हंगामेदार बैठक के बाद खत्म हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल
नगर पालिका सफाई कर्मचारियों की हड़ताल छठे दिन आठ घंटे चली लंबी वार्ता के बाद खत्म हो गई। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों के बीच समझौता पत्र लिखा जा रहा था। बोर्ड ने अधिकांश मांगें मान लीं, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई। इससे शासन के निर्देश और बोर्ड की बैठक के बाद निर्णय लेने पर टाल दिया गया।बृहस्पतिवार को प्रशासन और नगर के गणमान्य नागरिकों की मध्यस्थता में पालिका बोर्ड व पालिका के सफाई कर्मचारियों के बीच वार्ता हुई। जिसमें सफाई कर्मचारियों की 17 सूत्रीय मांगों पर बिंदुवार चर्चा हुई। पालिका बोर्ड ने दैनिक, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण में जिला शासकीय अधिवक्ता से राय लेने और लिपिक के रिक्त पदों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति पर पालिका बोर्ड की बैठक में मामला लाने और विचार विमर्श के बाद नियमानुसार कार्रवाई को कहा गया। सफाई कर्मचारियों की नई नियुक्ति शासनादेश के अनुरूप करने, सेवानिवृत्त पेंशनधारकों को वेतन व खर्च के बाद बचने वाली धनराशि से पेंशन देने पर सहमति बनी।
इससे पूर्व अधिशासी अधिकारी जयवीर सिंह राठी व सफाई कर्मचारी नेता संतोष गौरव के बीच तीखी नोकझोंक हुई। नियमितीकरण व पदोन्नति के मामले में लंबी बहस चली। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष सुरैय्या मेंहदी, एसडीएम चंद्र सिंह इमलाल, कोतवाल अजय ध्यानी, सभासद मेंहदी हसन, व्यापार मंडल अध्यक्ष अरुण सक्सेना, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष देवेंद्र जुनेजा राजू, बजरंग दल के प्रदेश संयोजक रंदीप पोखरिया, किसान नेता प्रकाश तिवारी, वीरेंद्र टंडन, राजकिशोर सक्सेना, दिगंबर गुप्ता, अनिल अग्रवाल, राशिद अंसारी, नईम रिजवी, शिवलाल रस्तोगी, सुरेश कुश्वाहा, बाबी धींगड़ा, सुभाष कुमार, फिरोज अंसारी, फिरोज खान, नासिर खान, बाबूद्दीन, मोहसिन बेग आदि थे।