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Udham Singh Nagar News: निचली अदालत के सजा के आदेश को किया निरस्त
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रुद्रपुर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार मिश्र ने एक अभियुक्त को निचली अदालत की ओर से सुनाए गए एक साल के कठोर कारावास के आदेश को निरस्त कर दिया है। अदालत ने निचली अदालत को दाण्डिक वाद की पत्रावली को भेजते हुए दोबारा विचारण शुरू करने के आदेश दिए हैं।
जसपुर थाने में एक सरकारी इंटर कॉलेज में कार्यरत महिला ने 26 जनवरी 2017 को दुष्यंत वत्सल निवासी ग्राम बांसखेड़ा, थाना आईटीआई, काशीपुर के खिलाफ केस दर्ज कराया था। उनका कहना था कि 26 जनवरी 2017 की दोपहर वह स्कूल से कार्य समाप्त कर निकल रही थी। इस दौरान गेट पर खड़े दुष्यंत ने उनका हाथ पकड़ लिया और अश्लील बातें करने लगा। वहां मौजूद उसकी साथी महिला कर्मचारी ने दुष्यंत से उसे छुड़ाया और उसने 100 नम्बर पर फोन किया था। इस दौरान दुष्यंत वहां से भाग गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद दुष्यंत के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए थे। न्यायिक मजिस्ट्रेट जसपुर ने मामले की सुनवाई के बाद 27 जनवरी 2020 को दुष्यंत को धारा 354 आईपीसी में दोषी पाते हुए एक साल के कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। दुष्यंत ने फैसले के खिलाफ 24 फरवरी 2020 को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में दाण्डिक अपील दायर की थी। अदालत ने न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट, जसपुरकी ओर से अपीलार्थी/अभियुक्त दुष्यन्त वत्सल के संबंध में पारित निर्णय एवं दण्डादेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने अपीलार्थी/अभियुक्त को विद्वान विचारण न्यायालय के समक्ष 12 अगस्त 2025 को उपस्थित होने के आदेश दिए है। अदालत ने कहा है कि अपीलार्थी/ अभियुक्त व्यक्तिगत रूप से उक्त तिथि को एवं आगे की तिथियों को भी विद्वान विचारण न्यायालय के समक्ष उपस्थित रहेगा।
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जसपुर थाने में एक सरकारी इंटर कॉलेज में कार्यरत महिला ने 26 जनवरी 2017 को दुष्यंत वत्सल निवासी ग्राम बांसखेड़ा, थाना आईटीआई, काशीपुर के खिलाफ केस दर्ज कराया था। उनका कहना था कि 26 जनवरी 2017 की दोपहर वह स्कूल से कार्य समाप्त कर निकल रही थी। इस दौरान गेट पर खड़े दुष्यंत ने उनका हाथ पकड़ लिया और अश्लील बातें करने लगा। वहां मौजूद उसकी साथी महिला कर्मचारी ने दुष्यंत से उसे छुड़ाया और उसने 100 नम्बर पर फोन किया था। इस दौरान दुष्यंत वहां से भाग गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद दुष्यंत के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए थे। न्यायिक मजिस्ट्रेट जसपुर ने मामले की सुनवाई के बाद 27 जनवरी 2020 को दुष्यंत को धारा 354 आईपीसी में दोषी पाते हुए एक साल के कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। दुष्यंत ने फैसले के खिलाफ 24 फरवरी 2020 को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में दाण्डिक अपील दायर की थी। अदालत ने न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट, जसपुरकी ओर से अपीलार्थी/अभियुक्त दुष्यन्त वत्सल के संबंध में पारित निर्णय एवं दण्डादेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने अपीलार्थी/अभियुक्त को विद्वान विचारण न्यायालय के समक्ष 12 अगस्त 2025 को उपस्थित होने के आदेश दिए है। अदालत ने कहा है कि अपीलार्थी/ अभियुक्त व्यक्तिगत रूप से उक्त तिथि को एवं आगे की तिथियों को भी विद्वान विचारण न्यायालय के समक्ष उपस्थित रहेगा।
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