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सड़क पर उतरे व्यापारी, बंद रहा खटीमा बाजार
ब्यूूराे, अमर उजाला, खटीमा।
Updated Tue, 18 Aug 2015 12:32 AM IST
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हाई कोर्ट के निर्देश पर नगर पालिका क्षेत्र में नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन ने चिन्हीकरण शुरू किया तो व्यापारी सड़कों पर उतर गए। सोमवार को उन्होंने खटीमा बाजार पूरी तरह बंद रखकर राजस्व विभाग के 1959-60 के नक्शे के आधार पर किए जा रहे चिन्हीकरण का विरोध किया। व्यापारियों कहना है कि प्रशासन, नगर पालिका, लोनिवि, एनएच के पास अपना नक्शा नहीं है। नगर के अतिक्रमण का चिन्हीकरण 1959-60 के नक्शे के अनुसार किया जा रहा है। जिससे सभी व्यापारी प्रभावित हो रहे हैं।
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रविवार की देर शाम अतिक्रमण के चिन्हीकरण को लेकर सतानत धर्मशाला में व्यापारियों की बैठक में चिन्हीकरण में इस्तेमाल किए जा रहे वर्ष 1959-60 के नक्शे के विरोध में रविवार को बाजार बंद का निर्णय लिया गया। व्यापार मंडल के आह्वान पर बाजार सुबह से ही पूरी तरह बंद रहा। व्यापारी नगर में घूम-घूम कर बाजार बंद का आह्वान कर रहे थे। हालांकि आवश्यक सेवाओं में दवाओं और कन्फेक्शनरी को बंद से अलग रखा गया। 11 बजे सभी व्यापारी एकत्रित होकर तहसील पहुंचे और प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने उपजिलाधिकारी ऋचा सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन भेजकर चिन्हींकरण में शिथिलता बरतते हुए सड़क के दोनो ओर बनी नालियों को सीमा मान कर चिन्हीकरण की कार्रवाई किए जाने की मांग की, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके। वक्ताओं ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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एसडीएम सिंह ने व्यापारियों को राजस्व विभाग का 1959-60 के बंदोबस्ती नक्शा दिखाया और कहा कि जो भी कार्रवाई की जा रही न्यायालय के निर्देश पर की जा रही है। यदि उन्हें कोई भी राहत चाहिए तो वह न्यायालय में अपनी पैरवी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चिन्हीकरण में परदर्शिता बरती जा रही है, जो भी रिपोर्ट होगी उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
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इस अवसर पर व्यापार मंडल अध्यक्ष अरुण सक्सेना, संतोष गौरव, हरीश बोरा, सतीश गोयल, नंदन सिंह खड़ायत, तरुण ठाकुर, टीडी कांडपाल, हिमांशु बिष्ट, जगदीश गोयल, कैलाश जोशी, जफर हुसैन, रामचंद्र, मथुरा प्रसाद, मुकेश रोहेला, गोविंद बल्लभ सकलानी, अजहर सिद्दीकी, रबीश भटनागर, रामजी डाबर, महेंद्र कुमार, मनोज सिंह, शाहउद्दीन, अफजल खां, चौधरी सुदेश पाल, संतोष मेहरोत्रा, कृष्णा सोनकर, सूरज छाबड़ा, प्रदीप बत्रा, सुमिंत गुंबर, सतनाम सिंह, भुवन तिवारी, होशियार खोलिया, छिंदर आरोड़ा आदि मौजूद थे।