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UK: नर्सिंग कॉलेज में चार घंटे तक बंधक रहे 500 छात्र-शिक्षक, शिक्षिकाएं रोती-बिलखती रहीं; जानें पूरा मामला
Wed, 29 Jul 2026 09:52 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, रुद्रपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रुद्रपुर
Published by: Heera
Updated Wed, 29 Jul 2026 09:52 PM IST
सार
सूरजमल अग्रवाल नर्सिंग कॉलेज में आईएनसी (INC) मान्यता न मिलने से नाराज छात्रों ने कॉलेज के सभी गेटों पर ताले जड़ दिए, जिससे करीब 400-500 छात्र-छात्राएं, 50 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं, स्टाफ और दर्जनभर पत्रकार चार घंटे तक बंधक बने रहे।
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नर्सिंग कॉलेज में छात्रों का बवाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सूरजमल अग्रवाल नर्सिंग कालेज में बुधवार को आईएनसी की मान्यता न मिलने से नाराज छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। पिछले छह महीने से चल रहे आंदोलन के बीच छात्रों ने कालेज के सभी गेटों पर ताला जड़कर जमकर बवाल किया। इस तालाबंदी में कालेज के अंदर मौजूद करीब 400-500 छात्र-छात्राओं के साथ 50 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं, स्टाफ और दर्जनभर पत्रकार चार घंटे तक बंधक बने रहे। देर शाम पुलभटटा पुलिस ने सख्ती दिखाकर ताले तोड़े तब जाकर सभी बाहर निकल पाए।
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वार्ता फेल, छात्रों ने किया गेट बंद
कालेज को आईएनसी की मान्यता नहीं मिली है। इसको लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे थे। प्रशासन ने कई बार मध्यस्थता कर मामले को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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बुधवार को आक्रोशित छात्रों ने सीधे एक्शन ले लिया। नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने कालेज परिसर में घुसकर सभी गेटों पर ताला लगा दिया और मजबूत सरियों से गेटों की पहरेदारी शुरू कर दी। अंदर फंसे लोगों की चीख-पुकार के बावजूद छात्र किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। कालेज में अफरातफरी मच गई और हाईवे पर लोगों की भीड़ जुट गई।
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ननद की डिलीवरी है, व्रत है - फिर भी नहीं माने छात्र
जैसे-जैसे शाम हुई, अंदर बंधक बनी शिक्षिकाओं का हौसला जवाब देने लगा। हल्द्वानी, लालकुंआ, गदरपुर, रुद्रपुर, सितारगंज और नानकमता से आने वाली 50 से अधिक शिक्षिकाएं एक साथ होकर मेन गेट पर पहुंचीं।
लेकिन छात्रों ने छात्राओं को आगे खड़ा कर मानव ढाल बना दिया। गेट खोलने की गुहार पर विवाद भी हुआ।
हल्द्वानी की एक शिक्षिका छात्रों के सामने फफक-फफक कर रो पड़ी। उसने कहा मेरी ननद को प्रसव पीड़ा हो रही है, घर से फोन आ रहा है। रामपुर से आए एक स्टाफ ने हाथ जोड़कर कहा मेरा व्रत है, जाने दो। कोई कह रही थी बच्चे घर पर अकेले हैं, तो कोई दूधमुंहा बच्चा छोड़कर आई हूं। लेकिन छात्र नहीं पसीजे। रात रात बजे तक कई शिक्षिकाएं मजबूरन हाईवे पर खड़ी होकर लालकुंआ, हल्द्वानी, गदरपुर, सितारगंज की सवारी का इंतजार करती रहीं।
पत्रकार भी बने बंधक, एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद खुला रास्ता
इस दौरान अंदर दर्जनभर पत्रकार भी फंस गए थे। अपनी जान को खतरा महसूस कर पत्रकारों ने एसएसपी अजय गणपति को फोन कर पूरी जानकारी दी। एसएसपी के निर्देश के बाद पुलभटटा पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस बल कम होने के बावजूद पुलिस ने संयम से काम लेते हुए मुख्य गेट के ताले तोड़े और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
वीसी बोले - डीएम के पास है मामला
कालेज के कुलपति सतीश शर्मा ने बताया कि मान्यता का पूरा मामला डीएम देख रहे हैं। कुछ कागजी कार्रवाई पूरी होते ही कालेज को आईएनसी की मान्यता मिल जाएगी। डीएम कार्यालय से 24 जुलाई को आठ बिंदुओं पर जवाब मांगा गया था, जो बृहस्पतिवार को देना था। उससे पहले ही छात्रों ने बवाल कर दिया।
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कर ली है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। डीआर वर्मा, सीओ