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यह समय नये दौर की खेती का
Fri, 08 Mar 2019 12:46 AM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: अरुण कुमार
Updated Fri, 08 Mar 2019 12:46 AM IST
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पंतनगर में आयोजित किसान मेले का शुभारंभ करते विधायक राजेश शुक्ला व कुलपति डॉ. तेज प्रताप।
- फोटो : amar ujala
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गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित किसान कुंभ में साफ कहा गया कि यह समय अब नये दौर की खेती का है। किसानों को आय दोगुनी करनी है तो उन्हें भी अपना दृष्टिकोण बदलना होगा। अपने 105वें मेले में विश्वविद्यालय ने पद्मश्री सम्मान प्राप्त दो किसानों को मुख्य अतिथि बनाया और इन किसानों ने भी साफ कहा कि छूट और सब्सिडी से किसान कमजोर ही होता है।
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मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को पहुंचना था लेकिन दोनों ही नहीं पहुंच पाए। समारोह में नौ प्रगतिशील किसानों को किसान सम्मान पुरस्कार से नवाजा गया और विश्वविद्यालय के शिक्षकों की ओर से प्रकाशित की गई किताबों का विमोचन किया गया।
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प्रगतिशील किसान पद्मश्री कंवल सिंह चौहान ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि हरित क्रांति से रासायनिक कीटनाशक और उर्वरकोें का अभिशाप मिला। इससे छुटकारा पाना जरूरी है। किसान जैविक खेती अपनाएं, पशुओं की संख्या बढ़ाएं, वैज्ञानिक स्थानीय नस्ल के पशुओं के विकास पर ध्यान दें तो किसानों की आय दोगुनी होगी।
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पद्मश्री भारत भूषण त्यागी ने कहा कि किसानों को आय दोगुनी करने के लिए दृष्टिकोण बदलना होगा। प्रकृति का सम्मान करते हुए खेती होने पर ही फायदा मिलेगा। छूट से किसान कमजोर ही होता है। त्यागी ने कहा कि जैविक के नाम पर तमाशा बंद होना चाहिए। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अपर आयुक्त (विस्तार) डॉ. वाईआर मीणा ने कहा कि किसानों और शोध संस्थाओं को एक मंच पर लाने के लिए अधिक किसान मेलों के आयोजनों पर जोर दिया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने कहा कि आने वाले समय में वही किसान बचेगा जो नये दौर की खेती अपनाएगा। एक प्रतिशत प्रगतिशील किसान यह काम कर रहे हैं। हरित क्रांति का लाभ सब जगह नहीं पहुंचा, विशेषकर पहाड़ और सीमांत किसान इस क्रांति से अछूते ही रह गए। समारोह के अध्यक्ष और किच्छा के भाजपा विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि फसल के उत्पादन और बाजार के बीच में बिचौलियों की भूमिका पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस होनी चाहिए।
पंतनगर विश्वविद्यालय का यह 105वां कृषि मेला है। इस बार उत्तर क्षेत्र मेला भी इसी के साथ आयोजित किया जा रहा है। मेले में पंतनगर विश्वविद्यालय से संबंधित महाविद्यालयों के साथ ही प्रदेश के कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि उपकरण, बीज, खाद बनाने वाली कंपनियों आदि के स्टाल लगे हुए हैं। मेला दस फरवरी तक आयोजित होगा।