{"_id":"576ec9034f1c1be763b48d07","slug":"papers-to-avoid-flooding-arrangements","type":"story","status":"publish","title_hn":"कागजों में ही बाढ़ से बचने के इंतजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कागजों में ही बाढ़ से बचने के इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो ऊधमसिंह नगर
Updated Sat, 25 Jun 2016 11:40 PM IST
विज्ञापन
कार्यालय
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मानसून दस्तक दे चुका है। कोसी नदी परिसर में खनन चुगान करने वाले मजदूरों की झोपड़ियों को अभी तक नहीं हटाया गया है। ऐसे बाढ़ आने पर किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि राजस्व विभाग ने सात बाढ़ चौकियां गठित की हैं। गांव जोगीपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बनाई गई बाढ़ चौकी पर ताला ही लटका है। यहां कोई कर्मचारी भी नहीं मिला। ग्रामीण बताते हैं कि बाढ़ चौकियों पर तैराकी उपकरण सहित अन्य पुख्ता इंतजाम भी नहीं हैं।
बता दें कि डीएम डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने 15 जून से नदियों में होने वाले खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था। डीएम के आदेश पर राजस्व विभाग ने कोसी नदी के खनन घाटों को जाने वाले रास्तों को खुदवाया। पूरब दिशा में नदी किनारे मजदूरों की झोपड़ियों को ट्रैक्टर सहित अन्य वाहनों से ध्वस्त कर दिया। लेकिन राजस्व और पुलिस विभाग ने कोसी नदी के पार इलाके क्षेत्र की झोपड़ियों की तरफ से ध्यान नहीं दिया। कोसी नदी पार क्षेत्र में रामजीवनपुर से लेकर जोगीपुरा, बैंतखेड़ी तक तमाम झोपड़ियां ज्यों की त्यों पड़ी है। जिनमें परिवार निवास कर रहे हैं। जानवर भी झोपड़ियों के आगे बंधे हैं। सूत्र बताते हैं कि कुछ प्रभावशाली माफियाओं के घाटों पर रात के अंधरे में अवैध खनन हो रहा है। इन्हीं घाटों के ईर्द गिर्द मजदूरों की झोपड़ियों को नहीं हटाया गया है।
विज्ञापन
शिफ्ट करने की परिधि में कोई आबादी नहीं
बाजपुर। तहसीलदार सुदेश चंद ने बताया कि तहसील क्षेत्र में कोसी सहित अन्य नदियों की बाढ़ की चपेट में आने वाले गांवों को चिन्हित किया गया है। लेकिन ऐसे किसी गांव की कोई कालोनी नहीं है जिसे शिफ्ट किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर बाजपुर क्षेत्र में स्कूल और धर्मशाला सुल्तानपुर पट्टी में धर्मशाला को वैकल्पिक रूप से सुरक्षित रखा गया है। दो साल पहले भी कोसी नदी से जल संस्थान की चारदीवारी की अपनी चपेट में ले लिया साथ ही कृषि भूमि का भारी कटाव हुआ था। जोगीपुरा क्षेत्र में कटाव स्थल पर पत्थर की पिचिंग कराई गई है।
विज्ञापन
बाढ़ चौकियों पर लापरवाही सहन नहीं : एसडीएम
बाजपुर। उपजिलाधिकारी पीएस राणा ने बताया कि कोसी नदी किनारे मजदूरों की झोपड़ियों का ध्वस्त कर दिया गया है। कोसी पार क्षेत्र में अगर झोपड़ियां रही हैं तो उन्हे सोमवार तक पूर्णतया हटा दिया जाएगा। बाढ़ की संभावना को लेकर चौकियों पर तैनात कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाढ़ पर पुलिस भी रखेगी नजर
बाजपुर। नवनियुक्त कोतवाल बीएस धौनी ने बताया कि एसएससपी के निर्देश पर बाढ़ क्षेत्र चिन्हित कर पुलिस बाढ़ चौकियों गठित की जा रही है।