रात गहराते-गहराते अलाव की ताप पड़ी ठंडी: रैन बसेरे में ठहरे मिले सात लोग, शहर में आठ जगहों पर जलती मिली आंच
उत्तराखंड में रात में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। अमर उजाला टीम ने रुद्रपुर शहर में बृहस्पतिवार की रात सार्वजनिक जगहों पर पड़ताल की तो आठ जगहों पर अलाव जलते मिले। रात गहराने पर इनकी ताप ठंडी पड़ गई। इसके अलावा, रैन बसेरे में सात लोग ठहरे हुए मिले।
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तराई में तापमान गिरने से रात में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। ऐसे में रात में सार्वजनिक जगहों पर अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार की रात सार्वजनिक जगहों पर पड़ताल की तो आठ जगहों पर अलाव जलते मिले। रात गहराने पर इनकी ताप ठंडी पड़ गई। इसके अलावा, रैन बसेरे में सात लोग ठहरे हुए मिले।
गांधी पार्क के पास बनाए गए रैन बसेरे में ठहरे छह लोग रामपुर जिले के बिलासपुर और शाहबाद के रहने वाले थे, जबकि एक व्यक्ति पानीपत का था। शाहबाद निवासी मुनेंद्रपाल सिंह और सुरेश ने बताया कि वे मजदूरी करते हैं। काम में ज्यादा समय लगने से वे यहां रुक गए। रैन बसेरे में रजाई, बिस्तर की व्यवस्था मिली है।
रैन बसेरे में तैनात पीआरडी जवान बलजीत कुमार ने बताया कि नौ दिसंबर से रैन बसेरा शुरू किया गया है। अब तक यहां 28 लोग ठहर चुके हैं। रैन बसेरे में आठ बेड हैं, जबकि महिला के लिए अलग से कमरे में पांच बेड हैं। रोडवेज बस अड्डे के भीतर यात्री आग सेंकते नजर आए। बस अड्डे के बाहर, रैन बसेरे के पास, इंदिरा चौक, बाटा चौक, डीडी चौक, शिवनगर मोड़, मोदी मैदान के पास अलाव जलते हुए मिले। हालांकि ट्रांजिट कैंप में कहीं अलाव नहीं जला था।
वर्तमान में 10 जगहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही ट्रांजिट कैंप और अन्य जगहों को मिलाकर 20 जगहों पर अलाव जलाए जाएंगे। रैन बसेरों में अगर बेड फुल होते हैं तो नगर निगम के पुराने हॉल और सामुदायिक केंद्रों में व्यवस्था की जाएगी। निगम के पास अपने 150 जोड़ी बिस्तर और रजाइयां हैं।