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स्कूल का पता नहीं और बना दी सड़क
Sat, 06 Jul 2019 12:32 AM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: अरुण कुमार
Updated Sat, 06 Jul 2019 12:32 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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आदर्श ग्रामसभा सिसौना में मनरेगा के तहत 1.99 लाख रुपये से फर्जी स्कूल दिखाकर सड़क बना दी और खेल मैदान का निर्माण भी दर्शाया दिया, जबकि गांव में उस नाम का स्कूल ही नहीं है और ना ही कोई खेल का मैदान है। आरटीआई मांगने वाले ग्रामीण ने वित्तीय गड़बड़ी सामने आने पर डीएम से फर्जी तरीके से दर्शाए गए निर्माण कार्यों की जांच कराने की मांग की है। कहा कि 19 फरवरी को पीएम नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और वित्त मंत्री रहे स्व. प्रकाश पंत को भी पत्र लिखा था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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सिसौना गांव निवासी हेम चंद्र भट्ट पुत्र विशन दत्त ने डीएम डॉ. नीरज खैरवाल को भेजे पत्र में बताया कि 16 जुलाई 2018 को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत ग्रामसभा सिसौना के लोक सूचना अधिकारी से वित्तीय वर्ष 2014 से 2018 तक के संपूर्ण कार्यों का ब्योरा मांगा था।
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द्वितीय अपील के बाद मिली सूचना का अवलोकन करने पर कई वित्तीय गड़बड़ी सामने आईं। आरोप लगाया कि गांव में कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल से लेकर मुख्य मार्ग तक संपर्क मार्ग का निर्माण मनरेगा योजना से एक लाख रुपये में कराया जाना दर्शाया है, जबकि इस नाम का कोई भी स्कूल क्षेत्र में संचालित नहीं है।
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इसी तरह 2016-17 में खेल मैदान निर्माण के लिए 99 हजार की धनराशि मनरेगा से खर्च की गई। खेल का मैदान भी गांव में नहीं है। आरोप लगाया कि शौचालयों, सीसी सड़क, आवासों में भारी गड़बड़ी की गई है। उन्होंने डीएम से ग्राम पंचायत के 2014 से 19 तक का वित्तीय लेखा-जोखा व किए गए विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन और गुणवत्ता की एसआईटी से जांच कराने की मांग की। कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त आरोपियों पर कार्रवाई कर फर्जी तरीके से दिखाए गए विकास कार्यों पर खर्च रुपयों की वसूली की जाए।