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सिडकुल की फूड कंपनियों में उत्पादन होने लगा ठप

Wed, 07 Dec 2016 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर Updated Wed, 07 Dec 2016 12:40 AM IST
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Sidcul food companies began to halt production
फैक्ट्री के बाहर खड़े ट्रक - फोटो : अमर उजाला

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नोटबंदी के 28 दिन बाद भी पंतनगर सिडकुल के हालात सुधर नहीं रहे हैं। उद्योगों को कैश नहीं मिलने का खामियाजा उद्यमियों के साथ-साथ यहां काम करने वाले युवाओं को भी भुगतना पड़ रहा है। सिडकुल में प्रतिदिन होने वाला 1 अरब 27 करोड़ से ज्यादा का उत्पादन फिलहाल पटरी पर आता नजर नहीं आ रहा है। इस दिशा में जहां कई फैक्ट्रियों का उत्पादन 40 फीसदी तक आ चुका है वहीं सबसे बड़ी समस्या सिडकुल में देश की प्रसिद्ध खाद्य कंपनियों के आगे आ गई है। पारले, ब्रिटानिया और नेस्ले जैसी कंपनियों के समक्ष ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा वहन करने के लिए कैश की दिक्कत आ रही है वहीं अब दबी जुबान से इन कंपनियों के प्रबंधन ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपना उत्पादन लगभग 50 फीसदी से ज्यादा घटा दिया है।  


 नोटबंदी के 28 दिन बाद भी रुद्रपुर शहर के बैैंकों में 500 के नए नोट की पूरी खेप नहीं आई है। यही कारण है कि ट्रक ड्राइवरों के डीजल के भाड़े का खर्च वहन नहीं करने के कारण फैक्ट्रियां अपना उत्पादन घटाती जा रही हैं। मंगलवार को बिस्कुट कंपनी ब्रिटानिया और पारले में भी माल का लदान और ढुलान नहीं होने के चलते कई ट्रकों के पहिए जाम रहे। खाद्य सामान को सही समय पर पहुंचाना और कच्चा खाद्य सामान भी सही समय पर आना यह इन फैक्ट्रियों के लिए वर्तमान में बड़ी चुनौती है। दिनोंदिन सिडकुल में लगातार बिगड़ते हालात से जहां प्रबंधन सकते में है वहीं अब श्रमिक भी रोजगार छिनने के भय से चिंता में पड़ गए हैं।
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इस बारे में सिडकुल इंटरप्रिंयोर सोसाइटी के अध्यक्ष अजय तिवारी का कहना है कि सबसे बड़ी दिक्कत फैक्ट्रियों के आगे यह है कि एक सप्ताह में मात्र 50 हजार रुपये ही निकालने का आदेश है, जो ऊंट के मुंह जीरा साबित हो रहा है। ट्रकों से सिडकुल से माल का लदान और ढुलान में भारी खर्च होता है ऐसे में स्थिति दिन ब दिन बिगड़ती जा रही है। बैंकों में 500 के नए नोट नहीं आने से भी कई कारखाने अपना ही भुगतान नहीं निकाल पा रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या खाद्य उत्पादन की कंपनियों के समक्ष है। अगर जल्द ही हालात नहीं सुधरे तो सिडकुल को नोटबंदी के झटके से उबरने में लंबा समय लग सकता है।
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