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पहाड़ों में किसानों की आमदनी बढ़ाएगी छोटी इलायची

Sun, 26 Nov 2017 11:56 PM IST
चंदन बंगारी रुद्रपुर।
चंदन बंगारी रुद्रपुर। Updated Sun, 26 Nov 2017 11:56 PM IST
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Small cardamom will increase the income of farmers in the hills
black Cardamom

पहाड़ों में मुनाफा न होने के कारण किसानों का परंपरागत खेती से मोह भंग हो रहा है। किसान अब फायदेमंद खेती को अपना रहे हैं। पिथौरागढ़ और चंपावत के किसानों ने छोटी इलायची की खेती करने का मन बनाया है। ग्रामीणों की मांग पर मंडी परिषद ने केरल और पश्चिम बंगाल से आठ हजार पौधे मंगवाए हैं। इन पौधों को बांटा जा रहा है। ठंडी जगहों में उपयोगी माने जाने वाली छोटी इलायची की खेती को काश्तकारों की आमदनी बढ़ाने का जरिया माना जा रहा है।

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दरअसल, पहाड़ों में होने वाली खेती का बड़ा हिस्सा मानसून पर निर्भर रहता है। वहीं बंदर, जंगली  सुअर सहित अन्य जंगली जानवर भी फसलों को खूब नुकसान पहुंचाते हैं। परंपरागत खेती में फायदा न होने की वजह से काश्तकारों के खेती छोड़ने से जमीनें बंजर हो गई हैं। पिथौरागढ़ के कनालीछीना, धारचूला और चंपावत के कुछ गांवों के लोगों ने प्रधानों के माध्यम से छोटी इलायची की खेती करने की मंशा जाहिर करते हुए मंडी परिषद से पौध उपलब्ध कराने की मांग की थी। इस पर मंडी ने नर्सरी के जरिये पौध मंगाने के बाद उन्हें वितरण करने को भेज दिया है।
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मंडी परिषद के महाप्रबंधक प्रशासन बीएस चलाल ने बताया कि केरल और पश्चिम बंगाल से आठ हजार पौधे मंगाने के बाद उन्हें पिथौरागढ़ और चंपावत जिले के ग्रामीणों को वितरण के लिए भेजा गया है। छोटी इलायची की खेती केरल, अरुणाचल प्रदेश, दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल सहित अनेक प्रदेशों में होती है। यह ठंडी जगह पर होती है। छोटी इलायची महंगी बिकती है। इसलिए अगर किसानों का प्रयोग सफल रहा तो यह उनकी आमदनी को बढ़ाने में बेहद मुफीद साबित होगी। बताया कि जरूरत पड़ने पर मंडी की ओर से छोटी इलायची की खेती के लिए ग्रामीणों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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ग्लेडियोलस और लिलियम की मांग भेजी
मंडी महाप्रबंधक बीएस चलाल ने बताया कि धारी तहसील के शीतलाखेज, धानारौली सहित कुछ अन्य जगहों से ग्लेडियोलस और लिलियम की मांग ग्रामीणों ने की है। ग्लेडियोलस के पांच लाख बल्ब, लिलियम के 15 हजार और गेंदा कलकतिया के दो लाख पौधे नर्सरी से मंगवाए जा रहे हैं। नर्सरी से मंगवाने के बाद इन्हें ग्रामीणों को निशुल्क वितरित किया जाएगा।

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