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चेक बाउंस मामला: दोषी को छह महीने की सजा, साढ़े दस लाख का लगाया जुर्माना
Wed, 06 Dec 2023 07:13 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
Published by: हीरा मेहरा
Updated Wed, 06 Dec 2023 07:13 PM IST
सार
रुद्रपुर में चेक बाउंस के दोषी को छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर साढ़े दस लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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चेक बाउंस मामला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
न्यायिक मजिस्ट्रेट/प्रथम अपर सिविल जज ने चेक बाउंस के दोषी को छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर साढ़े दस लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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जानकारी के अनुसार ग्राम रत्ना मडैया केलाखेड़ा निवासी उस्मान अल्वी ने 19 सितंबर 2019 को रत्ना मडैया निवासी मोहम्मद आसिफ के खिलाफ न्यायालय में चेक बाउंस का परिवाद दर्ज कराया था। उस्मान का कहना था कि उनके आसिफ के साथ अच्छे संबंध थे। नवंबर 2017 में आसिफ ने हाइवे किनारे अपनी जमीन का सौदा उससे किया था। जमीन का सौदा 40 लाख रुपये तय होने के बाद उन्होंने 16 दिसंबर 2017 को अपने लोन खाते से 15 लाख और इसी खाते से 26 दिसंबर को 5 लाख रुपए निकालकर
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बयाना के तौर पर आसिफ को दिए थे। बचे रुपए रजिस्ट्री के समय देना तय हुआ था। आसिफ की जमीन एनएच घोटाले में फंसने के रजिस्ट्री नहीं हो सकी थी। वर्ष 2019 में मोहम्मद आसिफ का पेट्रोल पंप मंजूर होने पर उसने जमीन बेचने से इंकार कर दिया। जब उन्होंने रकम वापस मांगी तो आसिफ ने 15 जुलाई 2019 को एसबीआई बैंक का 10 लाख रुपये का चेक दिया था। जब चेक को उन्होंने खाते में लगाया तो वह बाउंस हो गया। 16 अगस्त 2019 को उन्होंने अधिवक्ता के जरिए आसिफ को नोटिस भेजा था, लेकिन ना नोटिस का जवाब दिया गया और न ही रुपए वापस लौटाए गए।
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इस मामले की सुनवाई प्रथम अपर सिविल जज/ न्यायिक मजिस्ट्रेट कंचन चौधरी के न्यायालय में हुई थी। जिसमें परिवादी के अधिवक्तों जावेद आलम,मोहम्मद रिजवान और अमित कालरा ने आसिफ पर दोष सिद्ध कर दिया। जिस पर न्यायालय ने आसिफ को छह माह का कारावास और साढ़े दस लाख रुपये का अर्थदंड देने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आदेश दिए है कि अर्थदंड में से एक लाख 40 हजार रुपए परिवादी को प्रतिकर के रूप में दिए जाए और 10 हजार रूपये राज्य सरकार के खाते में जमा होगी।