काशीपुर। चोरों ने नगर के प्राचीन अशर्फी देवी मंदिर में घुसकर कई देवी देवताओं की मूर्तियां और दानपात्र चोरी कर लिए। सुबह के समय पुजारी की पत्नी ने दरबार का पर्दा हटाया तो मंदिर के दरवाजे की लगी कुंडे की सांकल टूटी पाई। सूचना पर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
मोहल्ला घासमंडी, बद्री भवन रोड पर अशर्फी देवी धर्मशाला में ही ठाकुरजी का प्राचीन मंदिर है। पं वेदप्रकाश शर्मा इस मंदिर में पुजारी हैं। उनका परिवार धर्मशाला में ही रहकर मंदिर की देखभाल और पूजन आदि का कार्य करता है। रविवार की सुबह करीब चार बजे पुजारी की पत्नी रुक्मिणी देवी ने साफ-सफाई करने के लिए दरबार का पर्दा हटाया तो वहां अस्त व्यस्त पड़ा था। दरबार में सामने के सिंहासन खाली पड़े थे। वहां रखी लड्डू गोपाल की करीब ढाई किलो की प्रतिमा, भगवान विष्णु की प्रतिमा, चांदी की एक गऊमाता गायब थी। चोर मंदिर का दानपात्र भी उठा ले गए। मंदिर के पुजारी पं. वेदप्रकाश ने इस बात की जानकारी श्रीअग्रवाल सभा के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल को दी। अग्रवाल ने डायल नंबर 112 पर सूचना देने के साथ ही सीओ एपी कोंडे को इस बारे में अवगत कराया। सूचना पर कटोराताल चौकी प्रभारी ओमप्रकाश पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। कोतवाल जीबी जोशी ने भी मौके पर जाकर कमेटी के लोगो से घटना के बारे में जानकारी जुटाई। पुजारी शर्मा ने बताया कि मंदिर के भीतर एक पीपल का पेड़ है, जिसके चारों ओर बने हुए चबूतरे पर किसी व्यक्ति के पांवों के निशान है। संभवत: चोर इसी रास्ते से मंदिर में आएं होंगे। मंदिर में हुई चोरी की घटना से श्रृद्धालुओं में रोष है। पुजारी वेदप्रकाश की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।