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पुराने अस्पताल परिसर में शहीद स्मारक निर्माण के विरोध के उठने लगे स्वर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2020 12:27 AM IST
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Protest
देहरादून में मुख्य सचिव उत्तराखंड को पत्र सौंपते कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह। - फोटो : KHATIMA
पुराने अस्पताल परिसर में शहीद स्मारक निर्माण के विरोध के स्वर उठने लगे हैं। शासन-प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों की पुराने अस्पताल परिसर में एक बीघा भूमि पर भव्य स्मारक निर्माण की योजना से उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी बेहद खफा हैं। उनका मानना है कि पुरानी तहसील परिसर में 1 सितंबर 1994 के आंदोलनकारियों की भावना जुड़ी है।
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इस स्थान पर दो बार शहीद स्थल के लिए भूमि पूजन भी हुआ है। विधायक पुष्कर सिंह धामी ने भूमि पूजन के साथ ही विधायक निधि के 5 लाख के बजट से बुनियाद भी डलवाई थी। शहीद स्मारक के लिए स्थान बदलना शहीदों एवं राज्य आंदोलनकारियों की भावना के विपरीत होगा।
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मंगलवार को राज्य आंदोलनकारी कैप्टन शेर सिंह दिगारी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ। इसमें वक्ताओं ने कहा कि पुरानी तहसील परिसर में एक सितंबर 1994 के गोलीकांड में सात आंदोलनकारियों ने अपनी शहादत दी और बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों के रक्त से यह परिसर रक्त रंजित हुआ था। प्रमुख राज्य आंदोलनकारी भगवान जोशी एवं गणेश ठकुराठी ने कहा कि पुरानी तहसील से अन्यत्र शहीद स्मारक निर्माण शहीदों एवं आंदोलनकारियों की भावनाओं का कुठाराघात होगा।
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वरिष्ठ आंदोलनकारी अधिवक्ता गोपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि पुराना तहसील परिसर शहीद स्मारक के रूप में चर्चित है। इस परिसर को आंदोलनकारियों ने अपने रक्त से सींचा है। इस स्थान पर विधायक पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्मारक शिलान्यास कर नींव डाली थी। उन्होंने कहा कि यहां से शहीद स्मारक हटाकर अन्यत्र निर्माण का कड़ा विरोध होगा। उन्होंने तहसील परिसर में नगर पालिका की ओर से डाले जा रहे कूड़ा का भी कड़ा विरोध किया। राज्य आंदोलनकारी जानकी गोस्वामी ने अन्यत्र शहीद स्मारक निर्माण के विरोध में एक सितंबर से धरने की चेतावनी दी है।
पुरानी तहसील परिसर में बने शहीद स्मारक : प्रीतम सिंह
खटीमा। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विधायक प्रीतम सिंह ने मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन देहरादून को पत्र लिखकर तहसील खटीमा के अंतर्गत पूर्ववर्ती सरकारों की ओर से आवंटित भूमि पर प्रस्तावित शहीद स्मारक का मामला रखा। प्रीतम सिंह ने कांग्रेस प्रदेश महामंत्री भुवन कापड़ी द्वारा उठाए गए शहीद स्मारक को पुरानी तहसील के बजाय अंयत्र ले जाने की जानकारी का मामला उठाया।
उन्होंने कहा कि पुरानी तहसील स्थित शहीद स्मारक से हजारों आंदोलनकारियों, शहीदों, राज्य आंदोलनकारियों की भावनाएं जुड़ी हैं। उन्होंने पुराने तहसील परिसर में खटीमा गोलीकांड का हिस्सा बताते हुए कहा कि अन्यत्र निर्माण करना राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना है। उन्होंने शहीद स्मारक की यथास्थिति कायम रखने की अपील की है।
शॉपिंग कांपलेक्स के आगे शहीद पट्टिका के साथ शहीद स्मारक बनाया जाएगा : एसडीएम
खटीमा। पुराने अस्पताल परिसर में शहीद स्मारक के उभरते विरोध के संबंध में एसडीएम निर्मला बिष्ट ने कहा कि पुरानी तहसील परिसर में शॉपिंग कांपलेक्स की नगर पालिका की योजना है। यहां पर पार्किंग, सब्जी मंडी आदि का निर्माण प्रस्तावित है।
एसडीएम ने बताया कि पुरानी तहसील परिसर से शहीद स्मारक हटाने के संबंध में आंदोलनकारी मंच के द्वारा अनापत्ति पत्र दिया था। पुरानी तहसील परिसर में बनने वाले शॉपिंग कांपलेक्स के आगे शहीद पट्टिका के साथ स्मारक बनाया जाएगा। वहीं पुराने अस्पताल परिसर में एनएच की ओर भव्य शहीद स्मारक बनाया जाएगा।

आम सहमति से भव्य शहीद स्मारक का स्थान तय होगा : विधायक धामी
खटीमा। खटीमा में भव्य शहीद स्मारक के स्थान को लेकर उत्पन्न विरोधाभास का आम सहमति से समाधान होगा। विधायक पुष्कर सिंह धामी ने सीएम का आभार जताते हुए कहा कि उनके द्वारा 50 लाख की राशि अवमुक्त की गई। शहीद स्मारक अग्रिम पंक्ति के आंदोलनकारियों की सहमति पर ही पुरानी तहसील अथवा पुराने अस्पताल परिसर में से एक ही स्थान पर बनेगा जिसमें सभी की भावना का सम्मान होगा।
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