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रामगढ़ के फलों ने विदेशों में भी मचाई धूम
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Thu, 14 Jul 2016 12:14 AM IST
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फल
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड मंडी निदेशालय के प्रयास अब रंग लाने लगे हैं। नैनीताल जिले के रामगढ़, मुक्तेश्वर और नथुवाखान में भारी मात्रा में पैदा होने वाले खुमानी, आडू, पुलम की डिमांड अब विदेशों तक होने लगी है। इन फलों की क्वालिटी को और बेहतर करने के लिए मंडी निदेशालय ने मुक्तेश्वर के नथुवाखान में दो सेटिंग ग्रेडिंग मशीन लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए ग्राम सभा की ओर से जमीन का चयन किया गया है।
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कुमाऊं और गढ़वाल में फल उत्पादन पर मंडी निदेशालय ने अपना पूरा फोकस किया हुआ है। पिछले चार-पांच सालों में नैनीताल जिले के रामगढ़ और मुक्तेश्वर क्षेत्र में फल उत्पादन का काम जोरों पर चल रहा है। विभाग इस बार गत्ते की पेटियों पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी भी दे रहा है।
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वहीं सेटिंग ग्रेडिंग मशीन के लगने से काश्तकारों को भारी लाभ भी मिलेगा। यह मशीन फलों की क्वालिटी को परखते हुए उन्हें छांटेगी और फिर यहीं से पेटियों में इनकी पैकिंग शुरू हो जाएगी। इसमें खास बात यह है कि सेटिंग ग्रेडिंग मशीन से फल खराब भी नहीं होंगे। अगर जो फल कुछ खराब होंगे तो उन्हें ठीक करके उन फलों का जूस तैयार किया जाएगा।
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एसी वैन एसएआरजी विकास समिति को सौंपी
मंडी निदेशालय ने जो तीन ऐसी वैन फलों की ताजगी के उद्देश्य से खरीदी थी, उनमें कुमाऊं में एक ऐसी वैन एसएआरजी विकास समिति कुमाऊं को सौंपी गई है। एक वैन गढ़वाल मंडल में भारतीय किसान क्लब रुड़की को दी गई है। वहीं एक वैन इमरजेंसी के लिए मंडी निदेशालय ने अपने पास सुरक्षित रखी है। इन वैनों की मदद से यहां से फल दिल्ली पहुंच रहे हैं और वहां विदेशी कंपनियों की एजेंसियां सीधे फलों को खरीद रही हैं।
मंडी की टीमें बांटेंगी फल उत्पादकों को पेटी
पिछली बार फल उत्पादकों को उनके बागानों से फलों को बाहर भेजने की जिम्मेदारी उद्यान विभाग को सौंपी गई थी। लेकिन इसमें कोई खास रुचि नहीं दिखाने के बाद इस बार मंडी निदेशालय ने स्वयं जिम्मेदारी ली है कि उनके विभाग की टीमें फल उत्पादकों को 50 प्रतिशत के सब्सिडी पर फल की पेकिंग के लिए पेटियां बांटेगी।
फलों का पौध वितरण भी जोरों पर
मंडी निदेशालय इस बार फल उत्पादकों को फलों के पौधों का भी वितरण कर रहा है। बेहतर क्वालिटी के फलों के पौधों का वितरण भी मंडी की ओर से टीमों का गठन करके किया जा रहा है। मंडी का लक्ष्य इस बार करीब 50 हजार से अधिक फलों के पौधों का वितरण करना है। विभाग का मानना है कि इससे फल उत्पादकों को जहां बढ़ावा मिलेगा वहीं आने वाले कुछ वर्षों में फलों का व्यापार भी बढ़ेगा और पहाड़ से पलायन पर भी ब्रेक लगेगा।
नैनीताल के मुक्तेश्वर, रामगढ़ और नथुवाखान में मौसमी फलों का बेहतर उत्पादन हो रहा है। यहां के खुमानी, आडू और पुलम की मांग देश ही नहीं विदेशों में भी हो रही है। इसी को देखते हुए मुक्तेश्वर के नथुवाखान में डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की दो सेटिंग ग्रेडिंग मशीनें लगाई जा रही हैं। इससे फल उत्पादकों को काफी लाभ मिलेगा और फलों की क्वालिटी भी बेहतर होगी। साथ ही फलों की पेटियों का भी वितरण 50 प्रतिशत की सब्सिडी के साथ विभाग कर रहा है। इसके साथ ही फलों के पौधों का भी वितरण किया जा रहा है।
--धीराज गर्ब्याल, मंडी निदेशालय, रुद्रपुर