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सुखवंत आत्महत्या मामला: आठ प्रमुख आरोपी एसआईटी के रडार पर, 90 प्रतिशत जांच पूरी
Sat, 28 Feb 2026 12:12 PM IST
गायत्री जोशी
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: गायत्री जोशी
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:12 PM IST
सार
काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में एसआईटी ने जांच लगभग पूरी कर ली है और जल्द ही रिपोर्ट सरकार व डीजीपी को सौंपने की तैयारी में है।
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सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
काशीपुर के किसान सुखवंत आत्महत्या मामले में एसआईटी ने 90 प्रतिशत पत्रावलियों का काम पूरा कर लिया है। एसआईटी जल्द पूरी रिपोर्ट तैयार कर सरकार व डीजीपी को सौंपेगी। एसआईटी के रडार पर मुख्य रूप से आठ आरोपी हैं। फिलहाल सभी आरोपी कोर्ट की शरण में जाकर गिरफ्तारी से बचे हैं। 10 जनवरी की रात गौलापार के देवभूमि होटल में काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले उसने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसमें पुलिस कर्मियों पर दूसरे पक्ष के साथ मिलकर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।
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इस मामले में मृतक के भाई परविंदर सिंह की तहरीर पर 26 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। किसान की मौत के बाद आईटीआई थाना प्रभारी कुंदन रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया गया, जबकि पैगा पुलिस चौकी प्रभारी समेत कुल 10 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया। यह कार्रवाई चार करोड़ रुपये की कथित जमीन धोखाधड़ी और पुलिस की लापरवाही के आरोपों के बाद की गई। बाद में एसएसपी मणिकांत मिश्रा को जिले से हटाकर देहरादून भेज दिया गया। इससे पहले सभी निलंबित व लाइन हाजिर पुलिस कर्मियों को परिक्षेत्र से बाहर कर गढ़वाल भेज दिया गया था। मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए शासन स्तर से आईजी एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे की अगुवाई में नई एसआईटी बनाई गई। एसआइटी पूरे प्रकरण में घटनास्थल के निरीक्षण के बाद पुलिस कर्मियों, मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर चुकी है। अग्रिम कार्रवाई अभी जारी है। इसी बीच गिरफ्तारी से बचने के लिए 26 आरोपी हाईकोर्ट पहुंच गए लेकिन उनको राहत नहीं मिली।
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