{"_id":"61cf29b8b5137a0dab063995","slug":"sex-ratio-rudrapur-news-hld4494700119","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में परवान नहीं चढ़ रही बेटियां बचाने की मुहिम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में परवान नहीं चढ़ रही बेटियां बचाने की मुहिम
विज्ञापन
रुद्रपुर में आयोजित पीसीपीएनडीटी की कार्यशाला में मौजूद अधिकारी।
- फोटो : RUDRAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए शुक्रवार को रुद्रपुर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और आईएमए के पदाधिकारियों ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के बावजूद बेटियों का संरक्षण न होने पर गहरी चिंता जताई। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) में ऊधमसिंह नगर जिला लिंगानुपात में राज्य में 11 स्थान पर है।
रामपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्याशाला में वक्ताओं ने कहा कि पितृसत्तामक सोच के कारण समाज में कन्या भ्रूण हत्या की प्रवृति बढ़ रही है, जिस कारण बेटी बचाओ अभियान भी सफल नहीं हो पा रहा है। कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए वर्ष 1994 में लागू किया गया पीसीपीएनटीडी एक्ट भी बेटियों की रक्षा नहीं कर पा रहा है।
सीडीओ आशीष भटगांई ने कहा कि अभिभावकों को बेटा व बेटी में किसी प्रकार भेदभाव नहीं करना चाहिए। आज बेटियां भी हर कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। सीएमओ डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जघन्य अपराध है। वहां पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एलएम उप्रेती, एसीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक, डॉ. अविनाश खन्ना, पीसीपीएनडीटी के जिला समन्वयक प्रदीप महर, जिला शासकीय अधिवक्ता बरीत सिंह, हीरा जंगपांगी, सरोज ठाकुर, बिंदुवासिनी, सीमा सिंह, गोपाल आर्या, डॉ. रविंद्र पाल आदि थे।
विज्ञापन
जिलेवार लिंगानुपात
जिला - लिंगानुपात
अल्मोड़ा - 1259
पौड़ी- 1210
रुद्रप्रयाग-1169
टिहरी-1161
चंपावत-1154
चमोली-1150
बागेश्वर -1144
पिथौरागढ़-1069
उत्तरकाशी-1031
नैनीताल-1005
ऊधमसिंह नगर-941
देहरादून- 936
हरिद्वार -929
(स्रोत : एनएफएचएस के सर्वे के अनुसार)
विज्ञापन
रामपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्याशाला में वक्ताओं ने कहा कि पितृसत्तामक सोच के कारण समाज में कन्या भ्रूण हत्या की प्रवृति बढ़ रही है, जिस कारण बेटी बचाओ अभियान भी सफल नहीं हो पा रहा है। कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए वर्ष 1994 में लागू किया गया पीसीपीएनटीडी एक्ट भी बेटियों की रक्षा नहीं कर पा रहा है।
विज्ञापन
सीडीओ आशीष भटगांई ने कहा कि अभिभावकों को बेटा व बेटी में किसी प्रकार भेदभाव नहीं करना चाहिए। आज बेटियां भी हर कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। सीएमओ डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जघन्य अपराध है। वहां पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एलएम उप्रेती, एसीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक, डॉ. अविनाश खन्ना, पीसीपीएनडीटी के जिला समन्वयक प्रदीप महर, जिला शासकीय अधिवक्ता बरीत सिंह, हीरा जंगपांगी, सरोज ठाकुर, बिंदुवासिनी, सीमा सिंह, गोपाल आर्या, डॉ. रविंद्र पाल आदि थे।
विज्ञापन
जिलेवार लिंगानुपात
जिला - लिंगानुपात
अल्मोड़ा - 1259
पौड़ी- 1210
रुद्रप्रयाग-1169
टिहरी-1161
चंपावत-1154
चमोली-1150
बागेश्वर -1144
पिथौरागढ़-1069
उत्तरकाशी-1031
नैनीताल-1005
ऊधमसिंह नगर-941
देहरादून- 936
हरिद्वार -929
(स्रोत : एनएफएचएस के सर्वे के अनुसार)