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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Paddy being kept open in the absence of rice mills

राइस मिलें आवंटित न होने से खुले में रखा जा रहा धान

Wed, 17 Oct 2018 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो 
अमर उजाला ब्यूरो  Updated Wed, 17 Oct 2018 12:38 AM IST
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धान खरीद शुरू होने के 16 दिन बीतने के बावजूद रुद्रपुर ब्लॉक अभी तक धान मिल आवंटित नहीं हुई है। इसके चलते सरकारी क्रय केंद्रों में खरीदा गया धान मंडी शेडों के नीचे या खुले में रखा जा रहा है। क्रय केंद्र प्रभारी भी भंडारण की समस्या को देखते हुए धान खरीदने से कतरा रहे हैं।

इस वर्ष सरकार क्रय केंद्रों और कच्चा आढ़तियों के माध्यम से धान खरीद रही है लेकिन अभी तक रुद्रपुर ब्लॉक में एक भी धान आवंटित नहीं हुई है। रुद्रपुर ब्लॉक में मंगलवार को तक करीब 28,000 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। लेकिन मिलें आवंटित न होने और गोदामों के अभाव के कारण इस खरीदे गये धान को खुले में रखा जा रहा है। इससे धान की गुणवत्ता खराब होने की आशंका है।
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मंगलवार को रुद्रपुर ब्लॉक के बंडिया, देवरिया और मिलक क्रय केंद्रों पर करीब 780 क्विंटल धान खरीदा गया। इस धान को मजबूरी में खुले और मंडी शेड के नीचे रखना पड़ा। जबकि इससे पहले करीब दो हजार क्विंटल धान को भी खुले में रखा गया। दरअसल, मिलें आवंटित न होने से क्रय केंद्र प्रभारी खरीदे गये धान को मिलों को नहीं भेज पा रहे हैं।
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इस संबंध में आरएफसी कुमाऊं ने कहा कि मिलें आवंटित करवाने की जिम्मेदारी डिप्टी आरएमओ वेदप्रकाश धुलिया को दिया गया है। डिप्टी आरएमओ धुलिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन बंद आया। उधर, मंडी सचिव आशा गोस्वामी ने बताया कि गल्ला मंडी में मंगलवार को आढ़तियों ने करीब ढाई हजार क्विंटल धान खरीदा गया। 

उधर काशीपुर में भी खबर लिखे जाने तक किसी भी राइस मिल को धान खरीद केंद्र आवंटित नहीं हुए है। मार्केटिंग अधिकारी रविराज ने बताया कि अब तक राइस मिलो को धान खरीद केंद्र एलॉट नहीं हुए हैं। एडीओ सहकारिता संजय मुयाल ने बताया कि आज शाम तक मिलों को केंद्र एलॉट होने की चर्चा है। काशीपुर तहसील क्षेत्र में सहकारिता के नौ कांटों पर कुल 900 क्विंटल और मार्केटिंग के अकेले एक कांटे पर 600 क्विंटल धान खरीदा गया है। 
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तौल केंद्रों पर धान खरीद को लेकर एसडीएम को घेरा
बाजपुर। मंडी समिति स्थित एसएमआई तौल केंद्र पर मंगलवार को भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा के नेतृत्व में किसानों ने खरीद नहीं होने पर हंगामा किया। किसानों ने मंडी में केंद्र पर धरना देने की धमकी दी। सूचना पर पहुंचे एसडीएम विवेक प्रकाश को किसानों ने घेर लिया। एसडीएम ने बताया कि भारत राइस मिल, गर्ग एग्रो सीड्स, रोहित राइस मिल, श्री लक्ष्मी राइस मिल धान तौल केंद्रों को आवंटन हो चुकी हैं।  हल्द्वानी से पहुंचे आरएमओ वेद प्रताप धूलिया ने राइस मिल स्वामियों की बैठक कर धान का केंद्रों से उठान कराने के लिए बातचीत की। वहां विजेंद्र डोगरा, विक्रम कपूर, अजीत सिंह, ब्रह्मागर्ग, सतपाल, दर्शन गोयल, श्याम सुंदर लाल,अरुण कुमार आदि थे। 
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धान बीज फसल को जल भराव से हुआ नुकसान
खटीमा। मानसूनी बरसात की मार स्थानीय राजकीय कृषि फार्म में पहाड़ के किसानों के लिए तैयार किए जा रहे धान के बीज पर भी पड़ी है। करीब चार हेक्टेयर में पानी निकासी न होने से बीएल-65 व बीएल-85 के बीज खराब होने का मामला सामने आया है। प्रक्षेत्र अधीक्षक देवनाथ यादव ने बताया कि करीब 75 कुंतल बीज उत्पादन में इसका प्रभाव पड़ा है। रिपोर्ट जिला मुख्य कृषि अधिकारी को भेज दी है।  
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नमी के अनुसार होगी वजन में कटौती         
खटीमा। भारतीय किसान यूनियन की पहल पर दूसरे दिन भी कृषि उत्पादन मंडी समिति में हरियाणा और पंजाब पैटर्न पर धान खरीदा गया।
मंडी सचिव डीएस बिष्ट ने बताया कि धान में नमी के अनुसार वजन में कटौती की जाएगी। उन्होंने बताया कि 18 फीसदी नमी पर प्रति क्विंटल दो किलो, 19 फीसदी पर साढ़े तीन किलो, 20 फीसदी पर पांच किलो प्रति क्विंटल कटौती कर धान खरीदने की सरकारी योजना है। धान खरीद व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए इस बार प्रशासक मंडी समिति एसडीएम शुक्ल ने धान से कूड़ा अलग करने के लिए 31 आधुनिक पंखे मंगाए थे, जिनमें से 10 पंखे मिल चुके हैं। एसडीएम विजयनाथ शुक्ल की देखरेख में मंगलवार को 26 ट्रॉली धान खरीदा गया।   मंडी परिसर में मार्केटिंग विभाग के खरीद केंद्र पर मंगलवार को 80 क्विंटल धान खरीदा गया। तराई विकास संघ के सेंटर पर अभी सन्नाटा पसरा है। वहां एसएमआई चंद्रशेखर आर्य, एमआई ललित मोहन ओली, भाकियू ब्लाक अध्यक्ष गुरसेवक सिंह, उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह आदि थे।

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किसानों के प्रति गंभीर नहीं प्रदेश सरकार : रावत
बाजपुर। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की फसलों का निर्धारित मूल्य नहीं दिलवा पा रही है। किसानों का गन्ना भुगतान बकाया है। सरकारी केंद्रों पर धान खरीद नहीं होने से किसान औने पौने दामों में फसल बेचने को मजबूर है। कहा कि सरकार सहकारी चीनी मिलों को प्राइवेट हाथों में देने की योजना बना रही है। कांग्रेस चीनी मिलों को प्राइवेट हाथों में देने का कड़ी विरोध करेगी। इससे पूर्व मंगलवार को काशीपुर डिग्री कालेज के छात्रसंघ अध्यक्ष सार्थक अरोरा के केलाखेड़ा स्थित आवास पर पूर्व सीएम रावत के पहुंचने पर छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। वहां सुभाष बेहड़, सतीश सुधा, संदीप अरोरा, यशदेव शर्मा, अमीचंद सुधा, प्रेमप्रकाश कालरा, प्रेमानंद महाजन, सुभाष अरोरा, टेकचंद कंबोज आदि थे।

 

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