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Udham Singh Nagar News: इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट मीटर से बढ़कर आ रहा बिल
Sun, 13 Jul 2025 12:38 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 13 Jul 2025 12:38 AM IST
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गदरपुर। ऊर्जा निगम की ओर से लगाए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट मीटर से भारी भरकम बिल मिलने पर उद्यमियों ने इनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा किया है।
ग्राम पिपलिया नंबर एक स्थित अनहद इंडस्ट्री को इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट मीटर लगाने के बाद लाखों रुपये का बिल भेजा है। अनहद इंडस्ट्री के एमडी लवली हुड़िया ने बताया कि पिछले 16 वर्षों से ऊर्जा निगम के उपभोक्ता हैं। ऊर्जा निगम की पहल पर इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट मीटर लगवाया था। पूर्व में जो बिल करीब चार से पांच लाख रुपये मासिक आता था। स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिल अब छह से सात लाख रुपये के बीच में आ रहा है। मई में 7,07,363 रुपये और जून में 6,90,109 रुपये का बिल भेजा है। उन्होंने कहा कि भारी भरकम बिल आने पर उन्होंने यूपीसीएल के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को 16 जून 2025 को पत्र भेज कर इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट मीटर की जांच की मांग की है।
उनका आरोप है कि विभागीय अधिकारी समाधान कराने का आश्वासन देकर जिम्मेदारियों का निर्वाह कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत करने की बात कही है। कहा कि उनकी जैसी स्थिति रेडिकॉल प्लास्टवेक्स और आरएस रोलर फ्लोर मिल की है। कहा कि उन्होंने पूर्व की भांति 20 जून 2025 को करीब पांच लाख रुपये की धनराशि को आंशिक भुगतान के रूप में आरटीजीएस से यूपीसीएल के खाते में भेजा था। इसको एनईएफटी के माध्यम से वापस लौटकर पूर्ण भुगतान किए जाने का दबाव बनाया जा रहा है।
इधर ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि अनहद इंडस्ट्री की ओर से अधिक बिल आने का शिकायती पत्र मिला है। बिल अधिक आने के कारण की जांच के लिए चैक मीटर लगवाया जाएगा। यूपीसीएल के खाते से कोई धनराशि वापस होती है तो उसमें तकनीकी कमी हो सकती है।
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ग्राम पिपलिया नंबर एक स्थित अनहद इंडस्ट्री को इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट मीटर लगाने के बाद लाखों रुपये का बिल भेजा है। अनहद इंडस्ट्री के एमडी लवली हुड़िया ने बताया कि पिछले 16 वर्षों से ऊर्जा निगम के उपभोक्ता हैं। ऊर्जा निगम की पहल पर इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट मीटर लगवाया था। पूर्व में जो बिल करीब चार से पांच लाख रुपये मासिक आता था। स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिल अब छह से सात लाख रुपये के बीच में आ रहा है। मई में 7,07,363 रुपये और जून में 6,90,109 रुपये का बिल भेजा है। उन्होंने कहा कि भारी भरकम बिल आने पर उन्होंने यूपीसीएल के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को 16 जून 2025 को पत्र भेज कर इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट मीटर की जांच की मांग की है।
उनका आरोप है कि विभागीय अधिकारी समाधान कराने का आश्वासन देकर जिम्मेदारियों का निर्वाह कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत करने की बात कही है। कहा कि उनकी जैसी स्थिति रेडिकॉल प्लास्टवेक्स और आरएस रोलर फ्लोर मिल की है। कहा कि उन्होंने पूर्व की भांति 20 जून 2025 को करीब पांच लाख रुपये की धनराशि को आंशिक भुगतान के रूप में आरटीजीएस से यूपीसीएल के खाते में भेजा था। इसको एनईएफटी के माध्यम से वापस लौटकर पूर्ण भुगतान किए जाने का दबाव बनाया जा रहा है।
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इधर ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि अनहद इंडस्ट्री की ओर से अधिक बिल आने का शिकायती पत्र मिला है। बिल अधिक आने के कारण की जांच के लिए चैक मीटर लगवाया जाएगा। यूपीसीएल के खाते से कोई धनराशि वापस होती है तो उसमें तकनीकी कमी हो सकती है।
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