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परंपरागत हट्स में रहकर फिश एंगलिंग का लुत्फ लेंगे सैलानी
चंदन बंगारी रुद्रपुर।
Updated Sun, 29 Apr 2018 12:23 AM IST
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काशीपुर के हेमपुर स्थित हेचरी का निरीक्षण करते सीडीओ एवं अन्य अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
काशीपुर के हेमपुर में मत्स्य विभाग की हैचरी को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कर सैलानियों को लुभाने की कसरत की जा रही है। मनरेगा के बजट से परंपरागत हट्स का निर्माण, कैंटीन और शौचालय का निर्माण किया जाएगा। सैैलानी फिश एंगलिंग का आनंद लेने के साथ ही अंडे से मछली तैयार होने वाली प्रक्रिया से भी रूबरू होंगे। इसके अलावा वे लजीज मछलियों का स्वाद भी उठा सकेंगे।
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जिम कार्बेट नेशनल पार्क घूमने जाने वाले सैलानी सड़क मार्ग से जिले के जसपुर और काशीपुर से होकर गुजरते हैं, लेकिन पर्यटक स्थल नहीं होने की वजह से सैलानी रुक नहीं पाते हैं। इसी को देखते हुए काशीपुर के हेमपुर स्थित मत्स्य बीज उत्पादन एवं वितरण केंद्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है। हैचरी में 72 तालाब हैं। यहां सात प्रजाति रोहू, मृगल, कतला, सिल्वर कार्प, ग्रास कार्प, आमूर कार्प, और कामन कॉर्प प्रजाति की मछलियों के बच्चे तैयार किए जाते हैं।
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पर्यटन क्षेत्र के विकास को लेकर बीते बुधवार को सीडीओ आलोक कुमार पांडेय ने अधिकारियों के साथ हैचरी का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। योजना के तहत चार हट्स, कैंटीन बनाने के साथ ही मत्स्य विभाग के गेस्टहाउस को भी सैलानियों के रुकने के लिए सुविधायुक्त किया जाएगा। पर्यटकों के लिए सूचना केंद्र भी बनाया जाएगा, जहां से उन्हें विभिन्न पर्यटक स्थलों के बारे में जानकारी मुहैया कराई जाएगी।
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हेमपुर स्थित हैचरी में पर्यटकों के लिए बंगाली, बुक्सा और अन्य समुदाय की परंपरागत हटों के साथ ही कैंटीन, हाइटेक शौचालय निर्माण कराया जाएगा। यहां आने वाले सैलानी एंगलिंग का मजा लेने के साथ ही अंडे से मछली बनने की प्रक्रिया से भी रूबरू होंगे। मत्स्य विभाग के गेस्टहाउस को भी उपयोग में लाया जाएगा। इसके अलावा सैलानी मछलियों का भी स्वाद ले सकेंगे। योजना के लिए मनरेगा से बजट उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का स्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। इसके अलावा ऑनलाइन बुकिंग के लिए वेबसाइट बनाने की भी योजना है।
- आलोक कुमार पांडेय, सीडीओ।