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करोड़ों का लेटर बम: बिल्डर की जगह व्यापारी को थमाया टैक्स का हिसाब, 1.47 करोड़ रुपये का बकाया देखकर उड़े होश

Sat, 23 Aug 2025 12:41 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 23 Aug 2025 12:41 PM IST
सार

उत्तराखंड भवन एवं संनिर्माण बोर्ड ने लेबर सेस की वसूली के लिए नोटिस तो बिल्डर कंपनी के नाम पर निकाला लेकिन पता गलत डाल दिया। नतीजा ये हुआ कि करोड़ों की वसूली का नोटिस व्यापारी के स्कूल पर जा पहुंचा। नोटिस देखते ही व्यापारी के होश उड़ गए। पढ़ें मामला?

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Tax accounts were handed over to the businessman instead of the builder in rudrapur
टैक्स नोटिस

विस्तार

अगर आपके स्कूल के पते पर डाक से एक चिट्ठी आए और उसमें लिखा हो कि 1.47 करोड़ रुपये का बकाया जमा करें। जरा सोचिए, कैसा लगेगा? कुछ ऐसा ही हुआ रुद्रपुर के व्यापारी प्रदीप कुमार के साथ। उत्तराखंड भवन एवं संनिर्माण बोर्ड ने लेबर सेस की वसूली के लिए नोटिस तो बिल्डर कंपनी के नाम पर निकाला लेकिन पता गलत डाल दिया। नतीजा ये हुआ कि करोड़ों की वसूली का नोटिस व्यापारी के स्कूल पर जा पहुंचा। नोटिस देखते ही व्यापारी के पसीने छूट गए और वे तुरंत व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा समेत अन्य व्यापारियों के साथ चर्चा की। सहायक श्रमायुक्त ने नोटिस के साथ 29 अगस्त को उनके समक्ष पेश होने के निर्देश दिए थे।

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शुक्रवार को प्रदीप सहायक श्रमायुक्त अरविंद सैनी के पास पहुंचे। उन्होंने गलत पते पर भेजे नोटिस पर अपनी बात रखी। एएलसी ने गलती मानी और व्यापारी से शपथ पत्र मांगा था। संजय ने विभागीय गलती पर व्यापारी से शपथ पत्र मांगने का विरोध किया। इसके बाद एएलसी ने नोटिस को सही पते पर भेजने की बात कही।
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कैसे हुई ये गड़बड़ी?
बोर्ड नियम के मुताबिक किसी भी निर्माण की कुल लागत का एक फीसदी सेस वसूला जाता है। रुद्रपुर में 85,050 वर्ग मीटर के एवज में एक बिल्डर कंपनी पर 1.47 करोड़ का बकाया निकाला था। नोटिस भी कंपनी के नाम से जारी हुआ, लेकिन उसके साथ कंपनी की बसाई कॉलोनी के स्कूल का पता लिख दिया गया। श्रम विभाग ने उसी पते पर नोटिस भेज दिया और मामला व्यापारी के गले पड़ गया।

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