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कोरोना महामारी में मिली छूट के बाद भी बगैर फिटनेस दौड़ रही स्कूल बसें

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2022 12:12 AM IST
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Transport by School Bus in Rudrapur
सीज की गईं स्कूल की बसें। - फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। कोरोना महामारी के दौरान स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई बंद होने और अन्य दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने 31 अक्तूबर तक वाहनों की फिटनेस, टैक्स, परमिट समेत अन्य दस्तावेजों पर छूट दी थी, लेकिन जिले में कई स्कूल संचालक इस तिथि के खत्म होने के बावजूद यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
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रुद्रपुर के साथ ही किच्छा, दिनेशपुर आदि क्षेत्रों में एमवी एक्ट का उल्लंघन करने स्कूली बसें भी पीछे नहीं हैं। रुद्रपुर एआरटीओ कार्यालय (प्रवर्तन) की टीम ने एक जनवरी 2022 से 31 मार्च तक तीन माह की अवधि में 119 बसों और आठ वैन का चालान किया जबकि नौ स्कूल बसों और एक वैन को सीज कर दिया। एआरटीओ प्रवर्तन बीके सिंह ने बताया कि अधिकांश स्कूल बसों में फिटनेस, टैक्स व परमिट की शिकायतें मिल रही हैं। बगैर फिटनेस चलने वाली बसें सड़क दुर्घटनाओं का सबब बनती हैं। इसके बावजूद कई स्कूल संचालक बगैर फिटनेस बसें संचालित कर रहे हैं। एआरटीओ ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान स्कूलों के बंद होने, ऑनलाइन पढ़ाई चलने व लॉकडाउन आदि को ध्यान में रखते हुए 31 अक्तूबर 2021 तक सभी वाहनों को फिटनेस, परमिट, टैक्स, डीएल के नवीनीकरण आदि में छूट दी गई थी लेकिन इस छूट की अवधि पूरी होने के छह माह बाद भी कई स्कूल संचालक अपने वाहनों की फिटनेस नहीं करवा रहे हैं। बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। वर्तमान में नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है, ऐसे में स्कूल बसों की चेकिंग की जा रही है। बसों के पंजीकरण के नवीनीकरण अथवा बगैर पंजीकरण चल रही बसों की भी जांच की जा रही है।
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दिनेशपुर में 11 साल से बगैर फिटनेस चल रही थी बस
रुद्रपुर। परिवहन विभाग की टीम ने मंगलवार को चेकिंग अभियान चलाते हुए बगैर फिटनेस आदि के चल रहे तीन स्कूली वाहनों को सीज कर दिया। एआरटीओ वीके सिंह ने बताया कि दिनेशपुर में चेकिंग के दौरान बगैर फिटनेस मिली एक स्कूल की मिनी बस की वर्ष 2011 के बाद फिटनेस नहीं हुई थी। मिनी बस को सीज कर दिया गया है। इसके साथ ही दो अन्य स्कूली बसों को भी बगैर फिटनेस व अन्य कमियां मिलने पर सीज किया गया।
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स्कूली बसों में बच्चों की सुरक्षा ही सर्वोपरि है। सभी स्कूलों को परिवहन विभाग के नियमों का सख्ती से अनुपालन करना चाहिए। बगैर ड्राइविंग लाइसेंस के कोई भी चालक बस न चलाएं। बसों में फर्स्ट एड बॉक्स के साथ ही स्पीड गवर्नर, फिटनेस, परमिट आदि अनिवार्य रूप से हो।
-मनोज खेड़ा, जिला उपाध्यक्ष, ऊधम सिंह नगर एसोसिएशन ऑफ इंडीपेंडेंट स्कूल।
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