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Uttarakhand: 16 बेड का अस्पताल...150 मरीज, जमीन पर गद्दे बिछाकर किया छात्रों का इलाज; मची अफरातफरी

Fri, 12 Jun 2026 12:42 AM IST
Heera सुरेंद्र कुमार वर्मा
सुरेंद्र कुमार वर्मा Published by: Heera Updated Fri, 12 Jun 2026 12:42 AM IST
सार

पंतनगर विश्वविद्यालय में खाना खाने के बाद लगभग 150 छात्र फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। सभी को एंबुलेंस और सुरक्षा विभाग के वाहनों से विवि चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में सिर्फ 16 बिस्तर होने के कारण भारी भीड़ से अफरातफरी मच गई। 

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Students suffering from food poisoning after a meal were treated on mattresses laid on the floor at hospital
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

खाना खाने के बाद फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए लगभग 150 छात्रों को तीन एंबुलेंस और सुरक्षा विभाग के वाहनों से विवि चिकित्सालय पहुंचाया गया। इतनी बड़ी संख्या में बीमार विद्यार्थियों के अस्पताल पहुंचने से वहां अफरातफरी का माहौल रहा।

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अस्पताल प्रबंधन और विवि के अधिकारियों के आपसी तालमेल से स्थिति पर नियंत्रण किया और जमीन पर गद्दे आदि बिछाकर छात्रों का इलाज शुरू कराया। विवि के चिकित्सालय में मात्र 16 बिस्तर ही उपलब्ध हैं। अस्पताल प्रबंधन ने सभी कमरे खोल दिए और बेंच, कुर्सी आदि पर बैठाकर छात्रों का इलाज शुरू कर दिया।

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विवि के अधिकारियों ने आननफानन गेस्ट हाउसों और छात्रावासों से गद्दों की व्यवस्था की और कमरों और बरामदे में गद्दे बिछाकर छात्रों का इलाज कराया। डाॅ. दीपक त्रिपाठी ने बताया कि बीमार छात्रों के अस्पताल आने और ठीक होकर वापस छात्रावास जाने का सिलसिला पूरी रात चलता रहा। उन्होंने बताया कि इसी दौरान रामनगर निवासी एक छात्र शौचालय में गिर गया। उसके सिर पर पांच टांके आए हैं। उसे सीटी स्कैन कराने के लिए एसटीएच हल्द्वानी रेफर किया गया है। 

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राज्यपाल, सीएम और मंत्री से की शिकायत
पटेल भवन में बीमार पड़े छात्रों ने गुणवत्ता विहीन खाने की फोटो और वीडियो बृहस्पतिवार को राज्यपाल/विवि के कुलाधिपति और मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षामंत्री को भेजी है। छात्रों ने राज्यपाल को संबोधित पत्र में कहा है कि छात्रावास में भोजन की निम्न गुणवत्ता है। भोजन खाने के बाद विद्यार्थियों का बीमार होना अत्यंत चिंताजनक है। यह प्रकरण विवि की मेस व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। उन्होंने पत्र में कहा है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी कई अवसरों पर भोजन, विशेषकर दाल और अन्य खाद्य पदार्थों में कीड़े-मकोड़े पाए गए हैं। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, खाद्य सामग्री के भंडारण और निर्माण प्रक्रिया में गंभीर कमियां लगातार देखने को मिलती रही हैं। छात्रावासों में रहने की सुविधा भी चिंताजनक हैं।


खाद्य विभाग ने सील किए खाद्य नमूने
रुद्रपुर से खाद्य विभाग की चार सदस्यीय टीम ने पटेल भवन पहुंचकर खाने के सैंपल लेकर सील किए। टीम ने मेस कर्मियों और अधिकारियों से जानकारी जुटाई नमूनों का जिनका परीक्षण रूद्रपुर की खाद्य प्रयोगशाला में किया जाएगा।

सिफारिश से बन गया मेस संचालक
पटेल भवन की मेस का संचालक मूलरूप से चंपावत का निवासी है। वह पंतनगर विवि में ही बीटेक बायोटेक का छात्र रहा है। वह जैव प्रौद्योगिकी परिषद में ठेके पर तकनीकी अधिकारी के पद पर भी कार्यरत है। चर्चा है कि वह सिफारिश के दम पर मेस के संचालन का जिम्मा संभाल रहा है।

छात्रों की मांगें

  • फूड प्वाइजनिंग की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच हो।
  • मेस संचालन, खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता मानकों और भोजन आपूर्ति व्यवस्था का स्वतंत्र निरीक्षण हो।
  • घटना के लिए उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।
  • सभी छात्रावासों में स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं का मूल्यांकन हो।
  • विद्यार्थियों के लिए आपातकालीन चिकित्सा, शिकायत निवारण प्रणाली बेहतर हो।
  • छात्र कल्याण, छात्रावास प्रबंधन, भोजन गुणवत्ता, मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं प्रशासनिक जवाबदेही के लिए कुलाधिपति के निर्देशन में उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए। इसमें विशेषज्ञों और छात्रों को भी प्रतिनिधित्व मिले। समिति की संस्तुतियों के आधार पर समयबद्ध निगरानी और सुधारात्मक प्रक्रिया सुनिश्चित हो।

कुलपति बोले... स्वीट डिश हो सकती है जिम्मेदार
कुलपति प्रो. एसके कश्यप ने कहा है कि मेस संचालक ने डिनर के बाद स्वीट डिश में बाहर से मंगवाकर रसमलाई परोसी थी। आशंका है कि रसमलाई खराब रही हो। उन्होंने बताया कि कुछ छात्रों ने डिनर नहीं किया था और सिर्फ रसमलाई खाई थी, वह भी बीमार पड़ गए। कुलपति ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पटेल भवन की मेस को निलंबित कर शिवालिक भवन की मेस से खाने की आपूर्ति शुरू करवा दी गई है।

मैगी, मोमोज खाते हो और दारू पीते हो... उससे कुछ नहीं होता
खाने में कीड़े निकलने की शिकायत पर सरोजिनी भवन की असिस्टेंट वार्डन का व्हाट्सएप पर वायरल कथित मैसेज खूब चर्चाओं में है। वायरल व्हाट्सएप मैसेज में अस्सिटेंट वार्डन की ओर से कथित रूप से लिखा गया है कि आप लोग (विद्यार्थी) मैगी, मोमोज खाते हो और दारू पीते हो... उससे कुछ नहीं होता। बताया जा रहा है कि यह मैसेज सरोजिनी भवन की असिस्टेंट वार्डन ने व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर किया है। दरअसल छात्राएं आए दिन भोजन में कीड़े निकलने की शिकायत उनसे कर रही थीं।

सरोजिनी भवन का कोई भी मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है। खाने की गुणवत्ता और असिस्टेंट वार्डन के कथित वक्तव्य की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। - डाॅ. वीसी ध्यानी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण पंतनगर विवि

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