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सियासी रंजिश और वर्चेस्व को लेकर हुई थी पार्षद धामी की हत्या, एक शूटर गिरफ्तार
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रुद्रपुर कोतवाली पुलिस की हिरासत में हत्यारोपी शूटर।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। पुलिस ने भाजपा समर्थित पार्षद प्रकाश धामी हत्याकांड का 19 दिनों बाद खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार राजनैतिक भविष्य और वर्चस्व संकट के चलते हिस्ट्रीशीटर रहे पूर्व सभासद ने अपने भाई के साथ मिलकर चार लाख रुपये सुपारी देकर अंतर्राज्यीय शूटरों से पार्षद की हत्या कराई थी। एक शूटर को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य साजिशकर्ता समेत छह बदमाश फरार हैं।
एसएसपी डीएस कुंवर ने शनिवार की शाम पत्रकारों को बताया कि 12 अक्तूबर को एक कार में सवार पांच बदमाशों ने पार्षद धामी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड के खुलासे के लिए सात टीमों को लगाया गया था। जांच के दौरान पुलि को पता चला कि भदईपुरा निवासी अपराधी छवि के अन्नू गंगवार और उसका भाई पूर्व सभासद राजेश गंगवार भी धामी से रंजिश रखते थे। 2017 में चुनाव के दौरान राजेश गंगवार पर किशन नेपाली, बृजेश यादव और सोनू मिश्रा ने हमला किया था। प्रकाश धामी की ओर से हमलावरों की पैरवी की जा रही थी। 2017 में ही प्रकाश धामी और राजेश गंगवार के बीच विवाद हो गया। नगर निगम चुनाव में प्रकाश धामी निर्विरोध पार्षद बने तो राजेश गंगवार को सियासी भविष्य की चिंता सताने लगी। इसी से राजेश और अन्नू पार्षद धामी से रंजिश रखने लगे। उन्होंने धामी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और अपने साथी दिनेश शर्मा निवासी सिसैया सितारगंज के साथ मिलकर अन्य राज्यों के पेशेवर शूटरों को पार्षद की हत्या के लिए चार लाख रुपये की सुपारी दी थी। एसएसपी के अनुसार हत्या में शामिल शूटर राजकुमार उर्फ बिट्टू उर्फ अभिषेक निवासी ग्राम बसेरा थाना पिसावा जिला अलीगढ़ यूपी को 30 अक्तूबर को अलीगढ़ के जट्टारी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, तीन कारतूस और एक मोबाइल बरामद किया है। हत्या के बाद बदमाश मुख्य हाईवे के टोल बैरियरों से बचते हुए यूपी भागे थे। इसके बाद राजेश गंगवार व अन्नू गंगवार भी फरार हो गए।
पिसावा थाने का हिस्ट्रीशीटर है राजकुमार
रुद्रपुर। राजकुमार दुर्दांत अपराधी है। वह थाना पिसावा अलीगढ़ का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या का प्रयास, पुलिस मुठभेड़, मादक पदार्थ तस्करी और आर्म्स एक्ट में 11 मुकदमे दर्ज हैं। राजकुमार पर पिसावा थाने में सात, थाना टापा जिला मथुरा में तीन व रुद्रपुर थाने में एक मुकदमा दर्ज हैं।
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कार और हथियारों का साजिशकर्ताओं ने किया था इंतजाम
रुद्रपुर। धामी की हत्या के लिए शूटरों को 10 दिन पहले बरेली बुला लिया गया था। साजिशकर्ता राजेश गंगवार व अन्नू गंगवार ने कार और हथियारों का इंतजाम किया। कार में फर्जी नंबर प्लेट लगाई। एसएसपी ने बताया कि नौ, दस अक्तूबर को शूटरों ने पार्षद के घर की रेकी की। 11 अक्तूबर को उसे मारने की योजना थी लेकिन उस दिन ऐसा नहीं कर सके। 12 अक्तूबर को शूटर दिनेश शर्मा के साथ पार्षद के घर पहुंचे और कागजों में हस्ताक्षर कराने के बहाने पार्षद को गोलियों से भून डाला।
खुलासा करने वाली टीम
सीओ अमित कुमार, कोतवाल नित्यानंद पंत, कोतवाल किच्छा उमेश मलिक, एसओजी प्रभारी संजय पांडे, कोतवाल ललित मोहन जोशी, कोतवाल नरेश चौहान, एसओ आईटीआई विद्यादत्त जोशी, एसओ दिनेशपुर अशोक कुमार, एसएसआई रुद्रपुर कुलदीप अधिकारी, सिडकुल चौकी इंचार्ज अनिल उपाध्याय, एसओजी उपनिरीक्षक अशोक कांडपाल आदि।
बढ़ते दबाव के बीच पुलिस खुलासे में तो नहीं कर गई जल्दबाजी
रुद्रपुर। भाजपा समर्थित पार्षद प्रकाश धामी हत्याकांड को लेकर पुलिस का खुलासा आसानी से गले नहीं उतर रहा है। अभी न तो साजिशकर्ता और न ही मुख्य शूटर पकड़े गए हैं। फरार शूटरों का नाम उजागर नहीं किया गया है। सवाल उठ रहा है कि कहीं बढ़ रहे दबाव के चलते पुलिस खुलासे में जल्दबाजी तो नहीं कर गई है।
सूत्रों के अनुसार शूटर राजकुमार पुलिस की गिरफ्त में ही था लेकिन पुलिस मुख्य साजिशकर्ताओं को पकड़ने तक खुलासे से परहेज कर रही थी।विधायक ठुकराल के करीबी पार्षद धामी की हत्या के खुलासे के लिए पुलिस पर दबाव पड़ रहा था। परिवार ने भी तीन दिन का अल्टीमेट दिया था। चेतावनी के अगले ही दिन पुलिस ने एक शूटर को गिरफ्तार दिखाकर हत्याकांड के खुलासे का दावा कर दिया। संवाद
राजेश व अन्नू भी हिस्ट्रीशीटर
पार्षद की हत्या के लिए शूटरों को चार लाख में सुपारी देने वाले पूर्व सभासद राजेश गंगवार और उसका भाई अन्नू गंगवार रुद्रपुर कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर हैं। राजेश पर चार हत्या के केस, दो बार गैंगस्टर, दो बार धोखाधड़ी समेत 18 केस दर्ज हैं। वहीं अन्नू गंगवार एक हत्या व धोखाधड़ी के चार समेत 14 केस दर्ज हैं।
सांसद के मिलने के साढ़े चार घंटे बाद हुआ खुलासा
रुद्रपुर। पार्षद हत्याकांड के खुलासे को लेकर शनिवार को नैनीताल लोकसभा सीट के सांसद अजय भट्ट भी परिजनों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने मृतक की मां, पत्नी और भाई से मुलाकात की। कहा कि मृतक की पत्नी को किसी सरकारी विभाग में संविदा पर नौकरी में रखा जाएगा। सांसद भट्ट के परिजनों से मिलने के साढ़े चार घंटे बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
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एसएसपी डीएस कुंवर ने शनिवार की शाम पत्रकारों को बताया कि 12 अक्तूबर को एक कार में सवार पांच बदमाशों ने पार्षद धामी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड के खुलासे के लिए सात टीमों को लगाया गया था। जांच के दौरान पुलि को पता चला कि भदईपुरा निवासी अपराधी छवि के अन्नू गंगवार और उसका भाई पूर्व सभासद राजेश गंगवार भी धामी से रंजिश रखते थे। 2017 में चुनाव के दौरान राजेश गंगवार पर किशन नेपाली, बृजेश यादव और सोनू मिश्रा ने हमला किया था। प्रकाश धामी की ओर से हमलावरों की पैरवी की जा रही थी। 2017 में ही प्रकाश धामी और राजेश गंगवार के बीच विवाद हो गया। नगर निगम चुनाव में प्रकाश धामी निर्विरोध पार्षद बने तो राजेश गंगवार को सियासी भविष्य की चिंता सताने लगी। इसी से राजेश और अन्नू पार्षद धामी से रंजिश रखने लगे। उन्होंने धामी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और अपने साथी दिनेश शर्मा निवासी सिसैया सितारगंज के साथ मिलकर अन्य राज्यों के पेशेवर शूटरों को पार्षद की हत्या के लिए चार लाख रुपये की सुपारी दी थी। एसएसपी के अनुसार हत्या में शामिल शूटर राजकुमार उर्फ बिट्टू उर्फ अभिषेक निवासी ग्राम बसेरा थाना पिसावा जिला अलीगढ़ यूपी को 30 अक्तूबर को अलीगढ़ के जट्टारी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, तीन कारतूस और एक मोबाइल बरामद किया है। हत्या के बाद बदमाश मुख्य हाईवे के टोल बैरियरों से बचते हुए यूपी भागे थे। इसके बाद राजेश गंगवार व अन्नू गंगवार भी फरार हो गए।
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पिसावा थाने का हिस्ट्रीशीटर है राजकुमार
रुद्रपुर। राजकुमार दुर्दांत अपराधी है। वह थाना पिसावा अलीगढ़ का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या का प्रयास, पुलिस मुठभेड़, मादक पदार्थ तस्करी और आर्म्स एक्ट में 11 मुकदमे दर्ज हैं। राजकुमार पर पिसावा थाने में सात, थाना टापा जिला मथुरा में तीन व रुद्रपुर थाने में एक मुकदमा दर्ज हैं।
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कार और हथियारों का साजिशकर्ताओं ने किया था इंतजाम
रुद्रपुर। धामी की हत्या के लिए शूटरों को 10 दिन पहले बरेली बुला लिया गया था। साजिशकर्ता राजेश गंगवार व अन्नू गंगवार ने कार और हथियारों का इंतजाम किया। कार में फर्जी नंबर प्लेट लगाई। एसएसपी ने बताया कि नौ, दस अक्तूबर को शूटरों ने पार्षद के घर की रेकी की। 11 अक्तूबर को उसे मारने की योजना थी लेकिन उस दिन ऐसा नहीं कर सके। 12 अक्तूबर को शूटर दिनेश शर्मा के साथ पार्षद के घर पहुंचे और कागजों में हस्ताक्षर कराने के बहाने पार्षद को गोलियों से भून डाला।
खुलासा करने वाली टीम
सीओ अमित कुमार, कोतवाल नित्यानंद पंत, कोतवाल किच्छा उमेश मलिक, एसओजी प्रभारी संजय पांडे, कोतवाल ललित मोहन जोशी, कोतवाल नरेश चौहान, एसओ आईटीआई विद्यादत्त जोशी, एसओ दिनेशपुर अशोक कुमार, एसएसआई रुद्रपुर कुलदीप अधिकारी, सिडकुल चौकी इंचार्ज अनिल उपाध्याय, एसओजी उपनिरीक्षक अशोक कांडपाल आदि।
बढ़ते दबाव के बीच पुलिस खुलासे में तो नहीं कर गई जल्दबाजी
रुद्रपुर। भाजपा समर्थित पार्षद प्रकाश धामी हत्याकांड को लेकर पुलिस का खुलासा आसानी से गले नहीं उतर रहा है। अभी न तो साजिशकर्ता और न ही मुख्य शूटर पकड़े गए हैं। फरार शूटरों का नाम उजागर नहीं किया गया है। सवाल उठ रहा है कि कहीं बढ़ रहे दबाव के चलते पुलिस खुलासे में जल्दबाजी तो नहीं कर गई है।
सूत्रों के अनुसार शूटर राजकुमार पुलिस की गिरफ्त में ही था लेकिन पुलिस मुख्य साजिशकर्ताओं को पकड़ने तक खुलासे से परहेज कर रही थी।विधायक ठुकराल के करीबी पार्षद धामी की हत्या के खुलासे के लिए पुलिस पर दबाव पड़ रहा था। परिवार ने भी तीन दिन का अल्टीमेट दिया था। चेतावनी के अगले ही दिन पुलिस ने एक शूटर को गिरफ्तार दिखाकर हत्याकांड के खुलासे का दावा कर दिया। संवाद
राजेश व अन्नू भी हिस्ट्रीशीटर
पार्षद की हत्या के लिए शूटरों को चार लाख में सुपारी देने वाले पूर्व सभासद राजेश गंगवार और उसका भाई अन्नू गंगवार रुद्रपुर कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर हैं। राजेश पर चार हत्या के केस, दो बार गैंगस्टर, दो बार धोखाधड़ी समेत 18 केस दर्ज हैं। वहीं अन्नू गंगवार एक हत्या व धोखाधड़ी के चार समेत 14 केस दर्ज हैं।
सांसद के मिलने के साढ़े चार घंटे बाद हुआ खुलासा
रुद्रपुर। पार्षद हत्याकांड के खुलासे को लेकर शनिवार को नैनीताल लोकसभा सीट के सांसद अजय भट्ट भी परिजनों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने मृतक की मां, पत्नी और भाई से मुलाकात की। कहा कि मृतक की पत्नी को किसी सरकारी विभाग में संविदा पर नौकरी में रखा जाएगा। सांसद भट्ट के परिजनों से मिलने के साढ़े चार घंटे बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया।