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Udham Singh Nagar News: नकली नोट छापने के दोषियों को दस-दस साल की कैद
Sat, 25 Feb 2023 10:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 25 Feb 2023 10:24 PM IST
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-द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने फर्जी नोट और स्टांप तैयार करने के दो दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार सात अक्टूबर 2017 को मुखबिर की सूचना पर जसपुर पुलिस ने ग्राम रहमापुर स्थित एक मकान के कमरे में दबिश दी। यहां लैपटॉप की मदद से स्टांप पेपर पर जाली नोट छापे जा रहे थे। पुलिस ने लैपटॉप और प्रिंटर पर काम कर रहे मोहल्ला नई बस्ती, डेहरिया निवासी शहजाद और दूसरे काशीपुर के मोहल्ला अल्ली खां निवासी मोईन उर्फ दानिश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से नकली नोट, अंक पत्र, रबर की मोहरें, स्टांप, लैपटॉप, प्रिंटर आदि बरामद हुए।
आरोपियों ने बताया कि वह लैपटॉप से स्टांप पेपरों पर नोट छापते हैं और उन्हें असली की तरह बाजार में चलाते हैं। डिमांड पर वह फर्जी मार्कशीट, डीएल और अन्य प्रमाण पत्र भी बनाते हैं। आरोपियों के खिलाफ जसपुर थाने में धारा 420, 467, 468, 489ए, 489डी, 489सी, धारा 66 डी आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज किया गया। न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किये गए। न्यायालय ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी रतन सिंह कंबोज के साथ बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनी और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अनुशीलन किया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को धारा 420, 467, 468, 489क, 489ग, 489 घ और धारा 66 घ आईटी एक्ट का दोषी माना। न्यायालय ने दोषियों को धारा 420 में तीन साल, धारा 489घ में 10 साल, धारा 66 घ में तीन साल, धारा 467 में 10 साल, धारा 468 में पांच साल, धारा 498क में दस साल और धारा 489ग में पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने फर्जी नोट और स्टांप तैयार करने के दो दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार सात अक्टूबर 2017 को मुखबिर की सूचना पर जसपुर पुलिस ने ग्राम रहमापुर स्थित एक मकान के कमरे में दबिश दी। यहां लैपटॉप की मदद से स्टांप पेपर पर जाली नोट छापे जा रहे थे। पुलिस ने लैपटॉप और प्रिंटर पर काम कर रहे मोहल्ला नई बस्ती, डेहरिया निवासी शहजाद और दूसरे काशीपुर के मोहल्ला अल्ली खां निवासी मोईन उर्फ दानिश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से नकली नोट, अंक पत्र, रबर की मोहरें, स्टांप, लैपटॉप, प्रिंटर आदि बरामद हुए।
आरोपियों ने बताया कि वह लैपटॉप से स्टांप पेपरों पर नोट छापते हैं और उन्हें असली की तरह बाजार में चलाते हैं। डिमांड पर वह फर्जी मार्कशीट, डीएल और अन्य प्रमाण पत्र भी बनाते हैं। आरोपियों के खिलाफ जसपुर थाने में धारा 420, 467, 468, 489ए, 489डी, 489सी, धारा 66 डी आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज किया गया। न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किये गए। न्यायालय ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी रतन सिंह कंबोज के साथ बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनी और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अनुशीलन किया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को धारा 420, 467, 468, 489क, 489ग, 489 घ और धारा 66 घ आईटी एक्ट का दोषी माना। न्यायालय ने दोषियों को धारा 420 में तीन साल, धारा 489घ में 10 साल, धारा 66 घ में तीन साल, धारा 467 में 10 साल, धारा 468 में पांच साल, धारा 498क में दस साल और धारा 489ग में पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
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