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बैंक के खाताधारकों ने काटा हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Wed, 23 Mar 2016 12:20 AM IST
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बैंक धोखा
- फोटो : Amar Ujala
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ऊधमसिंह नगर डिस्ट्रिक कोआपरेटिव बैंक के खाताधारकों के खाते से लाखों की नगदी गबन के कई और मामले सामने आने से विभागीय अधिकारियों में कोहराम मचा हुआ है। मंगलवार को अपने खाते की जांच के लिए पहुंचे कई खाताधारकों को उनकी जमा पूंजी हड़पे जाने की जानकारी होने पर हंगामा काटा।
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मामले की जांच पड़ताल के लिए पहुंचे बैंक के डीजीएम रैंक के दो अधिकारियों ने खाताधारकों को रकम वापसी का भरोसा दिया। प्रारंभिक जांच में बैंक कर्मियों की लापरवाही सामने आने पर अधिकारियों ने फटकार लगाई।
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मंगलवार को समाचार पत्रों में ऊधमसिंह नगर डिस्ट्रिक कोआपरेटिव बैंक के कैशियर द्वारा खाता धारकों के पास बुक के साथ छेड़छाड़ कर नगदी गबन करने की जानकारी होने पर कई लोग अपना अकाउंट चेक करने बैंक पहुंचे। टैगोर नगर निवासी अधीर मंडल के मैनुअल खाते में 646464 रुपये दर्शाया गया था।
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जबकि कंप्यूटर मात्र 60869 रुपये दिखा रहा था। गुरुग्राम निवासी कुशल गोलदार के खाते में 145295 रुपये दर्ज था। जबकि कंप्यूटर मात्र 12 सौ दिखा रहा था। ऐसे ही सुरेंद्रनगर निवासी शंकर मंडल और आशा मंडल के संयुक्त खाते से 63 हजार की रकम गायब थी। वार्ड संख्या एक निवासी नीलू मंडल ने अपने खाते से करीब 52 हजार रुपये हड़पे जाने की शिकायत दर्ज कराई।
खाता धारकों की लाखों की नगदी हड़पे जाने का मामला सार्वजनिक होने पर बैंक के जीएम सीके कमल के निर्देश पर डीजीएम रैंक के अधिकारी हीरा राम और नरेश चंद ने सोमवार बैंक पहुंच मामले की पड़ताल शुरू की। अधिकारियों के बैंक में होने की जानकारी मिलने पर कई खाताधारकों ने बैंक पहुंचकर कर्मियों की लापरवाही की शिकायत की।
सुनीता गंगवार ने कहा कि कर्मियों का व्यवहार ग्राहकों के प्रति ठीक नहीं रहता है। खाते में इंट्री के लिए कई दिनों तक टरकाया जाता है। शंकर राय ने कहा कि सीबीएस होने के बावजूद खाता धारकों का पासबुक नहीं बदला गया।
दोनों डीजीएम ने शाखा प्रबंधक सहित अन्य कर्मियों को लापरवाही के लिए जमकर लताड़ लगाई। डीजीएम हीरा राम ने कहा कि जांच समाप्त होने के बाद ही पता चलेगा कि कुल कितने खाता धारकों को ठगी का शिकार बनाया गया। उन्होंने इसकी फेहरिस्त लंबी होने की आशंका जताई। कहा कि हड़पे गए धनराशि की रिकवरी के बाद दोषी कैशियर के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।