ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बगैर ठेकेदारों की ओर से कराए जा रहे मनरेगा के कार्यों से खफा ग्राम प्रधानों एवं बीडीसी सदस्यों ने बीडीओ के समक्ष जमकर हंगामा काटा। कहा कि मिट्टी का कार्य छोड़कर मनरेगा के मानकों को अनदेखा कर पक्के कार्य ठेकेदार की ओर से कराए जा रहे हैं। बीडीओ दिनेश चंद्र गुरुरानी ने संबंधित अवर अभियंता को बुलाकर इस तरह के कार्यों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए।
उप ब्लॉक प्रमुख प्रवीण बिष्ट पिंटू की देखरेख में बीडीओ से मिले ग्राम प्रधानों एवं बीडीसी सदस्यों नेे कहा कि उन्हें जनता की ओर से चुना गया है लेकिन ग्राम सभा के कार्यों को मनरेगा के मानकों को ताक पर रखकर ठेकेदारों की ओर से कराया जा रहा है। ठेकेदारों की ओर से रतनपुर में 26 लाख, श्रीपुर विचवा में 28 लाख, वनकटिया में 19 लाख, बिगराबाग में 15 लाख रुपये के कार्य बिना ग्राम प्रधान व बीडीसी सदस्य को विश्वास में लिए जानवरों की खुर्ली, पशुशेड बनाए गए हैं। बीडीओ ने संबंधित जेई को काम पर रोक लगाने और 15 लाख से अधिक के भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। बीडीओ ने चार सदस्यीय कमेटी को मामले की जांच के निर्देश जारी किए है। वहां अनीता देवी, रोशन सिंह, मुुकेश सिंह, कैलाश चंद, माधव चंद, सुरेंद्र प्रसाद, ललिता राणा, हीरा सिंह जेठी, अशोक कुमार, महेंद्र चंद आदि थे।