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तो दर्जा राज्य मंत्री के बेटे उत्कर्ष की एकाउंटेंट ने की थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Wed, 07 Dec 2016 11:23 PM IST
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दर्जा राज्य मंत्री, उत्तराखंड आवास एवं निर्माण सह संघ के अध्यक्ष चौधरी उपेंद्र कुमार के बेटे की ट्रक के चपेट में आकर हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने उपेंद्र के बड़े भाई की तहरीर के आधार पर आरोपी एकाउंटेंट के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। उपेंद्र के भाई के अनुसार एकाउंटेंट ने फैक्ट्री के पैसों में हेराफेरी की थी। इसका हिसाब मांगने के बाद ही उसने आक्रोशित होकर उसके परिवार पर जानलेवा हमला किया, जिसमें उत्कर्ष की मौत हो गई।
ओमेक्स रिवेरा कालोनी निवासी दर्जा राज्य मंत्री चौधरी उपेंद्र कुमार का नौ वर्षीय बेटा उत्कर्ष मंगलवार शाम को अपनी दादी कृष्णा और दादा नानकचंद के साथ भूरारानी स्थित अपनी एसजी फूड्स फैक्ट्री में गया था। इस दौरान कंपनी में काम करने वाले एकाउंटेंट सोडी कालोनी निवासी संदीप राय ने ट्रक स्टार्ट कर उन पर चढ़ा दिया। ट्रक की चपेट में आने से उत्कर्ष की मौत हो गई जबकि दादी कृष्णा बुरी तरह घायल हो गईं। दादी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने एकाउंटेंट को हिरासत में लेकर बुधवार सुबह बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया। मामले को लेकर उपेंद्र के बड़े भाई चौधरी मनोज कुमार ने पुलिस को तहरीर सौंपी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी एकाउंटेंट संदीप राय के खिलाफ धारा 302 और 307 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना एसएसआई प्रकाश सिंह दानू को सौंपी गई है।
रुद्रपुर। दर्जा राज्य मंत्री उपेंद्र कुमार की एसजी फूड्स फैक्ट्री में बतौर एकाउंटेंट का काम संभालने वाले संदीप राय पर फैक्ट्री के पैसों में हेराफेरी का भी आरोप है। उपेंद्र के भाई मनोज के अनुसार फैक्ट्री के पैसों में की गई हेराफेरी का हिसाब मांगने के बाद ही संदीप ने आक्रोशित होकर उसके परिवार पर जानलेवा हमला किया।
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उपेंद्र के बड़े भाई चौधरी मनोज कुमार ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि सोडी कालोनी निवासी संदीप राय लंबे समय से उनकी भूरारानी स्थित एसजी फूड्स फैक्ट्री में बतौर एकाउंटेंट काम करता था। कुछ दिन पहले उन्हें शिकायत मिली कि संदीप फैक्ट्री के पैसों में कुछ हेराफेरी कर रहा है। जब पांच दिसंबर को मनोज ने फैक्ट्री में पहुंचकर एकाउंट की जांच की तो संदीप द्वारा पैसों में हेराफेरी करने की पुष्टि हुई।
जांच पड़ताल के बाद पता चला कि संदीप फैक्ट्री के पैसों को ब्याज में लगाता है। मनोज ने हेराफेरी का मामला जब भाई उपेंद्र को बताने की बात कही तो संदीप ने अगले दिन पैसे लौटाने की बात कहकर माफी मांग ली। मनोज के अनुसार अगले दिन 6 दिसंबर को वह अपने पिता नानकचंद, मां कृष्णा और भतीजे उत्कर्ष के साथ फैक्ट्री गया था। इसी दौरान उसने संदीप को कार्यालय से बाहर बुलाकर पैसे जमा करने को कहा तो संदीप ने गुस्से में आकर कार्यालय से ट्रक की चाबी ली और ट्रक स्टार्ट कर मनोज की ओर दौड़ा दिया। इसकी चपेट में आने से उत्कर्ष की मौत हो गई। मनोज का यह भी आरोप है कि ट्रक स्टार्ट करते वक्त संदीप ने पहले उसे फिर उसके परिवार को मारने की धमकी दी थी। ब्यूरो
दर्जा राज्य मंत्री चौधरी उपेंद्र कुमार के बेटे की मौत के मामले में उसके परिजन अपनी फैक्ट्री के एकाउंटेंट संदीप पर ट्रक से कुचलकर बेटे की हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं पुलिस के लिए यह सवाल भी सिरदर्द बना हुआ है कि अगर संदीप ने पैसों की हेराफेरी से बचने या फिर मनोज की बातों से गुस्से में आकर मनोज और उसके परिवार की हत्या करने का इरादा बनाया तो फिर घटना को अंजाम देने के बाद उसने फरार होनी की कोशिश क्यों नहीं की। एसएसआई प्रकाश दानू के अनुसार जब वह मौके पर पहुंचे तो संदीप फैक्ट्री में ही मौजूद था।
पूर्व दर्जा मंत्री के बेटे उत्कर्ष की मौत के मामले में उपेंद्र के बड़े भाई चौधरी मनोज की तहरीर के आधार पर एकाउंटेंट संदीप के खिलाफ धारा 302, 307 आईपीसी में मुकदमा दर्ज किया गया है। संदीप ने पैसों की हेराफेरी से बचने के लिए हत्या की घटना को अंजाम दिया या फिर यह महज एक हादसा था इसकी पुष्टि मामले की विवेचना की बाद ही होगी।
-- देवेंद्र पिंचा, एएसपी
ओमेक्स रिवेरा कालोनी निवासी दर्जा राज्य मंत्री चौधरी उपेंद्र कुमार का नौ वर्षीय बेटा उत्कर्ष मंगलवार शाम को अपनी दादी कृष्णा और दादा नानकचंद के साथ भूरारानी स्थित अपनी एसजी फूड्स फैक्ट्री में गया था। इस दौरान कंपनी में काम करने वाले एकाउंटेंट सोडी कालोनी निवासी संदीप राय ने ट्रक स्टार्ट कर उन पर चढ़ा दिया। ट्रक की चपेट में आने से उत्कर्ष की मौत हो गई जबकि दादी कृष्णा बुरी तरह घायल हो गईं। दादी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने एकाउंटेंट को हिरासत में लेकर बुधवार सुबह बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया। मामले को लेकर उपेंद्र के बड़े भाई चौधरी मनोज कुमार ने पुलिस को तहरीर सौंपी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी एकाउंटेंट संदीप राय के खिलाफ धारा 302 और 307 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना एसएसआई प्रकाश सिंह दानू को सौंपी गई है।
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रुद्रपुर। दर्जा राज्य मंत्री उपेंद्र कुमार की एसजी फूड्स फैक्ट्री में बतौर एकाउंटेंट का काम संभालने वाले संदीप राय पर फैक्ट्री के पैसों में हेराफेरी का भी आरोप है। उपेंद्र के भाई मनोज के अनुसार फैक्ट्री के पैसों में की गई हेराफेरी का हिसाब मांगने के बाद ही संदीप ने आक्रोशित होकर उसके परिवार पर जानलेवा हमला किया।
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उपेंद्र के बड़े भाई चौधरी मनोज कुमार ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि सोडी कालोनी निवासी संदीप राय लंबे समय से उनकी भूरारानी स्थित एसजी फूड्स फैक्ट्री में बतौर एकाउंटेंट काम करता था। कुछ दिन पहले उन्हें शिकायत मिली कि संदीप फैक्ट्री के पैसों में कुछ हेराफेरी कर रहा है। जब पांच दिसंबर को मनोज ने फैक्ट्री में पहुंचकर एकाउंट की जांच की तो संदीप द्वारा पैसों में हेराफेरी करने की पुष्टि हुई।
जांच पड़ताल के बाद पता चला कि संदीप फैक्ट्री के पैसों को ब्याज में लगाता है। मनोज ने हेराफेरी का मामला जब भाई उपेंद्र को बताने की बात कही तो संदीप ने अगले दिन पैसे लौटाने की बात कहकर माफी मांग ली। मनोज के अनुसार अगले दिन 6 दिसंबर को वह अपने पिता नानकचंद, मां कृष्णा और भतीजे उत्कर्ष के साथ फैक्ट्री गया था। इसी दौरान उसने संदीप को कार्यालय से बाहर बुलाकर पैसे जमा करने को कहा तो संदीप ने गुस्से में आकर कार्यालय से ट्रक की चाबी ली और ट्रक स्टार्ट कर मनोज की ओर दौड़ा दिया। इसकी चपेट में आने से उत्कर्ष की मौत हो गई। मनोज का यह भी आरोप है कि ट्रक स्टार्ट करते वक्त संदीप ने पहले उसे फिर उसके परिवार को मारने की धमकी दी थी। ब्यूरो
दर्जा राज्य मंत्री चौधरी उपेंद्र कुमार के बेटे की मौत के मामले में उसके परिजन अपनी फैक्ट्री के एकाउंटेंट संदीप पर ट्रक से कुचलकर बेटे की हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं पुलिस के लिए यह सवाल भी सिरदर्द बना हुआ है कि अगर संदीप ने पैसों की हेराफेरी से बचने या फिर मनोज की बातों से गुस्से में आकर मनोज और उसके परिवार की हत्या करने का इरादा बनाया तो फिर घटना को अंजाम देने के बाद उसने फरार होनी की कोशिश क्यों नहीं की। एसएसआई प्रकाश दानू के अनुसार जब वह मौके पर पहुंचे तो संदीप फैक्ट्री में ही मौजूद था।
पूर्व दर्जा मंत्री के बेटे उत्कर्ष की मौत के मामले में उपेंद्र के बड़े भाई चौधरी मनोज की तहरीर के आधार पर एकाउंटेंट संदीप के खिलाफ धारा 302, 307 आईपीसी में मुकदमा दर्ज किया गया है। संदीप ने पैसों की हेराफेरी से बचने के लिए हत्या की घटना को अंजाम दिया या फिर यह महज एक हादसा था इसकी पुष्टि मामले की विवेचना की बाद ही होगी।
-- देवेंद्र पिंचा, एएसपी