{"_id":"66b922488804dbd64708730a","slug":"soybean-and-paddy-crops-ruined-due-to-swollen-rivers-sitarganj-news-c-236-1-ktm1001-105079-2024-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: नदियों के उफनाने से सोयाबीन और धान की फसल बर्बाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: नदियों के उफनाने से सोयाबीन और धान की फसल बर्बाद
Mon, 12 Aug 2024 02:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 12 Aug 2024 02:12 AM IST
विज्ञापन
सितारगंज में कैलाश नदी में समाई कृषि भूमि।-संवाद
- फोटो : सितारगंज में कैलाश नदी में समाई कृषि भूमि।-संवाद
सितारगंज। पहाड़ों में हो रही भारी वर्षा के कारण नदियां उफान पर है। कैलाश के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण चिकाघाट में कई किसानों की जमीन नदी में समा गई। इससे किसानों की लगाई गई सब्जियां, सोयाबीन और धान की फसल नष्ट हो गई।
किसान राजेश चौहान ने बताया कि कैलाश नदी के दोनों ओर उनकी सात एकड़ जमीन है। खेत में सिल्ट जमा होने के कारण उनकी सोयाबीन की फसल नष्ट हो गई। वहीं, किसान गगनदीप सिंह ने बताया कि उनकी करीब आधा एकड़ जमीन नदी के तेज बहाव में बह गई। किसान संदीप बिष्ट ने बताया कि जमीन में सिल्ट इकट्ठा होने के कारण उनकी फसलें नष्ट हो गई।
विज्ञापन
किसान राजेश चौहान ने बताया कि कैलाश नदी के दोनों ओर उनकी सात एकड़ जमीन है। खेत में सिल्ट जमा होने के कारण उनकी सोयाबीन की फसल नष्ट हो गई। वहीं, किसान गगनदीप सिंह ने बताया कि उनकी करीब आधा एकड़ जमीन नदी के तेज बहाव में बह गई। किसान संदीप बिष्ट ने बताया कि जमीन में सिल्ट इकट्ठा होने के कारण उनकी फसलें नष्ट हो गई।
विज्ञापन