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सीमांत साहित्य उत्सव में साहित्यकारों ने सुनाईं अपनी रचनाएं
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खटीमा में अधीनस्तों की बैठक लेते नायब तहसीलदार यूसुफ अली। संवाद
- फोटो : KHATIMA
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खटीमा। मॉडर्न यूटोपियन सोसायटी की ओर से पांचवें सीमांत साहित्य उत्सव में सोमवार को कार्यक्रमों की धूम रही। इस दौरान संवाद, कबीर वाणी गायन सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
टनकपुर रोड स्थित मंत्रणा स्पोर्ट्स क्लब परिसर में सुबह 10 से शाम छह बजे तक चले कार्यक्रम के पहले सत्र में साहित्यकारों ने पुस्तक चर्चा की। दूसरे सत्र में नेपाल से आए साहित्यकारों ने अपनी बात रखी। हल्द्वानी से आए ब्रिगेडियर डॉ. पीएस भंडारी से ओपी पांडे ने मेडिकल के क्षेत्र में किए जा रहे उनके कामों पर चर्चा की। अशोक पांडे से उनकी तीन किताबों लपूझन्ना, बब्बन कार्बोनेट और तारीख में औरत पर डॉ. कमलेश अटवाल ने संवाद किया।
अगले सत्र में कबीर संवाद के तहत नक्षत्र पांडे ने कबीर वाणी का गायन किया। इस विषय पर महेंद्र प्रताप पांडे और रवि पांडे ने चर्चा की। अंतिम सत्र में अशोक पांडे, प्रो. एनके अग्रवाल ने भाषा और इतिहास की यात्रा पर परिचर्चा की। कविता लेखन प्रतियोगिता में एचएन बहुगुणा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया। अंत में बैठकी होली, थारु होली, कथक नृत्य, नेपाली गीत पेश किए गए। संस्था अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर जोशी, सचिव पूरन बिष्ट आदि ने सभी का आभार जताया।
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हस्तनिर्मित सामग्री के स्टाल रहे आकर्षक
खटीमा। साहित्य उत्सव में हस्तनिर्मित सामग्री के स्टाल आकर्षक का केंद्र रहे। रुद्रपुर से आए दि ट्री बुक्स, थारु हंस सांस्कृतिक जनजाति सेवा समिति रतनपुर, सोच फाउंडेशन चकरपुर ने अपने-अपने स्टाल लगाए।
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टनकपुर रोड स्थित मंत्रणा स्पोर्ट्स क्लब परिसर में सुबह 10 से शाम छह बजे तक चले कार्यक्रम के पहले सत्र में साहित्यकारों ने पुस्तक चर्चा की। दूसरे सत्र में नेपाल से आए साहित्यकारों ने अपनी बात रखी। हल्द्वानी से आए ब्रिगेडियर डॉ. पीएस भंडारी से ओपी पांडे ने मेडिकल के क्षेत्र में किए जा रहे उनके कामों पर चर्चा की। अशोक पांडे से उनकी तीन किताबों लपूझन्ना, बब्बन कार्बोनेट और तारीख में औरत पर डॉ. कमलेश अटवाल ने संवाद किया।
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अगले सत्र में कबीर संवाद के तहत नक्षत्र पांडे ने कबीर वाणी का गायन किया। इस विषय पर महेंद्र प्रताप पांडे और रवि पांडे ने चर्चा की। अंतिम सत्र में अशोक पांडे, प्रो. एनके अग्रवाल ने भाषा और इतिहास की यात्रा पर परिचर्चा की। कविता लेखन प्रतियोगिता में एचएन बहुगुणा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया। अंत में बैठकी होली, थारु होली, कथक नृत्य, नेपाली गीत पेश किए गए। संस्था अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर जोशी, सचिव पूरन बिष्ट आदि ने सभी का आभार जताया।
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हस्तनिर्मित सामग्री के स्टाल रहे आकर्षक
खटीमा। साहित्य उत्सव में हस्तनिर्मित सामग्री के स्टाल आकर्षक का केंद्र रहे। रुद्रपुर से आए दि ट्री बुक्स, थारु हंस सांस्कृतिक जनजाति सेवा समिति रतनपुर, सोच फाउंडेशन चकरपुर ने अपने-अपने स्टाल लगाए।

खटीमा में सीमांत साहित्य उत्सव में बैठकी होली गायन करते स्कूली बच्चे। संवाद- फोटो : KHATIMA

खटीमा में सीमांत साहित्य उत्सव में नेपाल से आए साहित्यकारों को सम्मानित करते सोसायटी पदाधिकारी?- फोटो : KHATIMA