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Udham Singh Nagar News: 20 हजार लेकर अंगूठी नहीं बनाई तो सराफ की ले ली जान

Thu, 07 Dec 2023 12:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Thu, 07 Dec 2023 12:05 AM IST
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ring. taking. Rs 20 thousand. jeweler. life.
नानकमत्ता में मृतक रमेश रस्तोगी की पत्नी को संभालतीं महिलाएं। संवाद
खटीमा (ऊधमसिंह नगर)। देवरी गांव में सराफ रमेश रस्तोगी की हत्या दो साल पहले 20 हजार रुपये एडवांस लेने के बावजूद सोने की अंगूठी न बनवाने की रंजिश में की गई थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए पिता-पुत्र और भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है।
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बुधवार को खटीमा कोतवाली में हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि देवरी में आराधना ज्वेलर्स के संचालक नानकमत्ता निवासी रमेश रस्तोगी को फुलैया, खटीमा निवासी सुरेंद्र सिंह उर्फ सुख्खा ने दो साल पहले अपनी बेटी के लिए सोने की अंगूठी बनवाने के लिए 20 हजार रुपये एडवांस दिए थे। सुरेंद्र का आरोप है कि रमेश एडवांस लेने के बावजूद अंगूठी बनाने में टालमटोल कर रहा था। पैसे भी वापस नहीं कर रहा था। सुरेंद्र ने रमेश पर उसकी बेटी के लिए अभद्र टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया।
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एसएसपी ने बताया कि इस कारण सुरेंद्र रमेश से रंजिश रखने लगा था। उसने अपने बेटे 20 वर्षीय विक्रमजीत सिंह और 23 वर्षीय भतीजे लखविंदर के साथ मिलकर रमेश की हत्या की योजना बनाई। लखविंदर पर यूपी के पीलीभीत में लूट का एक केस भी दर्ज है। तीनों ने पीलीभीत से तमंचे खरीदे और शराब पीने के बाद देवरी पहुंचे। उस समय रमेश अपनी दुकान बंद करने की तैयारी कर रहा था। तभी तीनों नकाब पहनकर बाइक से दुकान के पास पहुंचे। सुरेंद्र अपने भतीजे लखविंदर के साथ सराफ की दुकान में घुसा, जबकि बाहर उसका बेटा विक्रमजीत बाइक को स्टार्ट किए हुए खड़ा था। सराफ के साथ गालीगलौज और तीखी नोकझोंक के बाद दोनों ने उसकी गर्दन के पास से सटाकर फायर झोंक दिया। सराफ को दो गोली मारने के बाद दोनों तेजी से बाहर भागे। वारदात को अंजाम देने में सिर्फ आठ मिनट का समय लगा।
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ऐसे पकड़े गए तीनों

सरेशाम फायरिंग की घटना के बाद पुलिस हरकत में आई। कई सीसीटीवी खंगाले गए। दुकान के आसपास तीन नकाबपोश फुटेज में दिखाई दिए। तीनों की बाइक का नंबर सर्च किया गया। दुकान से जाने के बाद उन्होंने नकाब उतार लिए थे। हेलमेट भी नहीं लगाया था। ऐसे में पुलिस का उन तक पहुंचना आसान हो गया।

ये समान हुआ बरामद



पुलिस ने हत्यारोपियों के पास से 315 बोर के दो तमंचे, दो कारतूस, दो खोखे, बाइक और हेलमेट बरामद किए हैं।



एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी का कहना है कि बुधवार को करीब ढाई बजे तीनों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में सराफ की पत्नी शशि रस्तोगी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
सराफ की हर गतिविधि पर रखी जा रही थी नजर
खटीमा। सराफ रमेश रस्तोगी की हत्या से पहले सुरेंद्र सिंह उर्फ सुख्खा ने अपने भतीजे लखविंदर सिंह की मदद से दुकान में उसके पहुंचने और रात को दुकान बंद का समय पता कर लिया था।

सुरेंद्र के भतीजे लखविंदर की देवरी में ही ट्रैक्टर की सर्विसिंग आदि की दुकान है। इस कारण वह रमेश रस्तोगी को पहले से जानता था। लखविंदर का आपराधिक इतिहास होने के कारण सुरेंद्र ने रमेश की दुकान में आने व जाने की रैकी करवाई थी। इसके बाद उसने इस योजना में अपने 20 साल के बेटे विक्रमजीत को शामिल कर दिया।

पुलिस को ढाई हजार रुपये का पुरस्कार



खटीमा। सराफ हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी ने ढाई हजार रुपये पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस टीम में एसओजी प्रभारी भारत सिंह, खटीमा कोतवाल प्रकाश दानू, नानकमत्ता थानाध्यक्ष दवेंद्र गौरव, सितारगंज थानाध्यक्ष भूपेंद्र बृजवाल, झनकईया थानाध्यक्ष रविंद्र बिष्ट, संदीप पिलखवाल, किशोर पंत, ब्रिजेंद्र कुमार, विक्रम धामी, मनोज धौनी आदि थे। संवाद



सराफ की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

खटीमा। सराफ रमेश रस्तोगी की मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी शशि रस्तोगी का रो-रोकर बुरा हाल है। लोगों ने बताया कि मृतक रमेश के परिवार में सिर्फ उसकी पत्नी व एक पुत्री हैं। नानकमत्ता में बुधवार को घर पर दिनभर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।

गोली लगने के बाद रमेश के बयान दर्ज नहीं कर सकी पुलिस

खटीमा। देवरी में मंगलवार रात गोली लगने के बाद रमेश रस्तोगी होश में थे। वह गोली मारने वाले व्यक्ति को जानता था, लेकिन पुलिस सराफ के बयान दर्ज नहीं कर सकी। बाद में इलाज के लिए बरेली ले जाते रमेश ने रास्ते में दम तोड़ दिया।



सराफ को कुछ दिन पहले भी हुआ था विवाद

खटीमा। सूत्रों का कहना है कि सराफ रमेश रस्तोगी का कुछ दिन पहले किसी जमीन को लेकर कुछ लोगों के साथ विवाद हुआ था। हालांकि उसका इस घटना के साथ संबंध नहीं बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि पहले रमेश की पहले झनकट में दुकान थी, कारोबार में नुकसान होने के बाद उसने देवरी में दुकान खोली थी।


देवरी में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग

खटीमा। लोगों का कहना है कि झनकट, देवरी और खटीमा के इस्लामनगर में नशे का धंधा तेजी से पनप रहा है। इस कारण आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। लोग अकेले घर बाहर जाने में घबराते हैं। रात में नशेड़ी चक्की से धान और गेहूं के कट्टे चुरा रहे हैं। बाइक चोरी की घटनाएं बढ रही हैं। देवरी व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष बीएस कोटिया ने कहा कि रात में देवरी में पुलिस गश्त जरूरी है।


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