{"_id":"626c367a6b625b174564e455","slug":"oxizen-gas-plant-closed-in-kashipur-kashipur-news-hld461054521","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की चौथी लहर की आहट, स्वास्थ्य महकमा बेखबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना की चौथी लहर की आहट, स्वास्थ्य महकमा बेखबर
विज्ञापन
काशीपुर के सरकारी अस्पताल में बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद
- फोटो : KASHIPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशीपुर। कोरोना संक्रमण की चौथी लहर ने दस्तक दे दी है, बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के अफसर बेखबर हैं। जिले के नौ सरकारी अस्पतालों में बीते वर्ष स्थापित किए गए ऑक्सीजन प्लांट कर्मचारी नहीं होने के चलते बंद पड़े हैं। ऐसे में ऑक्सीजन सिलिंडरों से काम चलाना पड़ रहा है
कोरोना संक्रमण के दौरान लोगों में ऑक्सीजन कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग को बीते वर्ष में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। तब अधिकांश सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडरों से काम चलाया जा रहा था। शासन-प्रशासन ने इस समस्या से निजात पाने के लिए जिले के नौ सरकारी अस्पतालों में वर्ष 2021 में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के साथ सभी अस्पताल में बैड तक ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछवाई थी। काशीपुर के एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में भी 500 एलपीएम क्षमता के ऑक्सीजन संयत्र को 23 जुलाई 2021 को स्थापित किया था, लेकिन 31 मार्च 2022 को संविदा पर तैनात कर्मियों का अनुबंध समाप्त होने के बाद अधिकांश ऑक्सीजन प्लांट बंद हो गए। जानकारी के मुताबिक काशीपुर व जसपुर में एक ही कर्मचारी दोनों ऑक्सीजन प्लांट की देखरेख कर रहा है। वहीं अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने से आम रोगियों, जिनको ऑक्सीजन की जरुरत हो रही थी, उन्हें इससे पूर्ति की जा रही थी, लेकिन अब बीती एक अप्रैल से समस्या खड़ी हो गई है। अब ऑक्सीजन सिलेंडर से काम चलाना पड़ रहा है।
न फिजिशियन और श्वांस रोग विशेषज्ञ, कैसे होगा संक्रमितों का इलाज
काशीपुर। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए कोविड वार्ड के साथ ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो चुका है, लेकिन अस्पताल में लंबे समय से फिजिशियन और श्वांस रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमितों का कैसे इलाज होगा, इसके जवाब अस्पताल प्रशासन के पास नहीं हैं।
विज्ञापन
सरकारी अस्पतालों में लगे अधिकांश ऑक्सीजन प्लांट वर्तमान में कर्मचारियों के नहीं होने से बंद हैं। जिलाधिकारी व मेरे द्वारा बीते महीने से ऑक्सीजन प्लांट पर कर्मचारियों की तैनाती को पत्राचार किया जा रहा है, क्योंकि जो कर्मचारी तैनात थे उनका अनुबंध 31 मार्च को खत्म हो चुका है। उम्मीद है जल्दी ही समस्या का समाधान हो जाएगा। - डॉ. सुनीता रतूड़ी, सीएमओ, जिला ऊधमसिंह नगर।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण के दौरान लोगों में ऑक्सीजन कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग को बीते वर्ष में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। तब अधिकांश सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडरों से काम चलाया जा रहा था। शासन-प्रशासन ने इस समस्या से निजात पाने के लिए जिले के नौ सरकारी अस्पतालों में वर्ष 2021 में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के साथ सभी अस्पताल में बैड तक ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछवाई थी। काशीपुर के एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में भी 500 एलपीएम क्षमता के ऑक्सीजन संयत्र को 23 जुलाई 2021 को स्थापित किया था, लेकिन 31 मार्च 2022 को संविदा पर तैनात कर्मियों का अनुबंध समाप्त होने के बाद अधिकांश ऑक्सीजन प्लांट बंद हो गए। जानकारी के मुताबिक काशीपुर व जसपुर में एक ही कर्मचारी दोनों ऑक्सीजन प्लांट की देखरेख कर रहा है। वहीं अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने से आम रोगियों, जिनको ऑक्सीजन की जरुरत हो रही थी, उन्हें इससे पूर्ति की जा रही थी, लेकिन अब बीती एक अप्रैल से समस्या खड़ी हो गई है। अब ऑक्सीजन सिलेंडर से काम चलाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
न फिजिशियन और श्वांस रोग विशेषज्ञ, कैसे होगा संक्रमितों का इलाज
काशीपुर। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए कोविड वार्ड के साथ ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो चुका है, लेकिन अस्पताल में लंबे समय से फिजिशियन और श्वांस रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमितों का कैसे इलाज होगा, इसके जवाब अस्पताल प्रशासन के पास नहीं हैं।
विज्ञापन
सरकारी अस्पतालों में लगे अधिकांश ऑक्सीजन प्लांट वर्तमान में कर्मचारियों के नहीं होने से बंद हैं। जिलाधिकारी व मेरे द्वारा बीते महीने से ऑक्सीजन प्लांट पर कर्मचारियों की तैनाती को पत्राचार किया जा रहा है, क्योंकि जो कर्मचारी तैनात थे उनका अनुबंध 31 मार्च को खत्म हो चुका है। उम्मीद है जल्दी ही समस्या का समाधान हो जाएगा। - डॉ. सुनीता रतूड़ी, सीएमओ, जिला ऊधमसिंह नगर।