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Udham Singh Nagar News: सुखवंत प्रकरण... एसएसपी को शीघ्र निलंबित करें सीएम और डीजीपी

Wed, 14 Jan 2026 12:55 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Wed, 14 Jan 2026 12:55 AM IST
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Sukhwant case... CM and state should immediately suspend the workshop
रुद्रपुर/काशीपुर। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि सीएम और डीजीपी 15 जनवरी तक ऊधमसिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा को निलंबित करें। चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो 16 जनवरी से कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता पुलिस मुख्यालय में अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
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मंगलवार को रामपुर हाईवे स्थित एक होटल में गोदियाल ने कहा कि प्रदेश सरकार अपराधियों और दोषियों को संरक्षण देने वालों को सिस्टम में बैठा रही है। अंकिता हत्याकांड, हरिद्वार में कारोबारी की हत्या और सुखवंत सिंह आत्महत्या इसका उदाहरण है। कहा कि एसएसपी मिश्रा ने निचले अधिकारियों पर कार्रवाई तो कर दी लेकिन उनके खिलाफ कौन कार्रवाई करेगा? क्योंकि मृतक ने मरने से पहले एसएसपी का भी नाम लिया है।
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उन्होंने कहा कि सुखवंत सिंह की अंतिम मांग के अनुरूप इस मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए। कहा कि एसएसपी जांच के लिए एसआईटी गठित रहे हैं जिन पर मृतक किसान ने खुद शिकायत नहीं सुनने का आरोप लगाया है। इसलिए उनसे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती है। उन्हें खुद जिला छोड़कर चले जाना चाहिए। एसएसपी और थानाध्यक्ष का बागेश्वर से गठजोड़ रहा है। आरोप लगाया कि अंकित हत्याकांड में भी सीबीआई जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया जा चुका है। जनता के सामने सरकार को घुटने पर आना पड़ा।
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इससे पहले ग्राम पैगा दक्षिणी निवासी मृतक सुखवंत सिंह के आवास पर मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक आदेश चौहान व भुवन चंद्र कापड़ी के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। सभी ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात कही।
इसके बाद काशीपुर स्थित मंडी गेस्ट हाउस में गोदियाल ने कहा कि सुखवंत और उनकी पत्नी का फोन नैनीताल पुलिस के कब्जे में है। मोबाइल से छेड़छाड़ न हो इसलिए फोन को मीडिया व जनप्रतिनिधियों के सामने खोला जाए। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ हल्द्वानी के बजाय आईटीआई काशीपुर में प्राथमिकी दर्ज की है। नियमानुसार घटनास्थल के पास थाना में मामला दर्ज होना चाहिए था। वहां पर विधायक तिलकराज बेहड़, प्रदेश महासचिव अनुपम शर्मा, मुशर्रफ हुसैन, जीतेंद्र सारस्वती, मनोज जोशी, संदीप सहगल, दीपिका गुड़िया आदि थी।

राज्य में कायम हो चुका जंगलराज
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि यह कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं, न्याय युद्ध है। वीडियो में दिख रहा है कि उसे कितनी प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उसके शब्द आज भी हमें कचोटते हैं। यह सब सरकार की सह पर हुआ है इसमें कोई संदेह नहीं है। पुलिस प्रशासन ने भूमाफिया के साथ गठजोड़ करके उसे इस स्तर पर ला दिया कि उसे मौत को गले लगाना पड़ा। सारे सबूतों के बावजूद दुर्भाग्य है कि सरकार ने ठोस कार्रवाई नहीं की है। वीडियो में जिन लोगों के नाम आ रहे हैं उनमें से कुछ लोगों को सस्पेंड कर दिया है और कुछ लोगों को लाइन हाजिर किया गया है लेकिन जो अन्य अभियुक्त हैं। उनमें जिले के मुखिया मणिकांत मिश्रा भी हैं उन्हें भी सस्पेंड करना चाहिए। हम चाहते हैं कि नौजवान किसान को न्याय मिले। हम लगातार कहते रहे हैं कि जंगलराज इस राज्य में कायम हो चुका है। पुलिस प्रशासन कानून की रखवाली के बजाय कानून का भक्षक बन चुका है।




पुलिस-प्रशासनिक तंत्र की विफलता और भ्रष्टाचार का परिणाम
काशीपुर। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी ने किसान सुखवंत सिंह की मौत को संस्थानिक हत्या करार देते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अनुपम शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र एसडीएम को सौंपा।

मंगलवार को अनुपम शर्मा और कार्यकर्ताओं ने एसडीएम अभय प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। कहा कि किसान सुखवंत सिंह की मौत महज पुलिसिया ज्यादती नहीं बल्कि पुलिस-प्रशासनिक तंत्र की विफलता और भ्रष्टाचार का परिणाम है। ज्ञापन में कहा कि एसएसपी मणिकांत मिश्रा, आईटीआई थाना प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और जबरन वसूली की धाराओं में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर इनकी गिरफ्तारी की जाए। निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें निलंबित किया जाए। चेतावनी दी कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता संघर्ष जारी रहेगा। ज्ञापन देने वालों में मुशर्रफ हुसैन, गौरव चौधरी, कुलदीप सिंह, नीरज सिंह, संजू बोरा, सरीम सैफी, शादन इकबाल, अनीस अंसारी, रियासत हुसैन, वरुण चौधरी रहे।
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