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नानकमत्ता में तेंदुए का आतंक
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज।
Updated Tue, 15 Aug 2017 12:35 AM IST
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नानकमत्ता में जगली जानवर के पंजो के निशान उठाते वन कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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पचपेड़ा गांव में तीन दिन पूर्व ग्रामीणों द्वारा गन्ने के खेत में तेंदुआ देखने के बाद से जहां ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं, खेत में जंगली जानवर के पंजों के निशान मिलने से ग्रामीण अब और सहम गए हैं। सूचना के तीन दिन बाद सितारगंज के बाराकोली रेंज से पहुंचे दो वन कर्मियो ने ग्राम प्रधान और ग्रामीणों की मौजूदगी में खेत से जंगली जानवर के पंजों के निशान लिए।
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बता दें कि बीते शनिवार की शाम करीब छह बजे ग्राम पचपेड़ा निवासी बेअंत कौर अपनी दो पुत्रियों के साथ घर से कुछ दूरी पर ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह करनावल के खेत से जानवरों के लिए चारा काट रही थीं। महिला का कहना है कि तभी पास स्थित गन्ने के खेत से अचानक तेंदुआ निकला और उनकी ओर दहाड़ता हुआ गन्ने के खेत में घुस गया।
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महिला ने बताया की किसी तरह वह अपनी पुत्रियोें के साथ वहां से भाग निकली। गांव में बाघ की आवाजाही की सूचना पर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सोमवार को सितारगंज के बाराकोली रेंज के डिप्टी रेंजर दीप मेहरा, वन दरोगा एन एस नेगी के साथ ग्राम पचपेड़ा पहुंचे। उन्होंने खेत से जंगली जानवर के पंजों के निशान के नमूने लिए हैं। अभी यह पुष्टि नहीं की जा सकी है कि यह किस जानवर के पंजे हैं।
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