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जीवन रेखा अस्पताल में हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Fri, 01 Apr 2016 12:14 AM IST
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अस्पताल
- फोटो : Amar Ujala
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ऊर्जा निगम के एक ईई को दिल की एक नस 90 प्रतिशत तक ब्लाक होने तथा कभी भी हार्ट अटैक होने की बात कह रंत इलाज की सलाह दी। ईई ने आरोप लगाया डाक्टर ने उनके पूरे परिवार पर हार्ट अटैक का खौफ दिखाकर उनके परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया। जबकि नोएडा स्थित एक अस्पताल में परीक्षण कराने पर महज 40 प्रतिशत ही नस ब्लॉक पाई गई।
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ऊर्जा निगम के ईई जसपुर विजय कुमार सकारिया ने बताया कि 28 मार्च को वह एक कैंप में थे तभी उनकी अचानक तबियत खराब हो गई। वह मानपुर रोड स्थित जीवन रेखा अस्पताल पहुंचे। वहां डॉ. सोढी ने उन्हें देखा और उनका ईसीजी और ईको किया। दोनों सही होने पर उनकी एंजियोग्राफी की गई। इस दौरान डॉक्टर ने एक नस 90 प्रतिशत तक ब्लॉक होने की बात कह परिवार वालों को तुरंत बुलाने की बात की। उन्होंने काशीपुर ईई विवेक कांडपाल व अन्य अधिकारियों को बुला दिया।
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ईई ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने तुरंत इलाज (रिंग न डलवाने पर) हार्ट अटैक का खतरा बताया। ऊर्जा निगम के एसई एमआर आर्या ने दूसरे अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट से राय ली तो सभी ने ऐसा कुछ भी नहीं होने की बात कही। इस पर उन्होंने रिंग डलवाने से मना कर दिया।
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ईई सकारिया ने बताया कि जब उन्होंने रिंग डलवाने से मना कर दिया तो डॉ. सोढी कभी 80 प्रतिशत तो कभी 40 से 60 प्रतिशत नस ब्लाक होने की बात कहने लगे। उन्होंने बताया कि 29 मार्च को उन्होंने नोएडा के मेट्रो अस्पताल में चेक अप कराया तो नस 40 प्रतिशत से कम ब्लॉक निकली। वहां के डाक्टरों ने कहा कि दवाईयों से ठीक हो जाएगा। ईई ने आरोप लगाया कि डाक्टर उन्हें डराकर अत्यधिक बिल बनाने के फिराक में थे।