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हिमालयी राज्यों की तर्ज पर उत्तराखंड में बने भू-कानून

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 11:51 PM IST
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Political opinion on land Act.
खटीमा में एसडीएम निर्मला बिष्ट को ज्ञापन सौंपते यूकेडी कार्यकर्ता। - फोटो : KHATIMA
यूकेडी ने प्रदेश में हिमाचल की तर्ज पर सख्त भू कानून को लागू करने के साथ ही पुलिस कर्मियों को 4600 रुपये ग्रेड पे देने की मांग की है। उन्होंने छह सूत्री मांगों के लिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कार्यवाही करने की मांग की है। चेताया कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया तो सड़क पर उतरेंगे।
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बृहस्पतिवार को जिलाध्यक्ष आनंद सिंह असगोला की अगुवाई में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने राज्यपाल के नाम ज्ञापन एडीएम उत्तम सिंह चौहान को सौंपा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर सख्त भू कानून, मूल निवास 1950 से लागू कराने, पुलिस कर्मियों को 4600 ग्रेड पे देने का आदेश 15 अगस्त तक कराने, पंतनगर विवि की उपजाऊ कृषि भूमि को किसी भी दशा में बड़े कार्यों के लिए नहीं देने और प्रस्तावित ग्रीन एयरपोर्ट को वर्तमान एयरपोर्ट का विस्तार कर उसी जगह पर बनवाने की मांग की।
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कहा कि पंतनगर विवि को केंद्रीय विवि बनाने का प्रस्ताव निरस्त करने, नजूल भूमि पर मालिकाना देने से पहले नीति बनाने, आपदा पीड़ितों से प्रभावित एवं विस्थापितों को भूमि देने और राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान करते हुए उनकी मांगें पूरी की जाएं। वहां जिला कार्यकारी अध्यक्ष एमसी पांडे, महिला जिलाध्यक्ष कांति भाकुनी, जीवन नेगी, हरीश भट्ट, महावीर कार्की, भूपेश जोशी, भानु प्रताप मेहरा, पुष्पा तिवारी, मंजू जोशी आदि थे।
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यूकेडी ने मांगा उत्तराखंड में भू-कानून
खटीमा/काशीपुर। उत्तराखंड में हिमालयी राज्यों की तर्ज पर भू-कानून की मांग के लिए उक्रांद (यूकेडी) कार्यकर्ताओं ने एसडीएम निर्मला बिष्ट के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश में उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन और भूमि व्यवस्था सुधार अधिनियम 1950 संशोधन अध्यादेश 2018 के जरिये भूमि की खरीद फरोख्त के नियमों को इतना लचीला बना दिया गया है कि कोई भी पूंजीपति प्रदेश में कितनी भी जमीन खरीद सकता है। उन्होंने राज्य में संशोधित कानून को निरस्त कर सशक्त भूमि कानून बनाने की मांग की।

वहां पर राम सिंह धामी, संतोष मेहरोत्रा, अब्दुल फरीद सिद्दीकी, विनोद राजपूत, गोविंद सिंह, प्रदीप गहतोड़ी, सज्जन सिंह पोखरिया, कैलाश भट्ट आदि थे। काशीपुर में उक्रांद के कार्यकारी जिला अध्यक्ष मनोज कुमार डोबरियाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि उत्तराखंड की सीमाओं पर निगरानी बढ़ानी चाहिए। मांग की है कि भारत की सुरक्षा के मद्देनजर उत्तराखंड समेत अन्य प्रदेशों के प्रवासियों और नागरिकों की पहचान के लिए मूल निवास प्रमाणपत्र के लिए 1950 को आधार वर्ष घोषित किया जाए। वहां केंद्रीय संगठन मंत्री हरजाप सिंह, युवा नगर अध्यक्ष सूरज सिंह बिष्ट, रमेश चंद्र त्रिपाठी आदि थे।
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