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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   The lawsuit filed by IPS officer Khurana keeper Kasana

आईपीएस अफसर खुराना पर दरोगा कसाना ने कराया मुकदमा

Sat, 30 Apr 2016 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला ब्यूरो ऊधम सिंह नगर Updated Sat, 30 Apr 2016 11:49 PM IST
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 डीजीपी के आदेश पर दिनेशपुर थाने में आईपीएस अफसर केवल खुराना के खिलाफ आईटीआई एसओ रजत कसाना ने मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे में अमानत में खयानत, लोकसेवक द्वारा गबन सहित अनेक गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बेहद गोपनीय ढंग से हुए मुकदमे को छिपाने की भरसक कोशिश की गई। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पुलिस महकमे में भूचाल आ गया है। दरोगा के आला अधिकारी पर सीधे मुकदमा दर्ज कराने से पुलिसकर्मी भी हैरत में हैं। दिलचस्प बात है कि मामले की सुनवाई मानवाधिकार आयोग में लंबित होने के बावजूद मुकदमा दर्ज कराया गया है। 
  यूएसनगर में अक्टूबर में आईपीएस अफसर केवल खुराना की तैनाती के बाद से ही दरोगा रजत कसाना में ठन गई थी। खुराना ने कसाना के खिलाफ कई जांचें बैठाने के साथ ही लाइन हाजिर कर दिया था। कसाना ने साढ़े छह पन्ने की जीडी में खुराना पर दो लाख रुपये मांगने के अलावा उत्पीड़न का तस्करा भी डाला था। कसाना ने अनुकंपा के आधार पर तबादला करा लिया था। खुराना ने कसाना को रिलीव नहीं किया तो कसाना ने सीधे पीएचक्यू से आर्डर लाकर नैनीताल में ज्वाइनिंग ले ली थी। कसाना ने पुलिस लाइन में नो ड्यूज नहीं दिया तो उसे सैलरी नहीं मिल सकी थी। इसी बीच सिपाही बसंत बोरा की हत्या में सभी पुलिस कर्मियों के वेतन से एक दिन की तनख्वाह कटी थी। लेकिन कसाना ने गलत तरीके से उनके निजी खाते से पैसे काटने का आरोप लगाते हुए कोतवाली हल्द्वानी में तहरीर दी थी। खुराना का तबादला होने के बाद कसाना ने रुद्रपुर कोतवाली में बैंक मैनेजर पर मुकदमा दर्ज कराया था। कसाना ने खुराना पर दो लाख रुपये मांगने, मानसिक उत्पीड़न, बिना अनुमति के खाते से पैसे काटने, मर्जी के बिना कॉल डिटेल खंगालने की शिकायत मानवाधिकार आयोग में भी की थी। शुक्रवार रात डीजीपी बीएस सिद्धू ने मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुकदमा दर्ज करने के निर्देश एसएसपी को दिए थे। जिसके बाद दिनेशपुर थाने में खुराना के खिलाफ धारा 406,407,409 आईपीसी, 72 आईटी एक्ट और 13 भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया। मुकदमा दर्ज करने के बावजूद पहले रात और फिर शनिवार की दिनभर मीडिया से छिपाए रखा। हालांकि एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने कहा कि डीजीपी के आदेश पर खुराना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 
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17 मई को होनी है सुनवाई : खुराना
आईपीएस अफसर केवल खुराना ने कहा कि देहरादून में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में डीजीपी के मन मुताबिक कार्रवाई नहीं करने पर रंजिश रखते हैं। जैसे उन्हें यूएसनगर का कप्तान बनाया गया तो कसाना के मार्फत उनके खिलाफ मनगढ़ंत आरोप लगवाए गए। कसाना की डीजीपी से करीबी सर्वविदित है। कसाना ने उन पर पैसे मांगने का जो आरोप लगाया, वो जांच में झूठा पाया गया। इसके बाद कसाना मेरे खिलाफ मानवाधिकार आयोग में चले गए। बीते 25 अप्रैल को हुई सुनवाई में आयोग ने डीजीपी और उनको चार हफ्ते के भीतर रिपोर्ट देने का वक्त दिया था। जिसकी सुनवाई 17 मई को होनी थी। मानवाधिकार आयोग का कौन सा आदेश हुआ, जिसे लेकर डीजीपी यूएसनगर गए और उनके खिलाफ साजिशन मुकदमा दर्ज करा दिया। एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले भी षड्यंत्र में शामिल हैं।

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