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बेहड़ ने मनाया, गाबा ने फिर कांग्रेस से हाथ मिलाया
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रुद्रपुर। व्यक्तिगत वजहों से जिला महासचिव पद और पार्टी से इस्तीफा देने वाले सुशील गाबा की चार दिन में ही घर वापसी हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ ने सुशील से वार्ता कर कांग्रेस से जुड़े रहने के लिए मना लिया है। सुशील को पार्टी से जुड़े रहने के लिए मनाने को चुनाव के मद्देनजर डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है। दिलचस्प है कि यूथ कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के चलते इस्तीफा देने वाले असंतुष्ट पदाधिकारियों को मनाने के लिए अब तक पहल नहीं हो सकी है।
दरअसल बीते 11 जुलाई को कांग्रेस जिला महासचिव सुशील गाबा ने परिवार और कारोबार को समय देने की बात कहते हुए पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि अंदरखाने चर्चा थी कि रुद्रपुर में पार्टी के युवा चेहरे गाबा उचित सम्मान नहीं मिलने और यूथ कांग्रेस में गुटबाजी के चलते हो रहे इस्तीफों से आहत थे। बृहस्पतिवार को पूर्व मंत्री बेहड़, वरिष्ठ समाजसेवी गिरीश साहनी और प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय जुनेजा और अनिल रावत सुशील के घर पहुंच गए।
बेहड़ और साहनी ने सुशील और उनके माता-पिता से वार्ता की। परिजनों की सहमति के बाद सुशील ने कांग्रेस को सहयोग और समय देने का निर्णय लेकर और अपना इस्तीफा वापस लेने पर सहमति जताई। बेहड़ ने कहा कि सुशील गाबा से दो से तीन बार वार्ता हुई है। इसके बाद सुशील ने इस्तीफा वापस ले लिया है। रुद्रपुर में सुशील ने बढ़-चढ़कर सामाजिक और राजनैतिक सेवा की है। सुशील जैसे ऊर्जावान लोगों की पार्टी को आवश्यकता है। हम उनको अपने साथ लेकर चलेंगे। इधर जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने कहा कि सुशील का इस्तीफा नामंजूर किया गया है।
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दरअसल बीते 11 जुलाई को कांग्रेस जिला महासचिव सुशील गाबा ने परिवार और कारोबार को समय देने की बात कहते हुए पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि अंदरखाने चर्चा थी कि रुद्रपुर में पार्टी के युवा चेहरे गाबा उचित सम्मान नहीं मिलने और यूथ कांग्रेस में गुटबाजी के चलते हो रहे इस्तीफों से आहत थे। बृहस्पतिवार को पूर्व मंत्री बेहड़, वरिष्ठ समाजसेवी गिरीश साहनी और प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय जुनेजा और अनिल रावत सुशील के घर पहुंच गए।
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बेहड़ और साहनी ने सुशील और उनके माता-पिता से वार्ता की। परिजनों की सहमति के बाद सुशील ने कांग्रेस को सहयोग और समय देने का निर्णय लेकर और अपना इस्तीफा वापस लेने पर सहमति जताई। बेहड़ ने कहा कि सुशील गाबा से दो से तीन बार वार्ता हुई है। इसके बाद सुशील ने इस्तीफा वापस ले लिया है। रुद्रपुर में सुशील ने बढ़-चढ़कर सामाजिक और राजनैतिक सेवा की है। सुशील जैसे ऊर्जावान लोगों की पार्टी को आवश्यकता है। हम उनको अपने साथ लेकर चलेंगे। इधर जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने कहा कि सुशील का इस्तीफा नामंजूर किया गया है।
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