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कलक्ट्रेट परिसर में तीन एकड़ खाली पड़ी जमीन पर पार्क बनाने की कवायद
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रुद्रपुर कलक्ट्रेट परिसर में खाली पड़े भूखंड में प्रस्तावित है पार्क।
- फोटो : RUDRAPUR
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कलक्ट्रेट परिसर में कर्मचारियों के आवासीय भवनों के पास खाली पड़ी तीन एकड़ जमीन को ‘प्लांटेशन इन कम्यूनिटी एरिया’ के तहत विकसित करने की कवायद की जा रही है। इसके तहत फुलवारी, बच्चों के लिए झूले, बैंच सहित अन्य कार्य कराए जाएंगे। जिला प्रशासन ने इसके लिए इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड को प्रस्ताव भेजकर सीएसआर के तहत 50 लाख रुपये की धनराशि मांगी गई है।
दरअसल, कलक्ट्रेट परिसर में कलक्ट्रेट कार्यालय, विकास भवन, मंडी निदेशालय, बीएसएनएल, आबकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय कार्यालयों के साथ ही विभागीय कर्मचारियों के आवास भी हैं, लेकिन परिसर में बच्चों के खेलने और मॉर्निंग, ईवनिंग वॉक के लिए पार्क नहीं है।
परिसर में पार्क विकसित करने को लेकर कर्मचारी मांग भी कर चुके हैं। जिसके तहत अब सरकारी कार्यालयों और मंडी परिषद के आवासीय भवनों के बीच खाली पड़ी तीन एकड़ जमीन को पार्क के रूप में विकसित करने का खाका तैयार किया गया है। इसके तहत जमीन का समतलीकरण, ग्रास लॉन का निर्माण, पौधारोपण, फुलवारी का निर्माण, बैठने के लिए बैंच, बच्चों के झूले लगाए जाएंगे। इसके अलावा मैदान के चारों तरफ इंटर लॉकिंग टाइल्स से पेवमेंटर निर्माण, छोटे शेड का निर्माण करने के साथ ही माली की व्यवस्था भी होगी।
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खाली पड़े भूखंड को पार्क के रूप में विकसित करने की योजना है। इस पर करीब 50 लाख रुपये का खर्च आएगा। भूखंड विकसित होने के बाद इसका प्रयोग लोग सुबह और शाम भ्रमण और बच्चे खेलने के लिए कर सकेंगे। सीएसआर के तहत बजट के लिए आईओसीएल के वरिष्ठ प्रबंधक को प्रस्ताव भेजा गया है।
रंजना राजगुरू, डीएम
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दरअसल, कलक्ट्रेट परिसर में कलक्ट्रेट कार्यालय, विकास भवन, मंडी निदेशालय, बीएसएनएल, आबकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय कार्यालयों के साथ ही विभागीय कर्मचारियों के आवास भी हैं, लेकिन परिसर में बच्चों के खेलने और मॉर्निंग, ईवनिंग वॉक के लिए पार्क नहीं है।
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परिसर में पार्क विकसित करने को लेकर कर्मचारी मांग भी कर चुके हैं। जिसके तहत अब सरकारी कार्यालयों और मंडी परिषद के आवासीय भवनों के बीच खाली पड़ी तीन एकड़ जमीन को पार्क के रूप में विकसित करने का खाका तैयार किया गया है। इसके तहत जमीन का समतलीकरण, ग्रास लॉन का निर्माण, पौधारोपण, फुलवारी का निर्माण, बैठने के लिए बैंच, बच्चों के झूले लगाए जाएंगे। इसके अलावा मैदान के चारों तरफ इंटर लॉकिंग टाइल्स से पेवमेंटर निर्माण, छोटे शेड का निर्माण करने के साथ ही माली की व्यवस्था भी होगी।
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खाली पड़े भूखंड को पार्क के रूप में विकसित करने की योजना है। इस पर करीब 50 लाख रुपये का खर्च आएगा। भूखंड विकसित होने के बाद इसका प्रयोग लोग सुबह और शाम भ्रमण और बच्चे खेलने के लिए कर सकेंगे। सीएसआर के तहत बजट के लिए आईओसीएल के वरिष्ठ प्रबंधक को प्रस्ताव भेजा गया है।
रंजना राजगुरू, डीएम