फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Scientists of Central bird Research Institute made biscuits peda and rasmalai from meat and eggs of birds

भारतीय वैज्ञानिकों का कमाल: प्रोटीन की होगी भरपाई, खाइए मांस व अंडे से बने बिस्किट; पेड़ा और रसमलाई

Sat, 22 Feb 2025 05:05 PM IST
Vikas Kumar सुरेंद्र कुमार वर्मा, अमर उजाला, पंतनगर
सुरेंद्र कुमार वर्मा, अमर उजाला, पंतनगर Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 22 Feb 2025 05:05 PM IST
सार

डॉ. सागर ने बताया कि उनके संस्थान की ओर से पक्षियों के मांस और अंडों से इस तरह के उत्पाद बनाने की तकनीक बिकाऊ है। जिस किसी को अपने उद्यम के लिए इस तकनीक की आवश्यकता हो, वह उनके संस्थान से संपर्क कर सकता है। 

विज्ञापन
Scientists of Central bird Research Institute made biscuits peda and rasmalai from meat and eggs of birds
मांस से बने पेड़े - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शरीर में प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीडब्ल्यूआरआई) बरेली के वैज्ञानिकों ने विभिन्न प्रकार के पक्षियों के मांस व अंडों से बिस्किट, पेड़ा और रसमलाई बनाने की तकनीक ईजाद की है। संस्थान की ओर से जीबी पंत कृषि और प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आयोजित 17वीं कृषि विज्ञान कांग्रेस में इस तकनीक को प्रदर्शित किया गया है।

विज्ञापन

 

उत्पाद किए गए प्रदर्शित 
सीडब्ल्यूआरआई के स्टॉल पर मौजूद डॉ. एमपी सागर ने बताया कि उनके संस्थान की ओर से सम्मेलन की प्रदर्शनी में पोल्ट्री से संबंधित हर चीज लगाई है। इसमें तकनीक के माध्यम से पोल्ट्री संबंधित बटेर, चिकन, टर्की और गिनी फाउल आदि के मांस व उनके अंडों से बिस्किट, पेड़ा और रसमलाई जैसे उत्पादों को बनाकर प्रदर्शित किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कोयल का अंडा और मांस बहुत महंगा
बताया कि टर्की अधिकतर मांस के लिए पाली जाती है। यूरोपीय देशों के बाद अब भारत में भी लोग इसे मांस के लिए पालने लगे हैं। टर्की का मांस सफेद होता है। इसमें फाइबर की अधिकता, जबकि फैट की मात्रा नहीं के बराबर पाई जाती है। इसका मांस हृदय रोगियों के लिए बेहद मुफीद होता है। इसी प्रकार कोयल का अंडा और मांस बहुत महंगा बिकता है। इन सभी पक्षियों के अंडों में मल्टीग्रेन (18 प्रतिशत) मिलाकर हाई प्रोटीन बिस्किट बनाए गए हैं।

विज्ञापन

दो बिस्टिक काफी है
किसी भी बच्चे में प्रोटीन की पूर्ति के लिए मात्र दो बिस्किट ही पर्याप्त हैं। इसी प्रकार केंद्र की ओर से तकनीक विकसित कर देश में पहली बार वैल्यू एडीशन कर निष्प्रयोज्य पक्षी के मांस और अंडों से बड़ी व कबाब आदि बनाए गए हैं। यह 800-900 रुपये प्रति किलो की दर से मिल जाते हैं। इसी प्रकार इससे रसमलाई, पेड़े, रबड़ी, अचार व फिंगर चिप्स भी तैयार किए गए हैं। इसमें भरपूर प्रोटीन के साथ ही सभी प्रकार के पोषक तत्व मिल जाते हैं।

जिसको चाहिए तकनीक, वह आए सीबीडब्ल्यूआरआई
डॉ. सागर ने बताया कि उनके संस्थान की ओर से पक्षियों के मांस और अंडों से इस तरह के उत्पाद बनाने की तकनीक बिकाऊ है। जिस किसी को अपने उद्यम के लिए इस तकनीक की आवश्यकता हो, वह उनके संस्थान से संपर्क कर सकता है। शर्त यह है कि उसे अपने उत्पाद पर उनके संस्थान का नाम प्रिंट करना होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed