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दो महीने से लापता दोनों शिक्षक निलंबित
अमर उलाना ब्यूरो सितारगंज
Updated Thu, 25 Aug 2016 12:58 AM IST
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जौलासाल के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में तैनात दो शिक्षकों द्वारा हाईस्कूल पास महिला को छात्र-छात्राओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपकर लापता रहने के मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने अमर उजाला में खबर पढ़ने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक डीसी सती को तलब कर मामले में सख्त कार्रवाई करने निर्देश दिए।
इसके बाद डीसी सती ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। दूसरी तरफ अमर उजाला में खबर छपने के बाद दोनों शिक्षक को छापे की जानकारी मिली और वे बुधवार को स्कूल पहुंचे।
मंगलवार को खंड शिक्षाधिकारी गोपाल राम आर्य ने जौलासाल के राजकीय प्राथमिक स्कूल में छापा मारा था। छापेमारी के दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक राम कुमार और अध्यापक संजय सुमन दो माह से स्कूल से लापता पाए गए।
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टीचरों ने गांव की हाईस्कूल पास दीपा देवी को शिक्षिका बनाकर तैनात किया था। स्कूल में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को कापी, किताबें, ड्रेस व छात्रवृत्ति नहीं बांटी थी। इस विद्यालय में मध्याह्न भोजन भी नहीं बन रहा था।
अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया। बुधवार को जिलाधिकारी डा. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने अमर उजाला की खबर को पढ़ने के बाद सुबह ही जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) डीसी सती को तलब कर मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के टीचरों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
डीईओ बेसिक डीसी सती ने बताया कि मामले की आख्या रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों टीचरों को निलंबित कर दिया गया है। बताया कि टीचरों के साथ मिलीभगत करने वाले सीआरसी समन्वयक डोरी लाल गंगवार के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग की अनुमति के बिना स्कूल में बच्चों को पढ़ाने वाली हाईस्कूल पास शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। खंड शिक्षाधिकारी गोपाल राम आर्य ने बताया कि गवर्नमेंट एक्ट के तहत सरकारी स्कूल में विभाग की अनुमति के बिना नहीं पढ़ाया जा सकता। महिला दीपा देवी ने टीचरों के कहने पर स्कूल संचालन किया। विभाग से उसे स्कूल में पढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई थी। बताया कि महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
इसके बाद डीसी सती ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। दूसरी तरफ अमर उजाला में खबर छपने के बाद दोनों शिक्षक को छापे की जानकारी मिली और वे बुधवार को स्कूल पहुंचे।
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मंगलवार को खंड शिक्षाधिकारी गोपाल राम आर्य ने जौलासाल के राजकीय प्राथमिक स्कूल में छापा मारा था। छापेमारी के दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक राम कुमार और अध्यापक संजय सुमन दो माह से स्कूल से लापता पाए गए।
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टीचरों ने गांव की हाईस्कूल पास दीपा देवी को शिक्षिका बनाकर तैनात किया था। स्कूल में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को कापी, किताबें, ड्रेस व छात्रवृत्ति नहीं बांटी थी। इस विद्यालय में मध्याह्न भोजन भी नहीं बन रहा था।
अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया। बुधवार को जिलाधिकारी डा. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने अमर उजाला की खबर को पढ़ने के बाद सुबह ही जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) डीसी सती को तलब कर मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के टीचरों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
डीईओ बेसिक डीसी सती ने बताया कि मामले की आख्या रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों टीचरों को निलंबित कर दिया गया है। बताया कि टीचरों के साथ मिलीभगत करने वाले सीआरसी समन्वयक डोरी लाल गंगवार के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग की अनुमति के बिना स्कूल में बच्चों को पढ़ाने वाली हाईस्कूल पास शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। खंड शिक्षाधिकारी गोपाल राम आर्य ने बताया कि गवर्नमेंट एक्ट के तहत सरकारी स्कूल में विभाग की अनुमति के बिना नहीं पढ़ाया जा सकता। महिला दीपा देवी ने टीचरों के कहने पर स्कूल संचालन किया। विभाग से उसे स्कूल में पढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई थी। बताया कि महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।