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Udham Singh Nagar News: यूट्यूब और ट्यूशन से पढ़कर पाठ्यक्रम समझ रहीं छात्राएं
Mon, 17 Feb 2025 12:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 17 Feb 2025 12:09 AM IST
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काशीपुर। जीजीआईसी काशीपुर में प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों के रिक्त पद नहीं भरने के कारण बोर्ड परिणाम पर विपरीत प्रभाव देखने के लिए मिल सकता है। इस दौरान छात्राएं यू-ट्यूब और ट्यूशन पढ़कर पाठ्यक्रम समझने में लगी हैं।
जीजीआईसी में 17 प्रवक्ता के पद स्वीकृत हैं। इनमें से आठ पद भरे हुए हैं जबकि अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान आदि के नौ पद रिक्त चल रहे हैं।
अंग्रेजी, भौतिक, गृह विज्ञान, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र के अतिथि शिक्षक तैनात हैं। इसके अलावा स्वीकृत 25 सहायक अध्यापकों में से विज्ञान, सामान्य विज्ञान, गृह विज्ञान, व्यायाम, हिंदी, संस्कृत, गृह विज्ञान आदि आठ पद खाली चल रहे हैं। व्यायाम, हिंदी, संस्कृत, गृह विज्ञान, हिंदी के अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। लंबे समय से खाली पद नहीं भरने के कारण हर साल बोर्ड परिणाम पर असर पड़ता आ रहा है।
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हालांकि बीते सत्र में एक छात्रा ने पहली बार मैरिट में जगह बनाई थी। महत्वपूर्ण विषयों के पद रिक्त होने से गेस्ट टीचर कुछ पाठ्यक्रम तो करा दे रहे हैं लेकिन शेष के लिए अधिकांश छात्राएं टयूशन, यू-ट्यूब का सहारा लेने के लिए मजबूर हैं। सीईओ कुंवर सिंह रावत ने बताया कि निदेशालय से प्रवक्ता और एलटी पदों पर नियुक्ति होती है। गेस्ट टीचरों की डिमांड की गई है।
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जीजीआईसी में 17 प्रवक्ता के पद स्वीकृत हैं। इनमें से आठ पद भरे हुए हैं जबकि अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान आदि के नौ पद रिक्त चल रहे हैं।
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अंग्रेजी, भौतिक, गृह विज्ञान, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र के अतिथि शिक्षक तैनात हैं। इसके अलावा स्वीकृत 25 सहायक अध्यापकों में से विज्ञान, सामान्य विज्ञान, गृह विज्ञान, व्यायाम, हिंदी, संस्कृत, गृह विज्ञान आदि आठ पद खाली चल रहे हैं। व्यायाम, हिंदी, संस्कृत, गृह विज्ञान, हिंदी के अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। लंबे समय से खाली पद नहीं भरने के कारण हर साल बोर्ड परिणाम पर असर पड़ता आ रहा है।
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हालांकि बीते सत्र में एक छात्रा ने पहली बार मैरिट में जगह बनाई थी। महत्वपूर्ण विषयों के पद रिक्त होने से गेस्ट टीचर कुछ पाठ्यक्रम तो करा दे रहे हैं लेकिन शेष के लिए अधिकांश छात्राएं टयूशन, यू-ट्यूब का सहारा लेने के लिए मजबूर हैं। सीईओ कुंवर सिंह रावत ने बताया कि निदेशालय से प्रवक्ता और एलटी पदों पर नियुक्ति होती है। गेस्ट टीचरों की डिमांड की गई है।