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विपक्ष महिलाओं को सिर्फ एक वोट बैंक समझता है : रेखा आर्या
Tue, 21 Apr 2026 12:47 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 21 Apr 2026 12:47 AM IST
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काशीपुर। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तीकरण की दिखा में क्रांतिकारी कदम बताया। वहीं विपक्षी गठबंधन की घेराबंदी पर उन्होंने कहा कि जब विधेयक पर मतदान की बारी आई तब एनडीए के साथियों ने पक्ष में समर्थन किया जबकि विपक्ष ने दोहरी मानसिकता का परिचय देते हुए विरोध में खड़े होने का कार्य किया।
बाजपुर रोड स्थित भाजपा जिला कार्यालय पर सोमवार को कैबिनेट मंत्री आर्या का भाजपाइयों ने स्वागत किया। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि विपक्ष महिलाओं को सिर्फ एक वोट बैंक समझता है। कांग्रेस, सपा और तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों ने महिला आरक्षण का विरोध कर न केवल महिलाओं का अपमान किया है बल्कि अपने राजनीतिक चरित्र को भी उजागर किया है। यह मुद्दा केवल राजनीति का नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जिस आरक्षण को 2029 में प्रभावी होना था उसे बाधित करने के लिए विपक्ष ने हर संभव चाल चली। 2027 में विधानसभा चुनाव और 2029 में लोकसभा चुनाव विपक्षी दलों के लिए राजनीतिक अंत का कारण बनेंगे।
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उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने राज्य और केंद्र स्तर पर महिला आरक्षण का विरोध किया अब मातृशक्ति उन्हें सदन से बाहर रखने का संकल्प लेगी। वहां दर्जा राज्यमंत्री सीमा चौहान, मेयर दीपक बाली, पूर्व मेयर ऊषा चौधरी, मंजू यादव, सुधा शर्मा, सुशील शर्मा, अमित सिंह आदि थे।
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बाजपुर रोड स्थित भाजपा जिला कार्यालय पर सोमवार को कैबिनेट मंत्री आर्या का भाजपाइयों ने स्वागत किया। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि विपक्ष महिलाओं को सिर्फ एक वोट बैंक समझता है। कांग्रेस, सपा और तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों ने महिला आरक्षण का विरोध कर न केवल महिलाओं का अपमान किया है बल्कि अपने राजनीतिक चरित्र को भी उजागर किया है। यह मुद्दा केवल राजनीति का नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का है।
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कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जिस आरक्षण को 2029 में प्रभावी होना था उसे बाधित करने के लिए विपक्ष ने हर संभव चाल चली। 2027 में विधानसभा चुनाव और 2029 में लोकसभा चुनाव विपक्षी दलों के लिए राजनीतिक अंत का कारण बनेंगे।
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उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने राज्य और केंद्र स्तर पर महिला आरक्षण का विरोध किया अब मातृशक्ति उन्हें सदन से बाहर रखने का संकल्प लेगी। वहां दर्जा राज्यमंत्री सीमा चौहान, मेयर दीपक बाली, पूर्व मेयर ऊषा चौधरी, मंजू यादव, सुधा शर्मा, सुशील शर्मा, अमित सिंह आदि थे।