गई थी। गोपी और गोलू के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। एएसपी ने बताया कि मुकदमे में धारा 120 बी और 212 आईपीसी का इजाफा किया गया है। (ब्यूरो)
शक न हो इसलिए मुंबई भाग गए थे दो आरोपी
रुद्रपुर। पूरी वारदात का तानाबाना बेहद शातिर तरीके से बुना गया था। योजनाबद्ध तरीके से दो साजिशकर्ता गौरव उर्फ गोलू और सहजदीप उर्फ गुल्लू 27 दिसंबर को मुंबई चले गए थे। मुुंबई जाने के लिए गोलू की कार का इस्तेमाल किया गया था। कुछ दिनों बाद गौरव रुद्रपुर आ गया था और उसकी कार लेकर गुल्लू फरार हो गया था। यह कार गुल्लू के कब्जे में है। (ब्यूरो)
गोलू के ओमेक्स कॉलोनी के फ्लैट में रुके थे शूटर
रुद्रपुर। पुलिस की पूछताछ में जसवीर ने बताया कि 26 दिसंबर को गुल्लू और मनप्रीत उसके घर आए थे। 26 और 27 दिसंबर को उसने चारों शूटरों को अपने घर में रखा था और उनके लिए ढाबे से खाना मंगवाया था। इसके बाद शूटर ओमेक्स सोसायटी में गोलू के फ्लैट संख्या 402 में रुके थे। उसने चारों शूटरों के लिए दिनेशपुर के एक गारमेंट से तीन हजार रुपये में चार जींस और चार स्वेटर भी खरीदे थे। शूटरों के लिए बाइक का इंतजाम मनप्रीत ने किया था।
कुख्यात लॉरेंस की प्रत्यक्ष रूप से नहीं मिली लिप्तता
रुद्रपुर। एएसपी पींचा ने बताया कि कुख्यात बदमाश लॉरेंस राजस्थान की अजमेर जेल में कड़ी सुरक्षा के बीच बंद है। उससे किसी का मिलना भी मना है। इस घटना में लॉरेंस की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं मिली है लेकिन दो फरार आरोपियों गोपी और गुल्लू के संपर्क में लॉरेंस गैंग से जुड़े बदमाश थे। लॉरेंस गैंग के लोगों की लिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल फरार शूटर और साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार करने के लिए दबिशें दी जा रही हैं। (ब्यूरो)
खड़ी बोली का इस्तेमाल कर रहे थे शूटर
रुद्रपुर। पुलिस की पूछताछ में जस्सी और गोलू ने बताया कि वे शूटरों को नहीं जानते थे। चारों शूटर खड़ी बोली में बात कर रहे थे। गुल्लू और गोपी को ही उनके बारे में पता था। पुलिस मान रही है कि बदमाश हरियाणा के हो सकते हैं। पुलिस फरार साजिशकर्ताओं तक पहुंचने में सरगर्मी से जुटी है। (ब्यूरो)
ये रहे टीम में शामिल
एसएचओ एनएन पंत, एसआई केजी मठपाल, महेश कांडपाल, भगवान गिरी, पंकज मेहर, पंकज कुमार, कमाल हसन, कांस्टेबल गणेश पांडे, विमल कुमार, चंद्रप्रकाश, भूपेंद्र रावत, कृष्ण चंद्र, मुकेश मेहरा, हरीश बिष्ट, कैलाश तोमम्याल, कुलदीप, अशोक कांडपाल, भूपेंद्र, उमेश, राजेंद्र और ललित।
ब्याज पर लिए कर्ज को चुकाने में लुटने पर रची साजिश
रुद्रपुर। शहर में सूदखोरी का धंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है। लोग मजबूरी में जिंदगी की गड़ी चलाने के लिए ब्याज पर रुपये लेते हैं और मूलधन का ब्याज चुकाते-चुकाते मेहनत की आखिरी पाई भी लुटा देते हैं। टायर कारोबारी के प्रतिष्ठान में फायरिंग और रंगदारी मांगने की घटना में भी ब्याज में लिए रुपये का विवाद सामने आया है। अब पुलिस व्यापारी के ब्याज के कारोबार की वैधानिकता को लेकर भी अलग से जांच कर रही है।
दरअसल शहर में कई सफेदपोश और कारोबारी ब्याज पर रुपये देने का कारोबार लंबे समय से कर रहे हैं। सूदखोर कर्ज देने से पहले हस्ताक्षर युक्त खाली चेक या स्टांप लेते हैं और आठ से 12 फीसदी मासिक ब्याज पर कर्ज दिया जाता है। इसके बाद मूल रकम के साथ ही ब्याज वसूली का खेल चलता रहता है। मूल रकम से तीन से चार गुना अधिक रकम ब्याज के रूप में चुकाने के बाद भी व्यक्ति पर कर्जा बरकरार रहता है। पूरी मेहनत की कमाई हड़पने के बाद सूदखोर हस्ताक्षरयुक्त खाली चेक को बाउंस कराकर अलग से मुकदमा भी दर्ज करा देते हैं।
कर्जा नहीं चुकाने पर प्लाट और मकान पर भी कब्जा कर लेते हैं। टायर कारोबारी से रंगदारी मांगने और फायरिंग मामले में पुलिस की गिरफ्त में आए जसवीर उर्फ जस्सी ने वारदात के पीछे ी की साजिश ब्याज पर लिए कर्ज की रकम को लेकर रंजिश बताया है। सीओ अमित कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी जसवीर ने कहा है कि निमरनजीत और उसका मामा जगजीवन ब्याज पर रुपये उधार देने का काम करते हैं।
उसने बताया कि कुछ समय पहले उसके पिता अमरजीत सिंह ने ब्याज पर 15 लाख रुपये उधार लिए थे। अब तक वह 35 लाख रुपये दे चुका है लेकिन अभी भी उस पर साढ़े 16 लाख रुपये का कर्ज बरकरार है। फरार आरोपी सहजदीप उर्फ गुल्लू के पिता दलजीत सिंह ने भी ब्याज पर रुपये कर्ज लिए थे लेकिन कर्जा नहीं चुका पाने की वजह से गुल्लू का मकान बिक गया था। इसके बाद ये लोग प्रीत विहार में एक कॉलोनी में किराए पर रह रहे हैं।

टायर कारोबारी निरमनजीत और जगजीवन के ब्याज पर कर्ज देने की जानकारी सामने आई है। दोनों का साहूकारी अधिनियम में पंजीकरण है या नहीं, इसको दिखवाया जा रहा है। ब्याज पर कर्ज देने के मामले में अलग से जांच की जा रही है। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई होगी। - देवेंद्र पींचा, एएसपी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed