अनुशासनहीन दरोगा पर खास मेहरबानी
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बात हो रही है दिनेशपुर के चर्चित थानाध्यक्ष रहे रजत कसाना की। बीते 16 अप्रैल को रजत को दिनेशपुर थाने का चार्ज दिया गया था। नानकमत्ता गुरुद्वारे के पूर्व रिसीवर की गिरफ्तारी करने पर रजत चर्चाओं में आए थे और उन्हें हाईकोर्ट में पक्ष रखने जाना पड़ा था। इसके बाद 1 सितंबर को रजत की ईमानदारी की मिसाल कायम करते हुए जमीन के एक मुकदमे में पांच लाख रुपये की घूस देने आए तीन लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया था। ईमानदारी की तारीफ जिले से लेकर पुलिस मुख्यालय तक होने के साथ ही रजत को इनाम भी दिया गया था। लेकिन अचानक 16 सितंबर को रजत उस समय विवादों में आ गए थे, जब उन्होंने पिस्टल से थाना परिसर में सरेआम फायरिंग कर दी थी। लेकिन महकमे के आला अफसर का करीबी होने के कारण रजत के खिलाफ उस वक्त कोई भी अफसर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। आला अफसर से नजदीकियों का ही रुतबा रहा कि रजत ने जिले के नए एसएसपी केवल खुराना के आदेशों की खुलकर अवहेलना की। इसके बाद एसएसपी ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए रजत को लाइन हाजिर कर दिया। थाना परिसर में डेढ़ महीने पहले की गई फायरिंग मामले पर जांच भी बिठवा दी। नए एसएसपी से खुद को असहज महसूस कर रहे रजत ने तबादले का दांव खेल डाला। चर्चा है कि 24 घंटे के भीतर ही रजत ने आला अफसर से नजदीकियों का फायदा उठाकर तबादला नैनीताल जिले में करवा दिया। हालांकि विवादों से बचने के लिए तबादले का आधार अनुकंपा को दिया गया।