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अनुबंध समाप्त होने के बावजूद काशीपुर डिपों में खुला है परिवहन नीर का खोखा
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रोडवेज परिसर में खुला परिवहन नीर का खोखा।
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। टेंडर की अवधि समाप्त होने के बावजूद काशीपुर बस अड्डे में एक खोखा पिछले पांच माह से चल रहा है। एआरएम के आदेश के बाद भी डिपो प्रभारी इस खोखे को बंद नहीं करा सके हैं। डिपो के अधिकारी इस मामले में एक मंत्री का दबाव होने की बात कह रहे हैं।
काशीपुर बस अड्डा परिसर में करीब सात वर्ष पूर्व एक व्यक्ति के नाम परिवहन नीर का बोतल बंद पानी बेचने का टेंडर किया गया था। टेंडर की शर्तों के मुताबिक हर वर्ष इस अनुबंध का नवीनीकृत कराना पड़ता है। मार्च 2021 में इस अनुबंध की अवधि पूर्ण हो चुकी है लेकिन खोखा संचालक की ओर से दस्तावेज जमा कराने के बाद भी अनुबंध का नवीनीकरण नहीं कराया गया है।
परिवहन नीर के नाम पर आवंटित इस खोखे पर नियम विरुद्ध खाद्य सामग्री भी बेची जा रही है। डिपो के अधिकारियों ने खोखा हटाने को कहा तो उसने साफ इनकार कर दिया। डिपो के एक अधिकारी ने बताया कि खोखे के संबंध में उनके पास एक कैबिनेट मंत्री का फोन आया है। उन्होंने अनुबंध की कार्रवाई न होने तक खोखा संचालक को रियायत देने को कहा है। खोखा संचालक का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण वह खोखे के अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करा सका है। इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एआरएम आरसी पांडे ने बताया कि संचालक को खोखा बंद करने के आदेश दिए जा चुके हैं। वहीं, डिपो प्रभारी हरेंद्र नितवाल का कहना है कि बार-बार निर्देशित किए जाने के बाद भी वह खोखा बंद नहीं कर रहा है। यदि एक दो दिन में उसने खोखा बंद नही किया तो उसके खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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काशीपुर बस अड्डा परिसर में करीब सात वर्ष पूर्व एक व्यक्ति के नाम परिवहन नीर का बोतल बंद पानी बेचने का टेंडर किया गया था। टेंडर की शर्तों के मुताबिक हर वर्ष इस अनुबंध का नवीनीकृत कराना पड़ता है। मार्च 2021 में इस अनुबंध की अवधि पूर्ण हो चुकी है लेकिन खोखा संचालक की ओर से दस्तावेज जमा कराने के बाद भी अनुबंध का नवीनीकरण नहीं कराया गया है।
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परिवहन नीर के नाम पर आवंटित इस खोखे पर नियम विरुद्ध खाद्य सामग्री भी बेची जा रही है। डिपो के अधिकारियों ने खोखा हटाने को कहा तो उसने साफ इनकार कर दिया। डिपो के एक अधिकारी ने बताया कि खोखे के संबंध में उनके पास एक कैबिनेट मंत्री का फोन आया है। उन्होंने अनुबंध की कार्रवाई न होने तक खोखा संचालक को रियायत देने को कहा है। खोखा संचालक का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण वह खोखे के अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करा सका है। इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एआरएम आरसी पांडे ने बताया कि संचालक को खोखा बंद करने के आदेश दिए जा चुके हैं। वहीं, डिपो प्रभारी हरेंद्र नितवाल का कहना है कि बार-बार निर्देशित किए जाने के बाद भी वह खोखा बंद नहीं कर रहा है। यदि एक दो दिन में उसने खोखा बंद नही किया तो उसके खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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